{"_id":"60b62bc7f91d5d136003e783","slug":"poisonous-liquor-aligarh-police-vandalized-the-liquor-making-base-the-family-of-the-dead-would-get-the-benefit-of-the-family-scheme","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जहरीली शराब कांड: जेल जाने वाले घोषित होंगे माफिया, लगेगा गैंगस्टर एक्ट, प्रावधान के तहत संपत्ति पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहरीली शराब कांड: जेल जाने वाले घोषित होंगे माफिया, लगेगा गैंगस्टर एक्ट, प्रावधान के तहत संपत्ति पर होगी कार्रवाई
Tue, 01 Jun 2021 06:14 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 01 Jun 2021 06:14 PM IST
सार
मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि मृतकों के परिवार को पारिवारिक योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत सभी परिवारों को 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का नियम है।
विज्ञापन
पुलिस ने तोड़े शराब बनाने के अड्डे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जहरीली शराब की सप्लाई कर जिले में दर्जनों मौतों के जिम्मेदार शराब के अवैध धंधेबाजों की पुलिस की ओर से धरपकड़ जारी है। इस मामले में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि मौत के सौदागर अनील चौधरी, सुधीर, ऋषि, मुनीश, ओमवीर उर्फ विपिन यादव, विजेंद्र कपूर व इनके अन्य साथियों को शराब माफिया घोषित किया जाए।
साथ ही इनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाए, जिससे कि इनके द्वारा अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त किया जा सके। इसके लिए उन्होंने एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को जिम्मा सौंपा है। एडीएम प्रशासन ने पुलिस ने सभी अवैध शराब के सौदागरों के नाम आधिकारिक तौर पर लिखा-पढ़ी में मांगे हैं।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शराब कांड में मुकदमों ने नामजदों को छोड़ा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ हर संभव कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इनके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई का आदेश मुख्यमंत्री की ओर से मिल चुका है।
विज्ञापन
उसकी भी लिखा-पढ़ी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा माफिया घोषित करने के साथ ही गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी। आयकर, राजस्व व पुलिस विभाग को इनकी संपत्ति चिन्हांकन का काम सौपा है।
विज्ञापन
साथ ही इनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाए, जिससे कि इनके द्वारा अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त किया जा सके। इसके लिए उन्होंने एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को जिम्मा सौंपा है। एडीएम प्रशासन ने पुलिस ने सभी अवैध शराब के सौदागरों के नाम आधिकारिक तौर पर लिखा-पढ़ी में मांगे हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शराब कांड में मुकदमों ने नामजदों को छोड़ा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ हर संभव कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इनके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई का आदेश मुख्यमंत्री की ओर से मिल चुका है।
विज्ञापन
उसकी भी लिखा-पढ़ी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा माफिया घोषित करने के साथ ही गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी। आयकर, राजस्व व पुलिस विभाग को इनकी संपत्ति चिन्हांकन का काम सौपा है।
मृतकों के परिवार को मिलेगा पारिवारिक योजना का लाभ
जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के प्रकरण में जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया था। इस योजना के तहत ऐसे लोग पात्र होंगे, जिनके नाम पर खेती की जमीन है। मगर, मरने वालों में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके नाम खेती नहीं है।
लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि सभी मृतकों के परिवारों को पारिवारिक योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इस योजना में नियम है कि अगर किसी परिवार के ऐसे व्यक्ति की मौत होती है जो कि उस परिवार का पालन पोषण कर रहा है। उस स्थिति में मृतक के परिवार को 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को इसका प्रभारी बनाया गया है।
जहरीली शराब कांड में मंगलवार शाम पांच बजे तक 87 मौत हो चुकी थीं। इनमें से करीब 35 मृतक ऐसे हैं, जिनके पास खेती की जमीन नहीं है। शहर में हुई मौतों के मामले में तो एक भी मृतक ऐसा नहीं है, जिसके पास खेत हो। अब इन परिवारों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर जिले के विपक्षी नेता पुरजोर कोशिश में लग गए हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक विवेक बंसल, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह सरकार से सभी मृतकों के परिवार वालों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने अब तय किया है कि सभी को पारिवारिक योजना का लाभ दिया जाएगा। एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने बताया कि मृतकों की शराब के चलते मौत होने की पुष्टि होने के बाद योजना का पारिवारिक योजना का लाभ दिया जाएगा।
लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि सभी मृतकों के परिवारों को पारिवारिक योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इस योजना में नियम है कि अगर किसी परिवार के ऐसे व्यक्ति की मौत होती है जो कि उस परिवार का पालन पोषण कर रहा है। उस स्थिति में मृतक के परिवार को 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को इसका प्रभारी बनाया गया है।
जहरीली शराब कांड में मंगलवार शाम पांच बजे तक 87 मौत हो चुकी थीं। इनमें से करीब 35 मृतक ऐसे हैं, जिनके पास खेती की जमीन नहीं है। शहर में हुई मौतों के मामले में तो एक भी मृतक ऐसा नहीं है, जिसके पास खेत हो। अब इन परिवारों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर जिले के विपक्षी नेता पुरजोर कोशिश में लग गए हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक विवेक बंसल, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह सरकार से सभी मृतकों के परिवार वालों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने अब तय किया है कि सभी को पारिवारिक योजना का लाभ दिया जाएगा। एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने बताया कि मृतकों की शराब के चलते मौत होने की पुष्टि होने के बाद योजना का पारिवारिक योजना का लाभ दिया जाएगा।