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धनीपुर प्लेन क्रैश: अगर घास की जगह रनवे से टकराता विमान, तो हो सकता था बड़ा हादसा
Tue, 27 Aug 2019 10:07 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 27 Aug 2019 10:07 PM IST
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प्राइवेट जेट प्लेन दुर्घटनाग्रस्त
- फोटो : अमर उजाला
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धनीपुर हवाई पट्टी पर लैंड करते समय प्लेन के क्रैश होने के दौरान सुरक्षित बचीं छह जिंदगियों का साथ सावन की हरियाली ने दिया। प्लेन हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर 150 मीटर आगे जैसी ही रनवे गिरा वहां मौजूद लोगों की सांसे थम गईं। तेज धमाके के साथ का अगला पहिया टूटकर जा गिरा।
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इसके बाद प्लेन तेज रफ्तार में होने के चलते घिसटता चला गया। गनीमत यह रही कि प्लेन के गिरने के दौरान उसके फ्यूल से भरे पंख रनवे की बजाय घास से टकराए। इसके बाद प्लेन घिसटता हुआ रनवे किनारे गीली घास में जा घुसा। बरसात में घास के बड़े और गीली होने के चलते प्लेन अधिक दूरी तक घिसटने के बजाय करीब 400 मीटर दूर ही जाकर रूक गया। इसका फायदा उठाकर उसमें सवार पायलट और तकनीकी टीम के सभी सदस्य एक-एक कर कूद गए।
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सभी सदस्यों के कूदने के दौरान प्लेन में से धुएं का गुबार उठता रहा। हालांकि यह गुबार अगले 10 मिनट में प्लेन के इंजन से निकलती तेज हीट से फ्यूल पंखों में लगी आग के कारण आग का गोला बना गया। दमकल की गाड़ियां करीब नौ बजे पहुंची मगर, तब तक प्लेन पूरी तरह से नष्ट हो चुका था।
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अगर लोग बाहर नहीं निकल पाते तो एक साथ ब्लास्ट होकर छह जिंदगियां निगल सकता था। हादसे के बाद पहुंचे जानकार भी घटना को देखकर हैरान रह गए। जानकारों की माने तो यह प्लेन ड्यूल इंजन वाला था। इसके पंखों में फ्यूल भरा होता है। अगर,घटना के दौरान इसके पंख रनवे से टकरा जाते तो फ्यूल रनवे और पंखों के लोहे के रगड़ने के उठने वाली चिंगारी से आग पकड़ लेता और पल भर में ही तेज ब्लास्ट के साथ प्लेन आग के गोले में तब्दील हो जाता।
गनीमत रही कि ऐसा नहीं हुआ। वरना प्लेन के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का वक्त नहीं मिलता। स्टॉफ की माने तो इस घटना को देखने के बाद कुछ देर तो दिमाग शून्य हो गया और हादसे के बारे में कुछ समझ ही नहीं आया। जब धुएं का गुबार बने प्लेन से एक-एक कर छह लोग दौड़ते हुए निकले तो हर कोई हैरान था। तुरंत एयरबेस पर खड़ी गाड़ियां सभी लोगों को लेने पहुंच गई। उन सभी को रनवे से बिल्डिंग परिसर में लाया गया।
अगले आधा घंटे तक को सुरक्षित निकले सभी लोग कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे। वह हादसे की भयावता को याद कर ही सहम उठ रहे थे। धीरे-धीरे जब उनका साहस बंधाया तो वह सहज स्थिति में आ सके। रनवे पर गिरते ही कई हिस्सों में टूटा प्लेन हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद लाइन को तोड़ते हुए प्लेन रनवे पर आ गिरा। गिरते ही प्लेन का अगला पहिया टूटकर दूर जा गिरा। इसके बाद घिसटने के दौरान प्लेन के अन्य हिस्से भी टूट गए। इसके साथ ही रनवे भी उखड़ गया। प्लेन का इंजन ऑयल रनवे पर करीब तीन सौ मीटर तक फैल गया।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला और डीजीसीए की टीम ने इन सभी टूटे हिस्सों को हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बतौर साक्ष्य सुरक्षित कर दिया है। प्लेन के क्रैश होने की आवाज ग्रामीणों तो एक किलोमीटर तक सुनाई दी। वहीं, कुछ लोग जो उस वक्त अपने खेतों पर काम करने निकले थे। उन्होंने हादसे को अपनी आंखों से देखा तो सहम उठे। महज 20 से 30 मिनट के भीतर आसपास के गांव में प्लेन क्रैश होने की खबर फैल गई।
खबर मिलते ही ग्रामीण धनीपुर हवाई पट्टी पर पहुंच गए। जब वह प्लेन के टूटे हिस्सों को उठाने लगे तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को लाठी के बल पर ग्रामीणों को भगाना पड़ा। इसके बाद एसपी सिटी ने जले हुए प्लेन के पास आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। इसके बाद भी ग्रामीणों का आना जाना दिन भर जारी रहा।