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Aligarh News: पैंट घुटनों से ऊपर, जूते हाथ में... तब पहुंच पा रहे स्कूल
Sat, 20 Sep 2025 02:01 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 20 Sep 2025 02:01 AM IST
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पैंट ऊपर कर हाथों में जूता-चप्पल लेकर स्कूल जाते छात्र। संवाद
- फोटो : samvad
यमुना की बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित रहे गांव महाराजगढ़ के रहने वाले विद्यार्थी अभी भी जलभराव से उबर नहीं पा रहे हैं। गांव घरबरा अथवा टप्पल के स्कूल-कॉलेज तक पहुंचने से पहले रास्तों पर भरे पानी में घुटनों तक पैंट चढ़ाकर और जूते-चप्पल हाथ अथवा बैग में रखकर निकलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग जल्द बनवाने की प्रशासन से मांग की है।
वहीं ग्रामीणों के अनुसार गांव के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। शिक्षिकाएं अनुपस्थित रहती हैं। सहायिका ही स्कूल चला रही हैं। वहीं गांव के अंदर जलभराव से छोटे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
यमुना के तटीय इलाकों में स्थित महाराजगढ़ के प्राथमिक विद्यालय में 105 और जूनियर हाईस्कूल में 60 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। लालपुर के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में 70-70, किशनगढ़ में 100, घरबरा के कंपोजिट विद्यालय में 200, रामगढ़ी में 80 और पीपली के कंपोजिट विद्यालय में 220 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
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तटबंध पर ही रुककर दवा दे रहे स्वास्थ्य कर्मी
ग्रामीणाें के अनुसार स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक भी बाढ़ प्रभावित गांवों के अंदर नहीं जा रहे हैं। तटबंध पर ही रुककर रोगी ग्रामीणों को दवाएं दे रहे हैं। जो गंभीर रूप से बीमार हैं, उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने जलमग्न संपर्क मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण जल्द कराने की मांग की है ताकि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवा पर असर न पड़े।
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वहीं ग्रामीणों के अनुसार गांव के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। शिक्षिकाएं अनुपस्थित रहती हैं। सहायिका ही स्कूल चला रही हैं। वहीं गांव के अंदर जलभराव से छोटे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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यमुना के तटीय इलाकों में स्थित महाराजगढ़ के प्राथमिक विद्यालय में 105 और जूनियर हाईस्कूल में 60 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। लालपुर के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल में 70-70, किशनगढ़ में 100, घरबरा के कंपोजिट विद्यालय में 200, रामगढ़ी में 80 और पीपली के कंपोजिट विद्यालय में 220 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
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तटबंध पर ही रुककर दवा दे रहे स्वास्थ्य कर्मी
ग्रामीणाें के अनुसार स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक भी बाढ़ प्रभावित गांवों के अंदर नहीं जा रहे हैं। तटबंध पर ही रुककर रोगी ग्रामीणों को दवाएं दे रहे हैं। जो गंभीर रूप से बीमार हैं, उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने जलमग्न संपर्क मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण जल्द कराने की मांग की है ताकि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवा पर असर न पड़े।