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अभी नहीं आई साहब: जिंदा होने का दे दिया सबूत, इसके बाद भी पेंशन के लिए मोहताज पेंशनर

Sat, 06 Dec 2025 06:16 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 06 Dec 2025 06:16 PM IST
सार

वृद्ध पेंशनरों का आरोप है कि कोषागार के कुछ स्टाफ कर्मी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। उम्र के इस नाजुक दौर में, जब ठीक से चलना भी मुश्किल है, उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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Pension not received even after life certificate
पेंशनर मिथलेश शर्मा और शकुंतला देवी - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ जिले में पेंशनरों को पेंशन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जीवित होने का प्रमाणपत्र जमा करने के बावजूद भी 250 से अधिक पेंशनरों के खातों में अब तक पेंशन नहीं आई है।

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जिले में 36 हजार पेंशनर हैं। इनमें 25 हजार मुख्य पेंशनर और 11 हजार पारिवारिक लाभ पेंशनर शामिल हैं। वृद्ध पेंशनरों का आरोप है कि कोषागार के कुछ स्टाफ कर्मी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। उम्र के इस नाजुक दौर में, जब ठीक से चलना भी मुश्किल है, उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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जीवित प्रमाणपत्र पेंशनर ऑनलाइन भी जमा करते हैं। साथ ही सीधे विभाग के पटल पर भी देते हैं। इसके अलावा बैंक के माध्यम से भी हमारे पास जीवित प्रमाणपत्र आते हैं। कभी-कभी बैंक एक साथ प्रमाण पत्र हमारे पास भेजते हैं, इसमें 10 दिन तक का समय भी लग जाता है। इसके चलते कभी कभी थोड़ा समय लग जाता है। ऐसी समस्या में पेंशनर सीधे ऑफिस में आकर भी फार्म भर सकते हैं। पेंशनरों की समस्या के प्रति हम संवेदनशील हैं। - योगेश कुमार, मुख्य कोषागार अधिकारी

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कुछ कर्मी जानबूझ कर व्यवधान डालते हैं : पेंशनर एसोसिएशन

सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय राज सिंह कहते हैं कि कुछ कर्मचारी जानबूझकर व्यवधान पैदा करते हैं। इसकी कई बार शिकायत भी की गई है। उनकी परेशान करने की नीयत रहती है। कभी-कभी फीडिंग में लापरवाही के कारण भी यह समस्या आती है।

केस 1- जीवित प्रमाणपत्र दोबारा जमा किया
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग पेंशनर सासनी गेट निवासी शकुंतला देवी कहती हैं कि कर्मचारियों ने पहले जीवित प्रमाणपत्र खो जाने की बात कही, जिसके कारण पेंशनरो को दोबारा प्रमाणपत्र जमा करने पड़े। उन्होंने सात नवंबर-2025 को जीवित प्रमाणपत्र जमा कर दिया था। अधिकांश पेंशनरों ने 20 से 22 नवंबर तक प्रमाण पत्र जमा किए थे।

केस-2- कहते हैं पेंशन आ जाएगी, बार बार खाता चेक करती हैं
मिथलेश शर्मा भी अपनी पेंशन न आने से परेशान हैं। वह कभी एटीएम में तो कभी मोबाइल में मैसेज चेक करके थक चुकी हैं। बुजुर्ग अवस्था में पेंशन से बड़ा सहारा है। दवाओं से लेकर दैनिक जरूरतों तक पेंशन से मदद मिलती है। पूछने पर कर्मचारी कहते हैं कि पेंशन डाल दी गई है, लेकिन चार-चार बार बैंक जाने के बाद भी पैसा नहीं आया है।

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