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अलीगढ़ः बसों का इंतजार ही करते रह गए यात्री
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गांधी पार्क बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ में घुसा सांड़।
- फोटो : CITY OFFICE
दीपावली के त्योहार का समापन होने के बाद रविवार को अन्य शहरों के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ निकली। ट्रेनों में आरक्षित टिकट न मिलने के चलते सारा बोझ परिवहन निगम की बसों पर आया। दोपहर बाद हालत यह थे कि अधिकांश रूट पर यात्री इंतजार ही करते रह गए। लेकिन रोडवेज बस नहीं आई। जो बस आ रही थीं, वह पहले से ही भरी हुई थीं। ऐसे में सीट पाने और बसों में चढ़ने के लिए यात्री धक्कामुक्की करते रहे।
नोएडा, दिल्ली, बल्लभगढ़, पलवल, मुरादाबाद, हाथरस, आगरा, कानपुर, लखनऊ, मथुरा रूट पर सबसे ज्यादा यात्री थे। इन रूटों पर लोगों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि बस आते ही यात्री टूट पड़ते। गेट से घुसने की जगह न मिलने पर कई यात्री खिड़की से बस में दाखिल हुए। लोगों ने अपने बच्चों को खिड़कियों से घुसाकर सीट घेरी। जबकि अधिकांश बसों में लोग खड़े होकर यात्रा करते रहे। कई बस तो ऐसी थीं, जिनमें पैर रखने की जगह नहीं थी। शाम को कई यात्री गांधीपार्क बस अड्डे पर बसों का इंतजार ही करते रह गए। लेकिन बस नहीं आई। अधिकारियों ने कुछ एक बसों की व्यवस्था की, लेकिन इससे कोई लाभ नहीं मिला। मथुरा रूट पर तो बसें भेड़ बकरियों की तरह भरकर गईं।
पांच लाख से अधिक यात्री कर चुके हैं सफर
बता दें कि परिवहन निगम धनतेरस से लेकर रविवार तक पांच लाख से अधिक यात्रियों को सफर करा चुका है। धनतेरस से दीपावली प्रोत्साहन योजना लागू है। जो 12 नवंबर तक चलेगी। पूरे मंडल (अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज) में प्रतिदिन 80 लाख रुपये औसतन कमाई हुई है। जबकि दीपावली के अवसर पर पूरे मंडल की रोडवेज बसों ने सवा करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया है। अभी गणना जारी है। वहीं रविवार की भीड़ त्योहार के प्रतिदिन औसत से अधिक कमाई कराएगी। ऐसा अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं।
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नोएडा, दिल्ली, बल्लभगढ़, पलवल, मुरादाबाद, हाथरस, आगरा, कानपुर, लखनऊ, मथुरा रूट पर सबसे ज्यादा यात्री थे। इन रूटों पर लोगों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि बस आते ही यात्री टूट पड़ते। गेट से घुसने की जगह न मिलने पर कई यात्री खिड़की से बस में दाखिल हुए। लोगों ने अपने बच्चों को खिड़कियों से घुसाकर सीट घेरी। जबकि अधिकांश बसों में लोग खड़े होकर यात्रा करते रहे। कई बस तो ऐसी थीं, जिनमें पैर रखने की जगह नहीं थी। शाम को कई यात्री गांधीपार्क बस अड्डे पर बसों का इंतजार ही करते रह गए। लेकिन बस नहीं आई। अधिकारियों ने कुछ एक बसों की व्यवस्था की, लेकिन इससे कोई लाभ नहीं मिला। मथुरा रूट पर तो बसें भेड़ बकरियों की तरह भरकर गईं।
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पांच लाख से अधिक यात्री कर चुके हैं सफर
बता दें कि परिवहन निगम धनतेरस से लेकर रविवार तक पांच लाख से अधिक यात्रियों को सफर करा चुका है। धनतेरस से दीपावली प्रोत्साहन योजना लागू है। जो 12 नवंबर तक चलेगी। पूरे मंडल (अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज) में प्रतिदिन 80 लाख रुपये औसतन कमाई हुई है। जबकि दीपावली के अवसर पर पूरे मंडल की रोडवेज बसों ने सवा करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया है। अभी गणना जारी है। वहीं रविवार की भीड़ त्योहार के प्रतिदिन औसत से अधिक कमाई कराएगी। ऐसा अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं।
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