{"_id":"633b3d54e116ce47f41eb0f5","slug":"officers-inspected-the-spot-for-the-incomplete-flyover-construction-city-office-news-ali301847994","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधूरे फ्लाईओवर निर्माण के लिए अफसरों ने किया मौका मुआयना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधूरे फ्लाईओवर निर्माण के लिए अफसरों ने किया मौका मुआयना
सार
अलीगढ़-बरेली रेलवे लाइन क्रासिंग पर बनने वाले फ्लाईओवर को पूरा कराने के लिए प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।फ्लाईओवर निर्माण के लिए एएमयू की ओर से सेतु निगम को अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया गया है।इससे राहगीरों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विस्तार
अलीगढ़-बरेली रेलवे लाइन क्रासिंग पर बनने वाले फ्लाईओवर को पूरा कराने के लिए प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। फ्लाईओवर निर्माण के लिए एएमयू की ओर से सेतु निगम को अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया गया है। इसी क्रम में सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट के नेतृत्व में प्रशासनिक अफसरों ने मौका मुआयना कर संभावनाओं को तलाशा। जिला प्रशासन फ्लाईओवर के लिए जल्द भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा।
करीब चार साल से इस फ्लाईओवर का निर्माण अधर में लटका है। इससे राहगीरों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है। एएमयू पुरानी चुंगी से जाने वाले रास्ते को नगला पटवारी बाईपास से जोड़ने के लिए अलीगढ़-बरेली रेलवे लाइन क्रासिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण करीब चार साल पहले शुरू हुआ था।
रेलवे ने करीब दो साल पहले ट्रैक पर फ्लाईओवर तैयार कर दिया था लेकिन कोरोना के चलते काम बंद रहा। इस बीच संशोधित नक्शे के अनुसार पुल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए एएमयू के बेगम सुल्तान जहां हॉल एवं दूसरी ओर कृषि विज्ञान संकाय की ओर जमीन की जरूरत महसूस हुई।
विज्ञापन
एएमयू की जमीन होने के कारण एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में प्रस्ताव पास होना था। प्रस्ताव पास होने के बाद सेतु निगम को पुल बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। रेलवे ट्रैक के दोनों ओर चार-चार पिलर खड़े कर फ्लाईओवर का काम पूरा किया जाएगा।
इसके निर्माण से अनूपशहर रोड को दिल्ली बाईपास से जोड़ने के साथ ही स्थानीय इलाके नगला पटवारी, मौलाना आजाद नगर, फिरदौस नगर, बरौला- जाफराबाद से आने वाले लोगों के लाभदायक होगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट ने बताया कि सोमवार को फ्लाईओवर निर्माण को लेकर नक्शे आदि के साथ ही निर्माण में बाधक बन रहे अतिक्रमण को हटाने की भी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
उधर, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर के काम को पूरा करने के लिए एएमयू की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल चुका है, अब आगे की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। करीब डेढ़ साल में यह फ्लाईओवर बनकर तैयार होगा। इसके बाद ही इस पर आवागमन शुरू हो सकेगा।
विज्ञापन
करीब चार साल से इस फ्लाईओवर का निर्माण अधर में लटका है। इससे राहगीरों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है। एएमयू पुरानी चुंगी से जाने वाले रास्ते को नगला पटवारी बाईपास से जोड़ने के लिए अलीगढ़-बरेली रेलवे लाइन क्रासिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण करीब चार साल पहले शुरू हुआ था।
विज्ञापन
रेलवे ने करीब दो साल पहले ट्रैक पर फ्लाईओवर तैयार कर दिया था लेकिन कोरोना के चलते काम बंद रहा। इस बीच संशोधित नक्शे के अनुसार पुल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए एएमयू के बेगम सुल्तान जहां हॉल एवं दूसरी ओर कृषि विज्ञान संकाय की ओर जमीन की जरूरत महसूस हुई।
विज्ञापन
एएमयू की जमीन होने के कारण एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में प्रस्ताव पास होना था। प्रस्ताव पास होने के बाद सेतु निगम को पुल बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। रेलवे ट्रैक के दोनों ओर चार-चार पिलर खड़े कर फ्लाईओवर का काम पूरा किया जाएगा।
इसके निर्माण से अनूपशहर रोड को दिल्ली बाईपास से जोड़ने के साथ ही स्थानीय इलाके नगला पटवारी, मौलाना आजाद नगर, फिरदौस नगर, बरौला- जाफराबाद से आने वाले लोगों के लाभदायक होगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट ने बताया कि सोमवार को फ्लाईओवर निर्माण को लेकर नक्शे आदि के साथ ही निर्माण में बाधक बन रहे अतिक्रमण को हटाने की भी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
उधर, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर के काम को पूरा करने के लिए एएमयू की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल चुका है, अब आगे की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। करीब डेढ़ साल में यह फ्लाईओवर बनकर तैयार होगा। इसके बाद ही इस पर आवागमन शुरू हो सकेगा।