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प्याज की कीमत काबू करना बड़ी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 27 Aug 2015 01:34 AM IST
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प्याज की बेकाबू कीमत को कंट्रोल करना अधिकारियों के समक्ष बड़ी चुनौती है। इसको लेकर आज अधिकारी आढ़ती एवं राशन डीलरों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। अब देखना है कि प्रशासन का यह प्रयास आम आदमी को राहत दिला पाता है या नहीं।
एक तो पहले से ही प्याज के भाव बेकाबू है। ऊपर से जमाखोड़ी एवं मनमानी से समस्या गंभीर रूप धारण कर चुका है। थोक मंडी में 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलने वाला राजस्थान का प्याज भी खुदरा बाजार में 60 रुपये या उससे अधिक मूल्य पर बिक रहा है। नासिक का प्याज तो खुदरा बाजार में 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। धनीपुर मंडी सचिव अरुण कुमार यादव ने बताया कि वे लोग कीमत कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे है।
इसको लेकर गुरुवार को अधिकारी एवं व्यापारियों के साथ-साथ राशन डीलरों की बैठक होने जा रही है। इसमें कुछ ठोस परिणाम निकलने की संभावना है। मंडी सचिव का कहना है कि मूल समस्या खुदरा व्यापारी है। मंडी से सस्ते प्याज उठाकर महंगे प्याज में मिला देते है और अधिक कीमत पर बेचते है।
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एक तो पहले से ही प्याज के भाव बेकाबू है। ऊपर से जमाखोड़ी एवं मनमानी से समस्या गंभीर रूप धारण कर चुका है। थोक मंडी में 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलने वाला राजस्थान का प्याज भी खुदरा बाजार में 60 रुपये या उससे अधिक मूल्य पर बिक रहा है। नासिक का प्याज तो खुदरा बाजार में 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। धनीपुर मंडी सचिव अरुण कुमार यादव ने बताया कि वे लोग कीमत कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे है।
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इसको लेकर गुरुवार को अधिकारी एवं व्यापारियों के साथ-साथ राशन डीलरों की बैठक होने जा रही है। इसमें कुछ ठोस परिणाम निकलने की संभावना है। मंडी सचिव का कहना है कि मूल समस्या खुदरा व्यापारी है। मंडी से सस्ते प्याज उठाकर महंगे प्याज में मिला देते है और अधिक कीमत पर बेचते है।
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