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नूरपुर मामलाः ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि बहन-बेटियों की बरात की ओर देखेंगे नहीं : सतीश गौतम
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टप्पल थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में अनुसूचित जाति के परिवारों की ओर से दरवाजों पर ‘यह घर बिकाऊ है’ लिखने के बाद जिले की सियासत गरमा गई। सोमवार को भाजपा के अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, हाथरस सांसद राजवीर सिंह दिलेर, खैर विधायक अनूप प्रधान और भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह समेत भाजपा नेता गांव नूरपुर पहुंचे। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि समुदाय विशेष के चंद लड़कों ने जो उत्पात मचाया है, उन्हें ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि कल किसी बहन-बेटी की बरात चढ़े तो उसे रोकना दूर, बरात की तरफ देखने की हिम्मत न पड़े।
सांसद सतीश गौतम ने कहा कि क्षेत्र में समाज के सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं, लेकिन नूरपुर गांव में समुदाय विशेष के कुछ युवकों ने उत्पात मचाकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। हमारी कोशिश है कि सभी लोग मिल-जुलकर रहें। जिन पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, वह तीन दिन के अंदर जेल जाएंगे। उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा। योगी की सरकार है। किसी को डरने और गांव से कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सांसद ने कहा कि यह तो गांव की छोटी सी मस्जिद है। अलीगढ़ शहर में ऊपरकोट मस्जिद के सामने बैंड बज सकता है तो नूरपुर तो गांव है।
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विधायक अनूप प्रधान ने भी आश्वस्त किया कि किसी भी कीमत पर किसी का अहित नहीं होने दिया जाएगा। किसी को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सभी गांव में रहें। सुरक्षित रहेंगे। कोई भी तकलीफ हो तो बताएं। करीब साढ़े तीन बजे भाजपाइयों का दल गांव पहुंचा और करीब 20 मिनट तक पीड़ित परिवार के बीच रहकर सभा की।
तीन दिन पहले गांव में ओमप्रकाश की दो बेटियों की बरात आई थी। दोपहर के समय समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने बरात को चढ़ने से रोका था। आरोप मारपीट करने और डीजे वाली गाड़ी का शीशा तोड़ने का भी है। मामला उछलने पर पीड़ित ओमप्रकाश की तहरीर पर रविवार की शाम 11 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट टप्पल थाने में दर्ज हो गई थी। सभी आरोपी फरार हैं।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी पहुंचे नूरपुर :
भाजपा नेताओं के पीछे ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह की अगुवाई में गांव पहुंचे। वह काफी समय तक पीड़ित पक्ष के बीच रहे। इस दौरान पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह ने मोबाइल का स्पीकर खोलकर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद से ओमप्रकाश की बात कराई। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पीड़ित अनुसूचित जाति के परिवार वालों से बात करने के साथ उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते रहे।
संतुष्ट नहीं पीड़ित परिवार
गांव में अनुसूचित जाति पक्ष के राजवीर का कहना है कि पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी के घर न दबिश दी, न किसी को गिरफ्तार किया। दरवाजों के बाहर लिखे ‘यह घर बिकाऊ है’ पर जबरन पुताई करा दी। आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर ही दबाव बना रही है। हालांकि कुछ लोगों ने सोमवार को धुलाई कर पुलिस की ओर से कराई गई पुताई हटा दी।
हम इंतजार करते रहे, नहीं सुनी हमारी बात
उधर, नूरपुर गांव निवासी दूसरे पक्ष के फतेह मोहम्मद, सैराज खान, जान मोहम्मद का कहना था कि न प्रशासन ने उनकी बात सुनी, न सांसद हमारी ओर आए। हम सांसद और भाजपा नेताओं का इंतजार करते रहे। उम्मीद थी कि वह हमारी बात भी सुनेंगे। दूसरे पक्ष के लोगों ने ओमप्रकाश आदि पर गांव का सामाजिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया। कहा कि मारपीट दूर की बात है। वाद-विवाद तक नहीं हुआ। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह माहौल बिगाड़ने के लिए लगाए जा रहे हैं।
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सांसद सतीश गौतम ने कहा कि क्षेत्र में समाज के सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं, लेकिन नूरपुर गांव में समुदाय विशेष के कुछ युवकों ने उत्पात मचाकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। हमारी कोशिश है कि सभी लोग मिल-जुलकर रहें। जिन पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, वह तीन दिन के अंदर जेल जाएंगे। उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा। योगी की सरकार है। किसी को डरने और गांव से कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सांसद ने कहा कि यह तो गांव की छोटी सी मस्जिद है। अलीगढ़ शहर में ऊपरकोट मस्जिद के सामने बैंड बज सकता है तो नूरपुर तो गांव है।
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विधायक अनूप प्रधान ने भी आश्वस्त किया कि किसी भी कीमत पर किसी का अहित नहीं होने दिया जाएगा। किसी को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सभी गांव में रहें। सुरक्षित रहेंगे। कोई भी तकलीफ हो तो बताएं। करीब साढ़े तीन बजे भाजपाइयों का दल गांव पहुंचा और करीब 20 मिनट तक पीड़ित परिवार के बीच रहकर सभा की।
तीन दिन पहले गांव में ओमप्रकाश की दो बेटियों की बरात आई थी। दोपहर के समय समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने बरात को चढ़ने से रोका था। आरोप मारपीट करने और डीजे वाली गाड़ी का शीशा तोड़ने का भी है। मामला उछलने पर पीड़ित ओमप्रकाश की तहरीर पर रविवार की शाम 11 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट टप्पल थाने में दर्ज हो गई थी। सभी आरोपी फरार हैं।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी पहुंचे नूरपुर :
भाजपा नेताओं के पीछे ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह की अगुवाई में गांव पहुंचे। वह काफी समय तक पीड़ित पक्ष के बीच रहे। इस दौरान पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह ने मोबाइल का स्पीकर खोलकर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद से ओमप्रकाश की बात कराई। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पीड़ित अनुसूचित जाति के परिवार वालों से बात करने के साथ उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते रहे।
संतुष्ट नहीं पीड़ित परिवार
गांव में अनुसूचित जाति पक्ष के राजवीर का कहना है कि पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी के घर न दबिश दी, न किसी को गिरफ्तार किया। दरवाजों के बाहर लिखे ‘यह घर बिकाऊ है’ पर जबरन पुताई करा दी। आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर ही दबाव बना रही है। हालांकि कुछ लोगों ने सोमवार को धुलाई कर पुलिस की ओर से कराई गई पुताई हटा दी।
हम इंतजार करते रहे, नहीं सुनी हमारी बात
उधर, नूरपुर गांव निवासी दूसरे पक्ष के फतेह मोहम्मद, सैराज खान, जान मोहम्मद का कहना था कि न प्रशासन ने उनकी बात सुनी, न सांसद हमारी ओर आए। हम सांसद और भाजपा नेताओं का इंतजार करते रहे। उम्मीद थी कि वह हमारी बात भी सुनेंगे। दूसरे पक्ष के लोगों ने ओमप्रकाश आदि पर गांव का सामाजिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया। कहा कि मारपीट दूर की बात है। वाद-विवाद तक नहीं हुआ। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह माहौल बिगाड़ने के लिए लगाए जा रहे हैं।