फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   pathlab news

पैथलैब पर कार्रवाई के विरोध में उतरा आईएमए

Wed, 06 Nov 2019 01:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 01:39 AM IST
विज्ञापन
pathlab news
आईएमए के पदाधिकारी डॉक्टर पत्रकारो से वार्ता करते । - फोटो : CITY OFFICE
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा निजी पैथोलॉजी लैब और नर्सिंगहोमों पर डेंगू को लेकर बनाए जा रहे दबाव के खिलाफ मंगलवार को ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारी भी विरोध में उतर आए। उन्होंने अपनी नर्सिंगहोम और पैथोलॉजी लैब बंद करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. प्रदीप बंसल आदि ने मंगलवार को रामघाट रोड स्थित होटल आभा रीजेंसी में प्रेस वार्ता कर कहा कि अगर हमारे सहयोगियों का उत्पीड़न किया गया और संस्थान सील किया गया तो वह भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर देने को मजबूर होंगे। शहर में जब भी महामारी फैली, आईएमए ने कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अपनी नीतियां बना रहा है। उन्होंने कहा कि रैपिड टेस्ट से उन्हें मना किया जा रहा है, लेकिन यह टेस्ट तो मेडिकल कालेज और मलखान सिंह जिला अस्पताल में भी हो रहे हैं। वहां पर इसे बंद करवा दिया जाए।
विज्ञापन

एलाइजा टेस्ट महंगा है और रिपोर्ट भी बहुत देर से आती है, तब तक मरीज की जिंदगी को खतरे में नहीं डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल लिटरेचर में लिखा हुआ है कि एलाइजा टेस्ट और रैपिड किट की संवेदनशीलता में ज्यादा अंतर नहीं है। इसके बाद भी मरीज पर अनावश्यक खर्च थोपा जाए। अगर किसी मरीज के लक्षण डेंगू के दिख रहे हैं तो क्या हमें उपचार शुरू नहीं कर देना चाहिए? क्या इसके लिए पहले प्रशासन से पूछने जाएं?
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि सरकार यह कह रही है कि अलीगढ़ में डेंगू के मरीज है ही नहीं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में 1200 सौ से ज्यादा केस रिपोर्ट हो गए। वह कहां से आ गए। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन निजी नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब संचालकों पर दबाव बना रहा है कि वह डेंगू की रिपोर्ट नहीं दें। इससे सिर्फ अपनी नाकामी छिपाई जा रही है। अगर दो तीन महीने पहले शहर में फागिंग और कीटनाशक दवाओं का उचित तरीके से छिड़काव हुआ होता तो नवंबर के महीने में डेंगू नहीं फैलता।
प्रशासन की मंशा है कि सारे मामले मेडिकल कालेज भेज दिए जाएं, लेकिन मेडिकल कालेज में कहा जाता है कि बेड खाली नहीं हैं। सरकार चाहती है कि अलीगढ़ में जो मरीज हैं उनमें डेंगू नहीं है, लेकिन जब यही मरीज अलीगढ़ से बाहर दिल्ली जाकर इलाज कराएंगे और जांच में डेंगू की पुष्टि होगी, तब क्या होगा? सत्यता को झुठलाने से कोई चीज सही साबित नहीं हो सकती।
इस अवसर पर डॉ. योगेंद्र द्विवेदी, डॉ. सुवेक वार्ष्णेय, डॉ. सीपी गुप्ता, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. विभव वार्ष्णेय, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. भरत वार्ष्णेय, डॉ. एसके जैन, डॉ. मनोरंजन, डॉ. एके वार्ष्णेय, डॉ. नितिन, डॉ. सागर, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. जव्वाद सूरी, डॉ. अंशुल गुप्ता, डॉ. नगेश, डॉ. उमाशंकर वार्ष्णेय, डॉ. आयुष, डॉ. अभिषेक कुमार आदि मौजूद थे।
किसी ने डेंगू की घोषणा की तो कठोर कार्रवाई: सीएमओ
अलीगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी पैथोलॉजी लैबों को नोटिस जारी कर साफ साफ कह दिया है कि अगर उनके स्तर से डेंगू, मलेरिया आदि की कोई पुष्टि या घोषणा की गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने डेंगू की जांच रिपोर्ट के लिए गाइड लाइन भेज दी है। इसमें कहा गया है कि जिले में अगर कोई मरीज डेंगू, मलेरिया, कालाजार, फाइलेरिया आदि का नोटिफाई होता है तो उसके सबसे पहले सीएमओ को सूचना दी जाए। इसके बाद इस केस की पुष्टि मलखान सिंह जिला अस्पताल की लैब, जेएन मेडिकल कालेज, राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान दिल्ली से कराए जाने के बाद जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के स्तर से घोषणा की जाएगी। इससे पहले अगर कोई लैब, संस्थान, व्यक्ति, चिकित्सालय, आदि किसी भी प्रकार की घोषणा करता है तो वह अवैध है। अगर इससे कोई भय फैला तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed