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Aligarh: विदेश से MBBS करने वालों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई मान्य नहीं, NMC ने सभी राज्यों के लिए जारी किया आदेश
Sat, 07 Mar 2026 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, अलीगढ़
परीक्षित निर्भय, अलीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 07 Mar 2026 06:23 AM IST
सार
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी राज्यों को जारी आदेश में कहा है कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान की गई सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं दी जा सकती।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Freepik
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विस्तार
विदेश से एमबीबीएस करने वाले भारतीय छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं मिलेगी। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने सभी राज्यों को जारी आदेश में कहा है कि चिकित्सा शिक्षा के दौरान की गई सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता नहीं दी जा सकती।
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यदि किसी छात्र ने अपनी पढ़ाई का कुछ हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से किया है तो उसे उस अवधि की फिजिकल यानी ऑफलाइन प्रशिक्षण से भरपाई करनी होगी। राज्यों के स्वास्थ्य सचिव, मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा सचिवों को दिए आदेश में आयोग के सचिव डॉ. राघव लैंगर ने कहा है कि चिकित्सा शिक्षा में क्लिनिकल अनुभव और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण अनिवार्य है, जिसे केवल ऑनलाइन माध्यम से पूरा नहीं माना जा सकता।
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ऐसे में जिन विदेशी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं हुई थी, वहां छात्रों को उस अवधि के बराबर ऑफ लाइन क्लास और क्लिनिकल ट्रेनिंग करनी होगी। अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज ने नए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई की भरपाई बिना पढ़ाई की अवधि बढ़ाए नहीं की जा सकती। यानी किसी भी शैक्षणिक वर्ष को कम समय में पूरा कर देने को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश के छात्रों की संख्या भी खूब
जेएन मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ संकाय सदस्य ने बताया कि पूरे प्रदेश से काफी संख्या में छात्र विदेशों से एमबीबीएस करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए भारत में सबसे अधिक सीआरएमआई सीटें प्रदान करता है, जिसमें 4,490 सीटें उपलब्ध हैं।
हालांकि उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर लगभग नौ हजार से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं। डिग्री के बाद उन्हें वापस भारत आकर प्रैक्टिस करने के लिए परीक्षा देना अनिवार्य है। भारत में में प्रैक्टिस करने के लिए निर्धारित शर्तें भी पूरी करना जरूरी हैं। छात्रों को स्क्रीनिंग टेस्ट या एफएमजी परीक्षा पास करनी होगी और फिर एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप पूरी करना अनिवार्य है।