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हर 30 सेकेंड में हेपेटाइटिस की वजह से एक व्यक्ति की मौत
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पेट एवं लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण वार्ष्णेय ने कहा कि हेपेटाइटिस की वजह से दुनिया में हर 30 सेकेंड पर एक व्यक्ति की मौत होती है। डॉ. तरुण वार्ष्णेय हेपेटाइटिस डे पर मैरिस रोड स्थित एक होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी महामारी का दौर चल रहा है। वायरल हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता लाने में देर करना उचित नहीं है। हर साल 11 लाख लोग हेपेटाइटिस सी के संक्रमण के कारण मर जाते हैं, जबकि 94 लाख लोगों को ही वायरस इंफेक्शन का उपचार मिल पाता है।
पूरी दुनिया में सिर्फ 42 प्रतिशत बच्चों को ही जन्म के दौरान हेेपेटाइटिस बी के टीके की खुराक मिलती है। पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि हेपेटाइटिस सी के मरीजों में अगर फाइब्रोसिस स्कोर ज्यादा है तो उनको गंभीर कोविड-19 का संक्रमण हो सकता है। केवल जागरूक कर ही इसे रोका जा सकता है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए सभी देशों से एक साथ मिल कर काम करने का आह्वान किया है, ताकि इस बीमारी को 2030 तक खत्म किया जा सके। सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने कहा कि हेपेटाइटिस हमारे लीवर को नुकसान पहुंचाने वाली एक खतरनाक बीमारी होती है। समय पर इलाज नहीं लिया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
ये रहे मौजूद
डॉ. एसपी सिंह , डॉ. सुवेक वार्ष्णेय, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. सुरभि अग्रवाल ,डॉ. हनी गुप्ता, डॉ. विपिन गोयल, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. जीके सिंह, डॉ. उमाकांत गुप्ता ,डॉ. धनंजय शर्मा ,डॉ. पीके शर्मा, डॉ. नितिन अग्रवाल, डॉ. सौरव वार्ष्णेय, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा ,डॉ. बृजेश त्यागी ,डॉ. दीपक शाह, डॉ. अनूप कुमार ,डॉ. मनोज गर्ग, डॉ. नितिका गर्ग आदि।
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लक्षण : बुखार, डायरिया, थकान, भूख ना लगना, उल्टी आना, पेट में दर्द होना, दिल घबराना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना ,लगातार वजन कम होना, सिर में दर्द ,चक्कर आना, यूरिन का रंग गहरा हो जाना, मल का रंग पीला हो जाना ,शरीर में खुजली आदि
सावधानी : हेपेटाइटिस का टीका अवश्य लगवाएं, संक्रमित सुई का इस्तेमाल न करें, संक्रमित व्यक्ति के साथ संभोग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें, अच्छी तरह से स्ट्रेलाइज्ड उपकरणों से ही कान छिदवाएं, अपना रेजन, टूथब्रश और सुई को किसी से शेयर न करें।
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पूरी दुनिया में सिर्फ 42 प्रतिशत बच्चों को ही जन्म के दौरान हेेपेटाइटिस बी के टीके की खुराक मिलती है। पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि हेपेटाइटिस सी के मरीजों में अगर फाइब्रोसिस स्कोर ज्यादा है तो उनको गंभीर कोविड-19 का संक्रमण हो सकता है। केवल जागरूक कर ही इसे रोका जा सकता है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए सभी देशों से एक साथ मिल कर काम करने का आह्वान किया है, ताकि इस बीमारी को 2030 तक खत्म किया जा सके। सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने कहा कि हेपेटाइटिस हमारे लीवर को नुकसान पहुंचाने वाली एक खतरनाक बीमारी होती है। समय पर इलाज नहीं लिया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
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ये रहे मौजूद
डॉ. एसपी सिंह , डॉ. सुवेक वार्ष्णेय, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. सुरभि अग्रवाल ,डॉ. हनी गुप्ता, डॉ. विपिन गोयल, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. जीके सिंह, डॉ. उमाकांत गुप्ता ,डॉ. धनंजय शर्मा ,डॉ. पीके शर्मा, डॉ. नितिन अग्रवाल, डॉ. सौरव वार्ष्णेय, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा ,डॉ. बृजेश त्यागी ,डॉ. दीपक शाह, डॉ. अनूप कुमार ,डॉ. मनोज गर्ग, डॉ. नितिका गर्ग आदि।
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लक्षण : बुखार, डायरिया, थकान, भूख ना लगना, उल्टी आना, पेट में दर्द होना, दिल घबराना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना ,लगातार वजन कम होना, सिर में दर्द ,चक्कर आना, यूरिन का रंग गहरा हो जाना, मल का रंग पीला हो जाना ,शरीर में खुजली आदि
सावधानी : हेपेटाइटिस का टीका अवश्य लगवाएं, संक्रमित सुई का इस्तेमाल न करें, संक्रमित व्यक्ति के साथ संभोग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें, अच्छी तरह से स्ट्रेलाइज्ड उपकरणों से ही कान छिदवाएं, अपना रेजन, टूथब्रश और सुई को किसी से शेयर न करें।