Ramadan: इफ्तार के दस्तरखान के “हुजूर” होते खजूर, कीमतों में उछाल, बिक रहे 150 से लेकर 15000 प्रति किलो
कीमत 150 रुपये से लेकर 15000 हजार रुपये प्रति किलो तक है। कीमिया 300, बराठी 500, अम्बर 1400, जम्बू 500, मरियम 300 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। अच्छे अजवा खजूर की कीमत 2000 रुपये प्रति किलो शुरू होती है।
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रोजे में खजूर की अहमियत बढ़ जाती है। इफ्तार के वक्त दस्तरखान पर खजूर की भूमिका में होता है। खजूर से रोजा खोलने को सुन्नत माना जाता है। इस बार खजूर की कीमतें भी बढ़ी हैं। शहर के ऊपरकोट, जमालपुर, जकरिया मार्केट, दोदपुर, केला नगर, सिविल लाइंस, शाहजमाल सहित अन्य इलाकों में अलग-अलग प्रजाति के खजूर बिक रहे हैं।
इन खजूर की कीमत 150 रुपये से लेकर 15000 हजार रुपये प्रति किलो तक है। खजूर विक्रेता अनस ने बताया कि कीमिया 300, बराठी 500, अम्बर 1400, जम्बू 500, मरियम 300 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। अच्छे अजवा खजूर की कीमत 2000 रुपये प्रति किलो शुरू होती है।
अजवा खजूर सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। दरअसल अजवा खजूर के पेड़ को पैगंबर मोहम्मद साहब ने लगाया था। लोबाना, लुखरी और सगई प्रजाति के भी खजूर हैं।-डॉ. सालेहा जैनी
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खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। बिना आग पर पकी चीजों से रोजा खोलना सुन्नत होता है। इसलिए खजूर को मुफीद माना गया है। पानी से भी रोजा खोला जा सकता है। - मुफ्ती प्रो. जाहिद खान, पूर्व अध्यक्ष, सुन्नी थियोलॉजी विभाग, एएमयू
गुजरात व राजस्थान में खजूर की पैदावार
अनस ने बताया कि मिस्र, इराक, ईरान, सऊदी अरब सहित अन्य देशों में खजूर की पैदावार होती है। भारत के राजस्थान और गुजरात में भी खजूर की पैदावार होती है। भारत में दुबई, कुवैत, ओमान आदि से सबसे ज्यादा खजूर आते हैं। ईरान, अल्जीरिया, दक्षिण अफ्रीका भी खजूर के बड़े उत्पादक हैं।