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अलीगढ़ः पुलिस पेंशनर हैकरों के रडार पर, पश्चिम बंगाल-बिहार से ठगी

Fri, 16 Jul 2021 11:55 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:55 PM IST
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Police pensioners on the radar of hackers, cheated from West Bengal-Bihar
अभिषेक शर्मा
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साइबर हैकर ऑनलाइन ठगी के नित-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब यूपी पुलिस के पेंशनर इन हैकरों के रडार पर हैं। आलम यह है कि हर दिन इनके साथ ठगी के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। इसे लेकर खुद डीजीपी स्तर से एडवाइजरी जारी की गई है। इस गैंग की जांच में जुटी साइबर टीमों ने पाया है कि इस गैंग के सदस्य पश्चिम बंगाल और बिहार के पश्चिम चंपारण में बैठकर ठगी कर रहे हैं। ये गैंग गोरखपुर से लेकर गाजियाबाद तक पुलिस पेंशनरों को रडार पर लिए हुए है। हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि जल्द इस गैंग को क्रैकडाउन किया जा सके। पुलिस पेंशनरों को साइबर टीमों द्वारा आगाह किया जा रहा है।
साइबर एक्सपर्ट के रूप में काम साइबर थाने में और साइबर सेल में काम कर रहे इंस्पेक्टर साइबर सेल सुरेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर समर पाल सिंह बताते हैं कि इस अपराध से सिर्फ सावधानी और गोपनीयता से बचा जा सकता है। जरा से लालच या लापरवाही में खाते की जानकारियां शेयर करने पर ठगी का शिकार होने से कोई नहीं बचा जा सकता। उन्होंने स्वीकारा कि इन दिनों पुलिस विभाग से रिटायर होने वाले कर्मचारी खासतौर पर इन ठगों के निशाने पर हैं। पुलिस पेंशनरों संग ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनकी जांच चल रही हैं। अब तक की जांच में यह गैंग पश्चिम बंगाल व बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से ऑपरेट होता पाया गया है। कुछ खाते ऐसे हैं, जिनमें ठगों ने अलीगढ़ से लेकर गोरखपुर तक रुपये ट्रांसफर किए हैं। उन खाता नंबरों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
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पुलिस पेंशनरों के लिए जारी की गई एडवाइजरी--
- संबंधित बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर अपने खाता/एटीएम को तत्काल ब्लॉक कराएं।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 155260 पर कॉल करें।
- अपने संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें।
- अपने जनपद के साइबर सेल/साइबर थाना (एक लाख से अधिक राशि के ठगी के मामले में ) संपर्क कर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
- साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता ही एक प्रमुख उपाय है।
ऐसे बचें
- किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड डिटेल एम यूजर आईडी पासवर्ड शेयर न करें, चाहे वह बैंक कर्मी हो या ट्रेजरी ऑफिसर या अन्य कोई।
- कोई व्यक्ति यदि बातों-बातों में आपसे कोई रिमोट एक्सेस ऐप जैसी क्विक सपोर्ट एनीडेस्क आदि डाउनलोड करने को कहे तो डाउनलोड न करें।
- किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च करके प्रयोग में न लाएं।
- एटीएम से पैसा निकालते समय ध्यान रखें कि कोई दूसरा व्यक्ति आपका एटीएम कार्ड बदल न पाए एवं पैसा निकालने से पूर्व उस मशीन में स्कीमर एवं कैमरा आदि की जांच कर लें ।
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- साइबर हैकरों द्वारा ठगी के जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उनमें प्रयास कर हर संभव रुपये वापस कराए जा रहे हैं। कुछ मामलों में आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि साइबर ठगी से बचने के लिए सदैव सतर्क रहें-दीपक कुमार, डीआईजी
ये चार शिकायतें साइबर थाने में दर्ज--
- एटा निवासी सेवानिवृत्त पुलिस दीवान अमर सिंह के खाते से 49 लाख रुपये उड़ाए गए। इसमें से प्रयास कर 2 लाख वापस कराए।
- पीएसी से सेवानिवृत्त सासनी गेट के पुलिस फालोवर सुरेश चंद्र के खाते से 9 लाख रुपये उड़ाए गए। 1.25 लाख वापस कराए गए।
- कासगंज के रामप्रकाश सेवानिवृत्त दीवान के खाते से 2 लाख रुपये उड़ाए गए। साइबर टीम ने प्रयास कर 50 हजार वापस करा दिए हैं।
- गांधीपार्क के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर रनवीर सिंह के खाते से 7 लाख रुपये उड़ाए गए। इसमें प्रयास के बाद भी रुपये वापसी नहीं हो सकी है।
आज पहुंची पुलिस पेंशनर की ताजा शिकायत
साइबर थाना पहुंचे सांगवान सिटी निवासी सेवानिवृत्त पुलिस अफसर व उनकी कोषाधिकारी बेटी ने बताया कि पिता से पीएफ खाते का विवरण लेकर सामने वाले ने खुद को कोषाधिकारी बताकर 99 हजार रुपये खाते से पार कर दिए। उनकी शिकायत पर साइबर थाना स्तर से रुपये वापसी का प्रयास किया गया। मगर, देर होने के कारण रुपये वापस नहीं हो सके। चूंकि, यह मामला एक लाख रुपये से कम का था। इसलिए इसे साइबर थाने में दर्ज न कर साइबर सेवा केंद्र को ट्रांसफर किया गया है।

ये तथ्य भी जानें
- 128 प्रकरणों में 4 लाख 62 हजार 736 रुपये जनवरी से अब तक साइबर सेवा केंद्र ने वापस कराए।
- 28 प्रकरणों में 10 लाख 23 हजार 467 रुपये अब तक साइबर थाना स्तर से पीड़ितों को वापस कराए।
साइबर सेवा केंद्र कर रहा मदद: एसएसपी
अलीगढ़। एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि साइबर सेवा केंद्र द्वारा लगातार लोगों की मदद की जा रही है। जागरूकता के प्रयास किए जा रहे हैं। शुक्रवार को एक मामले में रुपये वापस कराए गए हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पीड़ित मुन्तहा परवेज निवासी फ्लैट नंबर 101 जहान अपार्टमेंट क्वार्सी ने शिकायत देकर बताया था कि एक जुलाई को उसके खाते से सस्ती यात्रा का ऑफर देकर उसके खाते से 25 हजार रुपये ठग लिए गए। साइबर सेवा केंद्र स्तर से किए गए प्रयास के आधार पर उसके रुपये वापस कराए हैं। इस काम में साइबर सेवा केंद्र के उपनिरीक्षक राकेश कुमार की मेहनत रही है। एसएसपी ने बताया कि साइबर सेवा केंद्र के जरिए जल्द ही जागरूकता अभियान भी शुरू कराया जाएगा।
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