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कस्बे से गांव तक दवा के लिए भटके लोग
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:55 AM IST
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कस्बे से गांव तक दवा के लिए भटके लोग
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ के दवा व्यापारी पुष्पेंद्र अग्रवाल के हत्यारों की अब तक गिरफ्तारी न होने के विरोध में कस्बे से गांवों तक दवा की दुकानों में शुक्रवार को ताले लटके रहे। सुबह से देर रात तक मरीजों के साथ ही तीमारदार दवाओें के लिए भटकते रहे। दिन में पीएचसी, सीएचसी में मरीजों और तीमारदारों की लंबी लाइनें लगी रहीं। सर्दी, जुकाम, बुखार, दस्त, उल्टी, दर्द आदि छोटी छोटी बीमारियों के लिए जिले भर में लोग परेशान रहे। शुक्रवार देर शाम एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली।
अतरौली प्रतिनिधि के अनुसार देहात क्षेत्र में मेडिकल स्टोर हडताल के चलते बंद रहे। झोलाछाप डाक्टरों की चांदी रही। उनके यहां सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
गोंडा प्रतिनिधि के अनुसार एसोसिएशन के आह्वान पर कस्बे की सभी दवा की दुकानें सुबह से बंद रहीं। गांवों की दुकानें भी नहीं खुली। मरीज परेशान रहे।
गभाना प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के थोक एवं फुटकर दवा की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। मरीजों को भटकना पड़ा। दवा व्यापारियों की बैठक हुई जिसमें दवा कारोबारी पुष्पेंद्र अग्रवाल के हत्यारों को पकड़े जाने की मांग की गई। बैठक में राजेश राना, रामअवतार गौड़, विष्णुदत्त शर्मा, प्रवेंद्र सिंह राना, मनोज कुमार गर्ग, राहुल शर्मा आदि दवा विक्रेता मौजूद रहे।
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छर्रा प्रतिनिधि के अनुसार सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार की दवाओं तक को लोग तरस गए। कस्बे की दवा वितरक एसोसिएशन की बैठक में चेतावनी दी गई कि जल्द ही हत्यारे नहीं पकड़े गए तो अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी। बैठक में धर्मेंद्र गुप्ता, नवीन अग्रवाल, जितेंद्र कुमार अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, विकाश माहेश्वरी, गौरव माहेश्वरी, राजकुमार सिंह, अनेक सिंह, शिवकुमार गुप्ता, रमेशचंद्र कमल, गजेंद्र लोधी, सौरभ माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
अकराबाद प्रतिनिधि के अनुसार दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखकर पुलिस, प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। अकराबाद के साथ पिलखना, कौड़ियागंज, विजयगढ़ सहित गांव गोपी, नानउ, तेरहामोड, पनेठी आदि में दवा की दुकानें बंद रहीं।
इगलास प्रतिनिधि के अनुसार दवा की दुकानें पूरी तरह बंद रहने से मरीज व उनके तीमारदार परेशान रहे। दवाओं के लिए दिन भर इधर, उधर भटकते रहे।
खैर प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को खैर में भी दवा की दुकानों में बंदी का पूरा असर दिखाई दिया। थोक व रिटेल की दवा की सभी दुकानें बंद रहीं। हड़ताल के चलते मरीजों की सरकारी अस्तपाल में भीड़ बढ़ गई। मरीजों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दवा वितरण कक्ष में कतार लगी रही। पिसावा प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में दवा की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
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अतरौली प्रतिनिधि के अनुसार देहात क्षेत्र में मेडिकल स्टोर हडताल के चलते बंद रहे। झोलाछाप डाक्टरों की चांदी रही। उनके यहां सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
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गोंडा प्रतिनिधि के अनुसार एसोसिएशन के आह्वान पर कस्बे की सभी दवा की दुकानें सुबह से बंद रहीं। गांवों की दुकानें भी नहीं खुली। मरीज परेशान रहे।
गभाना प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के थोक एवं फुटकर दवा की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। मरीजों को भटकना पड़ा। दवा व्यापारियों की बैठक हुई जिसमें दवा कारोबारी पुष्पेंद्र अग्रवाल के हत्यारों को पकड़े जाने की मांग की गई। बैठक में राजेश राना, रामअवतार गौड़, विष्णुदत्त शर्मा, प्रवेंद्र सिंह राना, मनोज कुमार गर्ग, राहुल शर्मा आदि दवा विक्रेता मौजूद रहे।
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छर्रा प्रतिनिधि के अनुसार सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार की दवाओं तक को लोग तरस गए। कस्बे की दवा वितरक एसोसिएशन की बैठक में चेतावनी दी गई कि जल्द ही हत्यारे नहीं पकड़े गए तो अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी। बैठक में धर्मेंद्र गुप्ता, नवीन अग्रवाल, जितेंद्र कुमार अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, विकाश माहेश्वरी, गौरव माहेश्वरी, राजकुमार सिंह, अनेक सिंह, शिवकुमार गुप्ता, रमेशचंद्र कमल, गजेंद्र लोधी, सौरभ माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
अकराबाद प्रतिनिधि के अनुसार दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखकर पुलिस, प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। अकराबाद के साथ पिलखना, कौड़ियागंज, विजयगढ़ सहित गांव गोपी, नानउ, तेरहामोड, पनेठी आदि में दवा की दुकानें बंद रहीं।
इगलास प्रतिनिधि के अनुसार दवा की दुकानें पूरी तरह बंद रहने से मरीज व उनके तीमारदार परेशान रहे। दवाओं के लिए दिन भर इधर, उधर भटकते रहे।
खैर प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को खैर में भी दवा की दुकानों में बंदी का पूरा असर दिखाई दिया। थोक व रिटेल की दवा की सभी दुकानें बंद रहीं। हड़ताल के चलते मरीजों की सरकारी अस्तपाल में भीड़ बढ़ गई। मरीजों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दवा वितरण कक्ष में कतार लगी रही। पिसावा प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में दवा की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।