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फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बना दिया वन रक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2016 01:50 AM IST
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फर्जी नियुक्ति पत्र
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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वन चेतना केंद्र पर वन रक्षक पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे एक युवक को वन अधिकारी पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने युवक के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मोहम्मद आसिफ त्यागी पुुत्र आस मोहम्मद त्यागी निवासी गांव विज्ञाना थाना बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर मंगलवार को करीब 11 बजे वन चेतना केंद्र छेरत पर वन रक्षक पद का नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचा था।
वनरक्षक संजय, बच्चू सिंह और इंद्रपाल ने उसे पकड़ कर बैठा लिया। इसकी सूचना क्षेत्रीय वन अधिकारी बीटी शर्मा को दी। उन्होंने मौके पर पहुंच कर नियुक्ति पत्र की जांच की, नियुक्ति पत्र फर्जी निकला। जिस पर शर्मा ने युवक आसिफ को जवां थाना पुलिस को सौंप कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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आसिफ से जो नियुक्ति पत्र बरामद हुआ उसमें ललित कुमार वर्मा वन संरक्षण एवं क्षेत्रिय निदेशक सामाजिक वानिकी, अलीगढ़ क्षेत्र अलीगढ़ के नाम से जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह पत्र किन लोगों ने उसको दिया है।एसओ जवां छोटे लाल का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच की जा रही है। पता लगाने की कोशिश की जा रही है यह पत्र आसिफ के पास कैसे आया। उसने ठगी का आरोप लगाया है। उसकी जांच की जा रही है।
पकड़े गए आसिफ ने बयान की दास्तां
थाना पहुंचने पर आसिफ त्यागी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह दो वर्ष से मुजफ्फर नगर के एक प्राईवेट चिकित्सक के यहां कंपाउंडरी का रहा था। उसके गांव के ही हामिद पुत्र मंगता ने उससे कहा कि अगर वह वन विभाग में नौकरी करना चाहता है तो वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा देगा।
इसके लिए उसने 24 अगस्त 2014 को डेढ़ लाख रुपये ले लिया। बाद में उसने 21 अप्रैल 2016 को डेढ़ लाख रुपये और लेकर मेरठ में दो लोगों से ये कहकर मिलवाया कि ये बड़े अधिकारी हैं और नौकरी देंगे। इसके बाद उन्होंने उसे नियुक्ति पत्र दे दिया। वह आज ही मंगलवार को नियुक्ति पत्र लेकर जवां के वन चेतना केंद्र पहुंचा। उसने जैसे ही अधिकारियों को अपनी नियुक्ति के बारे में बताया तो हैरत में पड़ गए। उससे पूछताछ की और अधिकारियों से जानकारी करने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र फर्जी लगा।
इस पर आसिफ को दबोचा लिया। आसिफ ने बताया कि उसे नहीं मालूम था कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। आसिफ अपने को बीए पास बताता है। उसने ये भी बताया कि इस तीन लाख की धोखाधड़ी में नियुक्ति कराने के मामले में चरथा बल मुजफ्फर नगर का बाबू भी शामिल है।
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मोहम्मद आसिफ त्यागी पुुत्र आस मोहम्मद त्यागी निवासी गांव विज्ञाना थाना बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर मंगलवार को करीब 11 बजे वन चेतना केंद्र छेरत पर वन रक्षक पद का नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचा था।
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वनरक्षक संजय, बच्चू सिंह और इंद्रपाल ने उसे पकड़ कर बैठा लिया। इसकी सूचना क्षेत्रीय वन अधिकारी बीटी शर्मा को दी। उन्होंने मौके पर पहुंच कर नियुक्ति पत्र की जांच की, नियुक्ति पत्र फर्जी निकला। जिस पर शर्मा ने युवक आसिफ को जवां थाना पुलिस को सौंप कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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आसिफ से जो नियुक्ति पत्र बरामद हुआ उसमें ललित कुमार वर्मा वन संरक्षण एवं क्षेत्रिय निदेशक सामाजिक वानिकी, अलीगढ़ क्षेत्र अलीगढ़ के नाम से जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह पत्र किन लोगों ने उसको दिया है।एसओ जवां छोटे लाल का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच की जा रही है। पता लगाने की कोशिश की जा रही है यह पत्र आसिफ के पास कैसे आया। उसने ठगी का आरोप लगाया है। उसकी जांच की जा रही है।
पकड़े गए आसिफ ने बयान की दास्तां
थाना पहुंचने पर आसिफ त्यागी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह दो वर्ष से मुजफ्फर नगर के एक प्राईवेट चिकित्सक के यहां कंपाउंडरी का रहा था। उसके गांव के ही हामिद पुत्र मंगता ने उससे कहा कि अगर वह वन विभाग में नौकरी करना चाहता है तो वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा देगा।
इसके लिए उसने 24 अगस्त 2014 को डेढ़ लाख रुपये ले लिया। बाद में उसने 21 अप्रैल 2016 को डेढ़ लाख रुपये और लेकर मेरठ में दो लोगों से ये कहकर मिलवाया कि ये बड़े अधिकारी हैं और नौकरी देंगे। इसके बाद उन्होंने उसे नियुक्ति पत्र दे दिया। वह आज ही मंगलवार को नियुक्ति पत्र लेकर जवां के वन चेतना केंद्र पहुंचा। उसने जैसे ही अधिकारियों को अपनी नियुक्ति के बारे में बताया तो हैरत में पड़ गए। उससे पूछताछ की और अधिकारियों से जानकारी करने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र फर्जी लगा।
इस पर आसिफ को दबोचा लिया। आसिफ ने बताया कि उसे नहीं मालूम था कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। आसिफ अपने को बीए पास बताता है। उसने ये भी बताया कि इस तीन लाख की धोखाधड़ी में नियुक्ति कराने के मामले में चरथा बल मुजफ्फर नगर का बाबू भी शामिल है।