फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Outsiders stopped Zubair's body from arriving in the village, and his sister had a heated argument with the police

Aligarh News: जुबैर का शव गांव आने पर बाहरी लोग रोके, बहन की पुलिस से नोकझोंक

Fri, 15 May 2026 02:52 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
Outsiders stopped Zubair's body from arriving in the village, and his sister had a heated argument with the police
एएमयू शिक्षक दानिश राव हत्याकांड की साजिश के आरोपी एक लाख के इनामी कुख्यात शूटर जुबैर की मेरठ में मुठभेड़ में मौत के बाद बुधवार देर रात शव पैतृक गांव नौशा पहुंचा। यहां पर पुलिस ने उसके दो अन्य इनामी भाइयों व अन्य साथी अपराधियों के आने के अंदेशे पर बाहरी लोगों को बैरियर लगाकर गांव में जाने से रोक दिया।
विज्ञापन


इसे लेकर जुबैर की बड़ी बहन की पुलिस से नोकझोंक हो गई। मगर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बाहरी लोगों को गांव में नहीं घुसने दिया। इस दौरान दिल्ली-सहारनपुर नंबर की गाड़ियों से आए आधा दर्जन लोग हिरासत में भी लिए गए, जिन्हें पूछताछ व सत्यापन के बाद ही छोड़ा गया।
विज्ञापन



रात करीब 12 बजे जुबैर के शव की गाड़ी के साथ दिल्ली व सहारनपुर नंबर की चार-पांच गाड़ियाें व बाइकों पर कुछ लोग पहुंचे। पुलिस ने बैरियर पर ही सभी को रोक लिया। सिर्फ एंबुलेंस व परिवार के सदस्यों को ही गांव में जाने की अनुमति दी गई। बाहरी लोगों का प्रवेश लाउडस्पीकर से बोलकर बिल्कुल रोक दिया गया। इस पर जुबैर की बड़ी बहन इरम उर्फ मुबश्शिरा ने रोक-टोक पर पुलिस का विरोध करते हुए नोकझोंक की।
विज्ञापन
विज्ञापन



मगर पुलिस ने साफ मनाही कर दी। इस दौरान बाहर से आए आठ से ज्यादा लोग हिरासत में लेकर थाने भेज दिए। शव के साथ मां, बहन आदि परिजनों को ही गांव में जाने दिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों को पूछताछ और सत्यापन के बाद छोड़कर वापस भेज दिया। सीओ कमलेश कुमार के अनुसार यह रोक-टोक बाहरी अपराधियों व जुबैर के फरार भाइयों के आने के अंदेशे पर की गई थी। जो लोग हिरासत में लिए गए, उन्हें सत्यापन व नाम पते दर्ज करने के बाद छोड़ा गया है।



बहन बोली उठाकर मारा, पिता बोले अति का अंत

इस दौरान बहन इरम ने सिर्फ एक ही बात दोहराई जो उसने खुद सोशल मीडिया पर बोला है कि उसके भाई को पुलिस ने कुछ लोगों की साजिश के तहत घर से उठाकर मारा है। वह कहीं लूट या हत्या करने नहीं जा रहा था।



वहीं पिता रफतउल्ला ने सिर्फ इतना ही कहा कि अति का अंत हुआ है। वह पहले से अपने बच्चों को समझाता रहा। मगर उसकी एक बार भी बच्चों ने नहीं सुनी थी। इस दौरान दफन के दौरान कब्र पर फातिहा पढ़ते समय रफत उल्ला अपने दूसरे बेटे को मिट्टी देते समय फफक-फफक कर रो पड़े, जिन्हें कुछ ग्रामीणों ने सांत्वना देते हुए शांत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed