फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Only 39 tractors and two trolleys have commercial permits

39 ट्रैक्टर और दो ट्रॉलियों के ही व्यावसायिक परमिट, सड़कों पर दौड़ रहे अनगिनत

Thu, 22 Sep 2022 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 01:09 AM IST
सार

परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार कृषि कार्यों के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को व्यावसायिक उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मचारी ओवरलोड ट्रैक्टर - ट्रॉलियों के चालकों को रोककर उनके लाइसेंस चेक करें तो ज्यादातर के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं निकलेगा। -केस- दो 10 जुलाई को गांधीपार्क क्षेत्र में अलीनगर के पास सीमेंट लेकर जा रहे ट्रोला ट्रैक्टर की चपेट में आकर स्कूटी सवार की मौत हो गई।

विज्ञापन
Only 39 tractors and two trolleys have commercial permits
फरीदउद्दीन । - फोटो : CITY OFFICE

विस्तार

ट्रैक्टर - ट्रॉली को किसानों का साथी माना जाता है, लेकिन इन दिनों इनका उपयोग कृषि कार्यों में कम और माल वाहक में ज्यादा किया जा रहा है। भले ही संभागीय परिवहन कार्यालय से जिले में केवल 39 ट्रैक्टर और दो ट्रॉलियों को ही व्यावसायिक परमिट जारी है। सड़कों पर रोज दौड़ते सैकड़ों ट्रैक्टर - ट्रॉलियों ने पुलिस और परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका को कठघरे में ला दिया है। एक ओर जहां शासन को इनसे राजस्व की हानि हो रही है, वहीं दूसरी तरफ दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। बावजूद इसके परिवहन विभाग स्तर से ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार कृषि कार्यों के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को व्यावसायिक उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। अवैध रूप से संचालित हो रहीं यह ट्रैक्टर - ट्रॉलियां हादसों का सबब बनी हुई हैं। इन वाहनों की फिटनेस तक नहीं होती है।
विज्ञापन

कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर - ट्रॉली होते हैं टैक्स फ्री
व्यावसायिक प्रयोग के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर से भार क्षमता के अनुरूप करीब 10 प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है। इसके विपरीत कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियां टैक्स फ्री होते हैं। टोल प्लाजा पर भी इनसे टैक्स नहीं लिया जाता है। जिले में 12 हजार से अधिक ट्रैक्टर - ट्रॉली कृषि कार्य के नाम पर पंजीकृत हैं। वहीं व्यावसायिक पंजीकृत ट्रैक्टर - ट्रालियों की संख्या 41 है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का अधिकांश उपयोग नदी से बालू, रेत, सीमेंट, खाद, खल, खाद्यान्न आदि को इधर से उधर लाने ले जाने में अनाधिकृत रूप से उपयोग हो रहा है। परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मचारी ओवरलोड ट्रैक्टर - ट्रॉलियों के चालकों को रोककर उनके लाइसेंस चेक करें तो ज्यादातर के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं निकलेगा। उन्हें ट्रैफिक नियमों का भी ज्ञान नहीं होता है। ऐसे में हादसे न हों कैसे संभव है ?
विज्ञापन

केस - एक
21 अगस्त को क्वार्सी क्षेत्र के एटा चुंगी रोड पर तेज रफ्तार ईंटों से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। चालक ट्रैक्टर को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस जांच में पता चला कि ट्रैक्टर को बिना व्यावसायिक परमिट एवं बिना बीमा के ही संचालित किया जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
केस- दो
10 जुलाई को गांधीपार्क क्षेत्र में अलीनगर के पास सीमेंट लेकर जा रहे ट्रोला ट्रैक्टर की चपेट में आकर स्कूटी सवार की मौत हो गई। ट्रोला का उपयोग व्यावसायिक किया जा रहा था, जबकि उसका कोई परमिट ही नहीं था। ऐसे में पीड़ित परिवार को कोर्ट में क्लेम लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

जिले में अनाधिकृत रूप से संचालित हो रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाता है। जिनसे जुर्माना वसूलने के साथ ही उन्हें सीज करने तक की कार्रवाई की जाती है।
- फरीदउ्दीन, आरटीओ प्रवर्तन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed