सत्ताधारी नेताओं को पहचानते नहीं, कैसे पकड़ोगे चोर-उचक्के
सत्ताधारी नेताओं को पहचानते नहीं, कैसे पकड़ोगे चोर-उचक्के
अलीगढ़। सत्ताधारी दल के जिला एवं नगर अध्यक्ष को पहचानते नहीं तुम क्या पकड़ोगे चोर-उचक्के। यह वाक्यांश हैं बेहद शालीन माने जाने वाले नगर विधायक जफर आलम के। जिला पंचायत सदस्य पद के नामांकन के दौरान वहां मौजूद सीओ द्वारा जिलाध्यक्ष को गलत तरीके से रोके जाने तथा नगर अध्यक्ष से किए अभद्र बर्ताव से आमतौर पर शांत रहने वाले विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीओ को फटकार लगाते हुए अपनी हद में रहने की ताकीद दे डाली।
हुआ यूं कि जिला पंचायत के नामांकन के दौरान अव्यवस्थाओं के चलते लगातार किरकिरी करा रही पुलिस गुरुवार को अपनी छवि सुधारने के चक्कर में एकाएक आक्रामक हो उठी। इसी बीच सत्ताधारी दल के नेताओं से उलझने की गलती कर बैठी। नामांकन कक्ष के बाहर मौजूद एक सीओ ने तो सभी हदें पार करते हुए सपा समर्थित प्रत्याशी तेजवीर सिंह गुड्डू की पत्नी का नामांकन कराने आए सपा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव को गलत तरीके से रोका तो नगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक को धकियाकर दूर हटाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने नगर अध्यक्ष का परिचय देकर सीओ को समझाने की कोशिश की तो सीओ रिटायरमेंट के तीन माह रह जाने का हवाला देकर अपना रौब झाड़ने लगे। बोले किसी से नहीं डरता हूं। यह सुनकर मौके पर मौजूद नगर विधायक जफर आलम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीओ को डांट पिलाते हुए पूछा कि तुम्हें सत्ताधारी नेताओं से बर्ताव की तहजीब नहीं है। अगर इनके साथ ऐसा बर्ताव करते हो तो आम जनता का क्या हाल करते होगे। अपनी हद में रहोेेेेेेेेेेेेेेेेे वरना लेने के देने पड़ जाएंगे। डांट से सकपकाए सीओ ने मात्र चंद माह पहले आने का हवाला देकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की तो नगर विधायक ने जवाब दिया कि वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते आपको चंद घंटों में ही शहर के प्रतिष्ठित लोगों के बारे में जान लेना चाहिए। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अफसर बगलें झांकते नजर आए।
अलीगढ़। सत्ताधारी दल के जिला एवं नगर अध्यक्ष को पहचानते नहीं तुम क्या पकड़ोगे चोर-उचक्के। यह वाक्यांश हैं बेहद शालीन माने जाने वाले नगर विधायक जफर आलम के। जिला पंचायत सदस्य पद के नामांकन के दौरान वहां मौजूद सीओ द्वारा जिलाध्यक्ष को गलत तरीके से रोके जाने तथा नगर अध्यक्ष से किए अभद्र बर्ताव से आमतौर पर शांत रहने वाले विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीओ को फटकार लगाते हुए अपनी हद में रहने की ताकीद दे डाली।
हुआ यूं कि जिला पंचायत के नामांकन के दौरान अव्यवस्थाओं के चलते लगातार किरकिरी करा रही पुलिस गुरुवार को अपनी छवि सुधारने के चक्कर में एकाएक आक्रामक हो उठी। इसी बीच सत्ताधारी दल के नेताओं से उलझने की गलती कर बैठी। नामांकन कक्ष के बाहर मौजूद एक सीओ ने तो सभी हदें पार करते हुए सपा समर्थित प्रत्याशी तेजवीर सिंह गुड्डू की पत्नी का नामांकन कराने आए सपा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव को गलत तरीके से रोका तो नगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक को धकियाकर दूर हटाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने नगर अध्यक्ष का परिचय देकर सीओ को समझाने की कोशिश की तो सीओ रिटायरमेंट के तीन माह रह जाने का हवाला देकर अपना रौब झाड़ने लगे। बोले किसी से नहीं डरता हूं। यह सुनकर मौके पर मौजूद नगर विधायक जफर आलम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीओ को डांट पिलाते हुए पूछा कि तुम्हें सत्ताधारी नेताओं से बर्ताव की तहजीब नहीं है। अगर इनके साथ ऐसा बर्ताव करते हो तो आम जनता का क्या हाल करते होगे। अपनी हद में रहोेेेेेेेेेेेेेेेेे वरना लेने के देने पड़ जाएंगे। डांट से सकपकाए सीओ ने मात्र चंद माह पहले आने का हवाला देकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की तो नगर विधायक ने जवाब दिया कि वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते आपको चंद घंटों में ही शहर के प्रतिष्ठित लोगों के बारे में जान लेना चाहिए। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अफसर बगलें झांकते नजर आए।