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एएमयू प्रशासन ने हॉस्टल में जबरन घुसने के लिए पुलिस को ठहराया जिम्मेदार, दी तहरीर

Wed, 15 Jan 2020 03:34 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 15 Jan 2020 03:34 PM IST
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Police responsible for beating the students says amu admin
एएमयू - फोटो : अमर उजाला

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 15 दिसंबर 2019 की रात को हुए बवाल और कैंपस में पुलिस के घुसने के मामले में एक महीने बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अफसोस जताया है। वहीं, हॉस्टल में घुसने, तोड़फोड़ व आगजनी और छात्रों को बर्बरतापूर्वक पीटने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।

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प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत भी दी है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से मना करते हुए कहा कि फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद ने यह जानकारी दी है।
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गौरतलब हो कि इस समय हाईकोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम भी बवाल की जांच करने के लिए आई हुई थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना था कि पुलिस को बाब-ए-सैयद से लेकर वीसी लॉज तक रोड को क्लीयर कराने के लिए कहा गया था। मोरिसन कोर्ट हॉस्टल, आफताब हॉल आदि में घुसने और छात्रों के साथ मारपीट करने के लिए नहीं कहा गया था।
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मंगलवार को इस संबंध में एएमयू के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि हॉस्टल में घुसकर तोड़फोड़, आगजनी और छात्रों को मारपीट कर घायल करने के लिए अब पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। 

पहले कहा था- छात्रों व संपत्ति की सुरक्षा के लिए बुलाया था पुलिस को

इससे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना था कि यूनिवर्सिटी छात्रों की और संपत्ति की सुरक्षा के लिए कैंपस में पुलिस को कॉल करना पड़ा था। इसके पीछे तर्क दिया गया कि पहले भी असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन की आड़ में कुलपति लॉज को जलाया था। कैंपस में तोड़फोड़ हुई थी।

विगत में हुई घटनाओं को देखते हुए पुलिस को बुलाने का फैसला छात्रों और विश्वविद्यालय के हित में लिया गया। लेकिन मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने अचानक यू टर्न ले लिया और अब पुलिस के खिलाफ हास्टल में घुसने व छात्रों के साथ मारपीट करने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।

15 दिसंबर की रात हुए बवाल के बाद बाब-ए-सैयद से लेकर वीसी लॉज तक रोड क्लीयर करने के लिए पुलिस को बुलाया गया था। हॉस्टल में घुसकर छात्रों को मारपीट कर घायल करने के लिए नहीं बुलाया गया था।

पुलिस मोरिसन कोर्ट हॉस्टल, आफताब हॉल में घुसी, आगजनी, तोड़फोड़ हुई और छात्रों को मारपीट कर घायल किया। इसके चलते अब विश्वविद्यालय पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है’- प्रो. शाफे, किदवई, एमआईसी, एएमयू 

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