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फीस जमा करने के बाद भी नहीं बन पा रहे स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस
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संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में लोग इन दिनों फीस जमा करने के बावजूद स्थायी लाइसेंस नहीं बनवा पा रहे हैं। लाइसेंस के लिए 108 सीमित स्लॉट होने के कारण परेशानी हो रही है। जनवरी से लेकर अप्रैल तक 15 हजार शिक्षार्थी लाइसेंस बन चुके हैं। लेकिन सीमित संख्या होने के कारण इन सभी को अगले छह महीने तक स्थायी लाइसेंस के स्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं। इतना ही नहीं, जून तक की अवधि वाले सभी अस्थाई लाइसेंस समय सीमा समाप्त होने के कारण रद्द होने लगे हैं।
स्थिति यह है कि प्रतिदिन 108 आवेदकों को स्थाई लाइसेंस के लिए स्लॉट मिलते हैं। इनमें से सिर्फ 50 फाइलों के ही टेस्ट हो पाते हैं। बाकी या तो पहुंचते नहीं है या फिर वह टेस्ट के कारण अपने स्लॉट की तिथि आगे बढ़वा लेते हैं। ऐसे में शिक्षार्थी लाइसेंस की संख्या अधिक हो गई है और स्थायी के स्लॉट इनके अनुपात में काफी कम। अधिकारियों की मानें तो सितंबर - अक्तूबर तक यही हालात रहेंगे । समय सीमा समाप्त होने पर आवेदक को 300 रुपये की फीस अलग से कटवानी होती है। आवेदक 60 रुपये की अतिरिक्त फीस देकर छह महीने की अवधि बढ़वा सकते हैं। इन दिनों प्रतिदिन 30 लोगों के शिक्षार्थी लाइसेंस की अवधि स्लॉट के अभाव में रद्द हो रही है।
यह बोले अधिकारी
-आवेदक लर्निंग लाइसेंस आधार के जरिए कभी भी बनवा सकते हैं। ऐसे में इनकी संख्या बढ़ गई है। जबकि स्थाई लाइसेंस के लिए प्रतिदिन 45-50 टेस्ट हो रहे हैं। ऐसे में स्थायी लाइसेंस के 108 स्लॉट कम पड़ जाते हैं। सितंबर - अक्तूबर तक यही हालात रहने की संभावना है। -चंपा लाल निगम, संभागीय निरीक्षक (आरआई)।
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-शिक्षार्थी लाइसेंस की अवधि 14 जून है। लेकिन स्थायी लाइसेंस के लिए स्लॉट नहीं मिल रहे हैं। आवेदक अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। - हसन खान, शौकत मंजिल, सिविल लाइंस दोदपुर।
-09 दिसंबर 2021 को शिक्षार्थी लाइसेंस बनवाया था। जिसकी अंतिम तिथि 08 जून 2022 थी। पिछले दो महीने से काफी प्रयास किये। लेकिन स्लॉट नहीं मिल पाया। -यशपाल सिंह, बरौला जाफराबाद अलीगढ़।
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स्थिति यह है कि प्रतिदिन 108 आवेदकों को स्थाई लाइसेंस के लिए स्लॉट मिलते हैं। इनमें से सिर्फ 50 फाइलों के ही टेस्ट हो पाते हैं। बाकी या तो पहुंचते नहीं है या फिर वह टेस्ट के कारण अपने स्लॉट की तिथि आगे बढ़वा लेते हैं। ऐसे में शिक्षार्थी लाइसेंस की संख्या अधिक हो गई है और स्थायी के स्लॉट इनके अनुपात में काफी कम। अधिकारियों की मानें तो सितंबर - अक्तूबर तक यही हालात रहेंगे । समय सीमा समाप्त होने पर आवेदक को 300 रुपये की फीस अलग से कटवानी होती है। आवेदक 60 रुपये की अतिरिक्त फीस देकर छह महीने की अवधि बढ़वा सकते हैं। इन दिनों प्रतिदिन 30 लोगों के शिक्षार्थी लाइसेंस की अवधि स्लॉट के अभाव में रद्द हो रही है।
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यह बोले अधिकारी
-आवेदक लर्निंग लाइसेंस आधार के जरिए कभी भी बनवा सकते हैं। ऐसे में इनकी संख्या बढ़ गई है। जबकि स्थाई लाइसेंस के लिए प्रतिदिन 45-50 टेस्ट हो रहे हैं। ऐसे में स्थायी लाइसेंस के 108 स्लॉट कम पड़ जाते हैं। सितंबर - अक्तूबर तक यही हालात रहने की संभावना है। -चंपा लाल निगम, संभागीय निरीक्षक (आरआई)।
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-शिक्षार्थी लाइसेंस की अवधि 14 जून है। लेकिन स्थायी लाइसेंस के लिए स्लॉट नहीं मिल रहे हैं। आवेदक अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। - हसन खान, शौकत मंजिल, सिविल लाइंस दोदपुर।
-09 दिसंबर 2021 को शिक्षार्थी लाइसेंस बनवाया था। जिसकी अंतिम तिथि 08 जून 2022 थी। पिछले दो महीने से काफी प्रयास किये। लेकिन स्लॉट नहीं मिल पाया। -यशपाल सिंह, बरौला जाफराबाद अलीगढ़।