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मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को कोविड अस्पताल से जोड़ने की तैयारी
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मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को कोविड-19 अस्पताल से जोड़ने की तैयारी चल रही है, ताकि मानसिक विकारों से ग्रस्त कमजोर रोगियों एवं प्रथम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में कोरोना वायरस के जोखिम को कम किया जा सके। इसके साथ ही कोरोना मरीजों को मनोचिकित्सक की सेवा आसानी से हासिल हो सके। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के दौरान मानसिक रोगों के प्रबंधन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसे धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार कार्य करने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। गाइड लाइन ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो कोरोना पॉजिटिव होने के साथ ही आघात या अवसाद से भी पीड़ित है या जो इस महामारी के कारण अवसाद से पीड़ित हो गए हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. खान चंद ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय में उपलब्ध कराने की योजना है। मानसिक रोगी की देखभाल एवं उनके घर तक दवाइयों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जाएगी। मानसिक रोग विभाग की साइकोथैरेपिस्ट डॉ. अंशु एस सोम ने बताया कि मानसिक रोगियों एवं उनकी देखभाल करने वाले लोगों को कोरोना से बचने के लिए केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में आना चाहिए। बुजुर्ग या ऐसे मानसिक रोगी जो ओपीडी तक जाने में असमर्थ हैं, उनके लिए गृह भ्रमण जैसी सेवाएं शुरू की जाएंगी। टेलीमेडिसन सुविधा बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार कार्य करने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। गाइड लाइन ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो कोरोना पॉजिटिव होने के साथ ही आघात या अवसाद से भी पीड़ित है या जो इस महामारी के कारण अवसाद से पीड़ित हो गए हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. खान चंद ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय में उपलब्ध कराने की योजना है। मानसिक रोगी की देखभाल एवं उनके घर तक दवाइयों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जाएगी। मानसिक रोग विभाग की साइकोथैरेपिस्ट डॉ. अंशु एस सोम ने बताया कि मानसिक रोगियों एवं उनकी देखभाल करने वाले लोगों को कोरोना से बचने के लिए केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में आना चाहिए। बुजुर्ग या ऐसे मानसिक रोगी जो ओपीडी तक जाने में असमर्थ हैं, उनके लिए गृह भ्रमण जैसी सेवाएं शुरू की जाएंगी। टेलीमेडिसन सुविधा बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
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