हाथरस जिले के हाथरस जंक्शन के रहने वाले किसान का 410 पैकेट आलू अतरौली के एक शीतगृह में छत गिरने से नष्ट हो गया था। इस मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शीतगृह स्वामी को किसान को आलू की कीमत आदि के भुगतान का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग की तीन सदस्यीय पीठ के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह ने संयुक्त रूप से दिया है।
हाथरस जंक्शन के रघुराज सिंह की ओर से आयोग के समक्ष यह अर्जी दी गई कि उन्होंने आलू के बीज व मोटे आलू का 410 पैकेट अतरौली स्थित उर्मिला आइस एंड कोल्ड स्टोरेज में 2 अप्रैल 2015 को रखा था, जिसका किराया 105 रुपये प्रति पैकेट निर्धारित था। वह 7 अगस्त को आलू लेने गए तो उनसे रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा लिए गए और कहा कि अंदर से अपना आलू निकलवाकर ले जाओ। जब वे अंदर गए तो पाया कि कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने से उनका आलू नष्ट हो गया है। वहां सड़ांध आ रही है। इसके बाद उन्होंने जब शीतगृह मैनेजर के अलावा स्वामी राजीव वार्ष्णेय आदि से बात की तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में इस मामले में आयोग की शरण ली। आयोग के समक्ष शीतगृह की ओर से तर्क रखा गया कि रघुराज ने हस्ताक्षर किए हैं, वे अपना आलू ले गए। मगर साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने आदेश दिया है कि शीतगृह प्रबंधन रघुराज को आलू की कीमत कुल 2 लाख 5 हजार रुपये 9 फीसदी की ब्याज दर से, मानसिक संताप हर्जाना 25 हजार रुपये व वाद व्यय खर्च 10 हजार रुपये का भुगतान करे।