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मोहर्रम की सातवीं पर निकले जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 22 Oct 2015 01:50 AM IST
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मोहर्रम की सातवीं पर शहरभर में जगह-जगह जुलूस निकाले गए। नौहाखानी और मजलिस हुईं। शहर में कई जगह ताजिये रखे गए। देर रात तक अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ी।
बुधवार को शहर के कई इलाकों में ताजिये रखे गए। घास की मंडी, सैद पाड़ा सहित एक दर्जन से अधिक इलाकों में ताजिदारी शुरू हो गई। जानकारों की मानें तो शहरभर में मोहर्रम के चांद की सात तारीख को ज्यादातर ताजिये रखे जाते हैं। सराय रहमानी में मोहर्रम के चांद की सात तारीख मनाई गई। देर शाम ताजियों के साथ जुलूस निकला। क्षेत्र की गलियों से होता हुआ जुलूस सराय रहमानी में ही समाप्त हो गया। इस मौके पर ढोल और पट्टेबाजी के अखाड़े भी शामिल हुए। हरदुआगंज में मेहंदी का जुलूस निकला।
जुलूस देर शाम सात बजे शुरू हुआ। विभिन्न रास्तों से होता हुआ जुलूस इमामबाड़ा अन्सारियान पर पहुंचा। ताजिये पर मेहंदी की रस्म हुई। जुलूस में अंजुमन-ए-हुसैनी ने नौहाखानी और मातम किया। फातिहा पढ़ी गई। जुलूस के संचालक नायाब हुसैन ने बताया कि चांद की आठ तारीख को डॉ. किफायत हुसैन के मकान से अलम का जुलूस निकलेगा। जो विभिन्न रास्तों से होता हुआ शिया इमामबाड़े पर पहुंचकर समाप्त होगा। इस मौके पर मुशाहिद हुसैन, जाहिद हुसैन, हनीफ अंसारी, जलील लल्ला, रहीस अहमद, शमशाद अंसारी, गुलाम हुसैन आदि मौजूद थे।
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बुधवार को शहर के कई इलाकों में ताजिये रखे गए। घास की मंडी, सैद पाड़ा सहित एक दर्जन से अधिक इलाकों में ताजिदारी शुरू हो गई। जानकारों की मानें तो शहरभर में मोहर्रम के चांद की सात तारीख को ज्यादातर ताजिये रखे जाते हैं। सराय रहमानी में मोहर्रम के चांद की सात तारीख मनाई गई। देर शाम ताजियों के साथ जुलूस निकला। क्षेत्र की गलियों से होता हुआ जुलूस सराय रहमानी में ही समाप्त हो गया। इस मौके पर ढोल और पट्टेबाजी के अखाड़े भी शामिल हुए। हरदुआगंज में मेहंदी का जुलूस निकला।
जुलूस देर शाम सात बजे शुरू हुआ। विभिन्न रास्तों से होता हुआ जुलूस इमामबाड़ा अन्सारियान पर पहुंचा। ताजिये पर मेहंदी की रस्म हुई। जुलूस में अंजुमन-ए-हुसैनी ने नौहाखानी और मातम किया। फातिहा पढ़ी गई। जुलूस के संचालक नायाब हुसैन ने बताया कि चांद की आठ तारीख को डॉ. किफायत हुसैन के मकान से अलम का जुलूस निकलेगा। जो विभिन्न रास्तों से होता हुआ शिया इमामबाड़े पर पहुंचकर समाप्त होगा। इस मौके पर मुशाहिद हुसैन, जाहिद हुसैन, हनीफ अंसारी, जलील लल्ला, रहीस अहमद, शमशाद अंसारी, गुलाम हुसैन आदि मौजूद थे।
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