देरी से पहुंची पुलिस, नाराज गांव वालों ने दौड़ाकर पीटा
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‘बिटिया’ ने दरिंदों से बचने को चीख पुकार तो खूब मचाई थी लेकिन उसको मदद नहीं पहुंची। जिस चश्मदीद ने उसकी पुकार सुनी थी वह खुद को अकेेला पाकर उसे बचाने का साहस नहीं कर सका था। हालांकि उसने गांव की दूसरी छात्रा को खतरे की दिशा में आगे बढ़ने रोककर वापस लौटा दिया था। उनकी सूचना पर ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़े। पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस काफी देरी से पहुंची। इस पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और पुलिसकर्मियों को दौड़ाकर पीटा।
वहीं पुलिस को सूचना देने वाले रंजीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा ‘बिटिया’के साथ ही पढ़ता है। सुबह करीब 7:50 बजे वह बरगदपुर के दूधिया के साथ जा रहा था। दूधिया ने सड़क के बराबर पड़ी साइकिल देखी। रंजीत के बेटे ने पहचान लिया कि यह साइकिल ‘बिटिया’ की है। वहां न तो छात्रा थी और नहीं कोई आवाज सुनाई दे रही थी।
छात्र ने पिता रंजीत को फोन कर सूचना दी। रंजीत सिंह ने गांव में इसका हल्ला मचाया ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। रंजीत ने 8:32 पर 100 नंबर सूचना दी। 8:46 पर 05712401047 नंबर से उनको कॉल बैक आई। फोन करने वाले ने बताया कि पुलिस पहुंच रही है। सूचना के घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुुंची।
9 बजकर 21 मिनट पर इंटेलीजेंस से फोन कर यह जानकारी मांगी कि पुलिस पहुंची कि नहीं। इस फोन के काफी देर बाद भी पुलिस नहीं पहंची। पुलिस करीब 11 बजे ही पहुंची।