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सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक नियमित मरीज देख सकेंगे निजी डाक्टर
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निजी चिकित्सक अब अपने नियमित मरीजों को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक देख सकेंगे। मरीजों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने की हिदायत देते हुए डाक्टरों को ओपीडी को सशर्त अनुमति दे दी है। इस दायरे में आईएमए एवं उसके दायरे के बाहर के डाक्टर भी आएंगे। हालांकि हाट स्पॉट एरिया एवं प्रतिबंधित क्षेत्रों के मरीजों के उपचार पर प्रतिबंध भी लगाया है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि इमरजेंसी केसों को कोई डाक्टर नहीं लौटाएगा, ऐसा करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लाक डाउन के दौरान विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोगों के सामने अपनी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं बचा था। लाक डाउन के पहले चरण में ओपीडी पर सख्त पाबंदी के बाद दूसरे चरण के आखिरी दिनों में निजी चिकित्सकों को ओपीडी की छूट दे दी गई है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि इमरजेंसी केसों के अलावा निजी चिकित्सक अपने नियमित मरीजों को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक देख सकेंगे। लेकिन इस दौरान उन्हें अपने चिकित्सालय में सेनेटाइजर मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराना होगा।
यह मिली है सहूलियतें
निजी चिकित्सक सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक कर सकेंगे ओपीडी
इमरजेंसी केसों के अलावा नियमित मरीजों का कर सकेंगे इलाज
यदि उनके क्लीनिक में कम स्पेस है तो लागू करेंगे टोकन सिस्टम
खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों को विवेकानुसार कोरोना टेस्ट का देंगे परामर्श
संदिग्ध मरीजों की तत्काल सीएमओ अथवा जिला प्रशासन को देंगे सूचना
इस दायरे में आईएमए एवं उसके दायरे के बाहर के डाक्टर भी आएंगे
हॉटस्पॉट एरिया के मरीजों के इलाज पर प्रतिबंध
डीएम ने बताया कि हाट स्पॉट एरिया के मरीजों के इलाज पर प्रतिबंध रहेगा। हॉटस्पॉट वाले मरीजों को कोई डाक्टर अटेंड नहीं करेगा। इन क्षेत्रों के मरीजों को टेली मेडिसन व्यवस्था में फोन पर संपर्क कर उनका मर्ज पूछा जाएगा। जरूरत पडऩे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की जाएगी। वाट्सएप पर पर्चा भेजा जाएगा। इस पर्चे को संबंधित मेडिकल स्टोर पर भेजकर मरीज अपने घर पर ही दवा मंगा सकेगा। कोरोना संक्त्रस्मण जैसी स्थिति होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर मरीज को अटैंड करेगी।
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दीनदयाल अस्पताल में भी शुरू होगी ओपीडी
पं.दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय में भी ओपीडी शुरू होगी। इसके लिए यहां स्थापित कोरोना इकाई को बैरीकेट कर अलग कर दिया जाएगा। उसके बाद संभवत बृहस्पतिवार से यहां ओपीडी आरंभ हो जाएगी।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल में कोरोना लॉकडाउन से पहले ओपीडी प्रतिदिन चार हजार की थी। लॉकडाउन में ओपीडी बंद होने से वहां आने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए यहां ओपीडी शुरू कराने का फैसला किया गया है। इसके लिये यहां स्थापित कोरोना यूनिट को बैरीकेटिंग लगवाकर अलग कर दिया जाएगा। शेष अस्पताल में इमरजेंसी एवं नियमित मरीजों का इलाज शुरू करा दिया जाएगा।
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लाक डाउन के दौरान विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोगों के सामने अपनी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं बचा था। लाक डाउन के पहले चरण में ओपीडी पर सख्त पाबंदी के बाद दूसरे चरण के आखिरी दिनों में निजी चिकित्सकों को ओपीडी की छूट दे दी गई है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि इमरजेंसी केसों के अलावा निजी चिकित्सक अपने नियमित मरीजों को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक देख सकेंगे। लेकिन इस दौरान उन्हें अपने चिकित्सालय में सेनेटाइजर मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराना होगा।
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यह मिली है सहूलियतें
निजी चिकित्सक सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक कर सकेंगे ओपीडी
इमरजेंसी केसों के अलावा नियमित मरीजों का कर सकेंगे इलाज
यदि उनके क्लीनिक में कम स्पेस है तो लागू करेंगे टोकन सिस्टम
खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों को विवेकानुसार कोरोना टेस्ट का देंगे परामर्श
संदिग्ध मरीजों की तत्काल सीएमओ अथवा जिला प्रशासन को देंगे सूचना
इस दायरे में आईएमए एवं उसके दायरे के बाहर के डाक्टर भी आएंगे
हॉटस्पॉट एरिया के मरीजों के इलाज पर प्रतिबंध
डीएम ने बताया कि हाट स्पॉट एरिया के मरीजों के इलाज पर प्रतिबंध रहेगा। हॉटस्पॉट वाले मरीजों को कोई डाक्टर अटेंड नहीं करेगा। इन क्षेत्रों के मरीजों को टेली मेडिसन व्यवस्था में फोन पर संपर्क कर उनका मर्ज पूछा जाएगा। जरूरत पडऩे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की जाएगी। वाट्सएप पर पर्चा भेजा जाएगा। इस पर्चे को संबंधित मेडिकल स्टोर पर भेजकर मरीज अपने घर पर ही दवा मंगा सकेगा। कोरोना संक्त्रस्मण जैसी स्थिति होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर मरीज को अटैंड करेगी।
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दीनदयाल अस्पताल में भी शुरू होगी ओपीडी
पं.दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय में भी ओपीडी शुरू होगी। इसके लिए यहां स्थापित कोरोना इकाई को बैरीकेट कर अलग कर दिया जाएगा। उसके बाद संभवत बृहस्पतिवार से यहां ओपीडी आरंभ हो जाएगी।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल में कोरोना लॉकडाउन से पहले ओपीडी प्रतिदिन चार हजार की थी। लॉकडाउन में ओपीडी बंद होने से वहां आने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए यहां ओपीडी शुरू कराने का फैसला किया गया है। इसके लिये यहां स्थापित कोरोना यूनिट को बैरीकेटिंग लगवाकर अलग कर दिया जाएगा। शेष अस्पताल में इमरजेंसी एवं नियमित मरीजों का इलाज शुरू करा दिया जाएगा।