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अलीगढ़ : प्रवीन बाजौता का भाई गिरफ्तार, फूट-फूटकर रोया
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प्रवीण बजौता का प्रदीप।
- फोटो : CITY OFFICE
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अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप हत्याकांड में शूटर प्रवीन बाजौता-जितेंद्र कंजा की गाड़ी चला रहा प्रवीन का भाई प्रदीप भी दबोच लिया गया। वह न्यायालय में हाजिर होने के इरादे से अलीगढ़ आया था, तभी मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस पूछताछ में वह फूट-फूटकर रोया। उसने हत्या के समय पहने कपड़े भी बरामद कराए हैं।
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार 27 दिसंबर को हुई हत्या करने वाले शूटर नीली बलेनो में सवार होकर आए थे। दोनों शूटर तो जेल भेज दिए गए। मगर उनकी गाड़ी चला रहा प्रवीन का तयेरा भाई प्रदीप फरार था। उसको पुलिस तलाश रही थी, इसी बीच खबर मिली कि वह कोर्ट में हाजिर होने की तैयारी में है। इसी खबर पर उसे वकील से मिलने जाते समय भमोला पुल के पास से सिविल लाइंस पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह गांव में था। जिस दिन प्रवीन व जितेंद्र यहां आ रहे थे, तो उसे भी यूं ही कार में बैठा लाए। अलीगढ़ तक जितेंद्र गाड़ी चलाकर लाया। रास्ते में आकर बताया कि किसी को ठिकाने लगाने आए हैं। यह भी कहा था कि चिंता मत कर, तेरा नाम कहीं नहीं आएगा। घटना के समय उसने ड्राइविंग सीट संभाली थी। फिर नंबर प्लेट बदलने के बाद जितेंद्र वापस ड्राइविंग सीट पर आ गया था। रास्ते में पुलिस घेराबंदी के बाद वे फारच्यूनर में सवार होकर मथुरा पहुंचे, जहां उसे उतार दिया गया। इसके बाद वह घर आ गया। उसे कतई उम्मीद न थी कि पुलिस उसके पास आएगी। मगर प्रवीन की रिमांड के बाद जब उसका नाम उजागर हुआ तो वह फरार हो गया।
फूट फूटकर रोते हुए बताया कि पहले भी प्रवीन की वजह से उसका नाम एक लूट में व गैंगेस्टर में आया था। किसी तरह बचा। उसके पिता दरोगा हैं। वह खुद पुलिस भरती की तैयारी कर रहा है। उसने घटना के समय पहने कपड़े भी बरामद कराए हैं। सीओ के अनुसार अभी पूछताछ जारी है। शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल दाखिल किया जाएगा।
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सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार 27 दिसंबर को हुई हत्या करने वाले शूटर नीली बलेनो में सवार होकर आए थे। दोनों शूटर तो जेल भेज दिए गए। मगर उनकी गाड़ी चला रहा प्रवीन का तयेरा भाई प्रदीप फरार था। उसको पुलिस तलाश रही थी, इसी बीच खबर मिली कि वह कोर्ट में हाजिर होने की तैयारी में है। इसी खबर पर उसे वकील से मिलने जाते समय भमोला पुल के पास से सिविल लाइंस पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह गांव में था। जिस दिन प्रवीन व जितेंद्र यहां आ रहे थे, तो उसे भी यूं ही कार में बैठा लाए। अलीगढ़ तक जितेंद्र गाड़ी चलाकर लाया। रास्ते में आकर बताया कि किसी को ठिकाने लगाने आए हैं। यह भी कहा था कि चिंता मत कर, तेरा नाम कहीं नहीं आएगा। घटना के समय उसने ड्राइविंग सीट संभाली थी। फिर नंबर प्लेट बदलने के बाद जितेंद्र वापस ड्राइविंग सीट पर आ गया था। रास्ते में पुलिस घेराबंदी के बाद वे फारच्यूनर में सवार होकर मथुरा पहुंचे, जहां उसे उतार दिया गया। इसके बाद वह घर आ गया। उसे कतई उम्मीद न थी कि पुलिस उसके पास आएगी। मगर प्रवीन की रिमांड के बाद जब उसका नाम उजागर हुआ तो वह फरार हो गया।
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फूट फूटकर रोते हुए बताया कि पहले भी प्रवीन की वजह से उसका नाम एक लूट में व गैंगेस्टर में आया था। किसी तरह बचा। उसके पिता दरोगा हैं। वह खुद पुलिस भरती की तैयारी कर रहा है। उसने घटना के समय पहने कपड़े भी बरामद कराए हैं। सीओ के अनुसार अभी पूछताछ जारी है। शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल दाखिल किया जाएगा।
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