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अब प्रदेश में सिद्धार्थनगर जैसा कांड हुआ तो खैर नहीं
Thu, 19 Sep 2019 08:44 PM IST
राजेश सिंह
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 19 Sep 2019 08:44 PM IST
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डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को प्रतीक चिंह् देकर स्वागत करते एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर।
- फोटो : Rupesh
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सूबे के डीजीपी का साफ कहना है कि पुलिस को हर स्तर पर अपना व्यवहार सुधारना होगा। अब अगर कहीं प्रदेश में सिद्धार्थनगर जैसा कांड हुआ तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए कहा कि सोशल मीडिया का दौर है और छोटी-छोटी घटनाएं वायरल हो जाती हैं। फिर उन वायरल घटनाओं पर लोग प्रदेश या देश ही नहीं विदेश में भी यह कहकर चटकारे लेते हैं कि देखो यह फलां प्रदेश की पुलिस है।
उस समय कितना बुरा लगता है, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। इसलिए क्राइम होना या उसका खुलासा होने में देरी होना मुद्दा नहीं, बल्कि पब्लिक के बीच आपका व्यवहार बेहतर होना बहुत जरूरी है। आपके रिश्ते मजबूत होंगे तो जब भी आप किसी समस्या के दौर में जनता के बीच जाएंगे तो आपकी बात का सम्मान रहेगा। वहीं उन्होंने कार्य व्यवहार के मामले में आगरा जोन में अलीगढ़ व कासगंज पुलिस को अव्वल नंबर दिए।
एएमयू के बाद डीजीपी ओपी सिंह पुलिस लाइन पहुंचे। जहां गारद की सलामी के बाद उन्होंने सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक को लेकर पुलिस पहले से आंकड़ों सहित तैयार थी। मगर इस बैठक में किसी आंकड़े पर चर्चा नहीं हुई। पूरे समय डीजीपी कार्य व्यवहार, आचरण, महिला अपराध के प्रति त्वरित कार्रवाई का संदेश देते रहे।
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उन्होंने कहा कि थाने में अगर थानेदार नहीं है तो कोई ऐसा सक्षम व्यक्ति मौजूद रहे कि फरियादी को थानेदार के आने का इंतजार न करना पड़े। उन्होंने सिद्धार्थनगर की घटना पर चर्चा की और साफ कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश में कतई सहन नहीं की जाएंगी। इस दौरान अलीगढ़ एसएसपी द्वारा लैपर्ड पुलिसिंग का प्रेजेंटेशन दिया, जिस पर डीजीपी ने प्रशंसा की और कहा कि कार्य व्यवहार को लेकर आगरा जोन में अलीगढ़ व कासगंज द्वारा नित नय प्रयोग किए जा रहे हैं। दोनों जिले इस दिशा में अव्वल हैं।
इस मौके पर एडीजी आगरा जोन अजय आनंद, डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी आकाश कुलहरि के अलावा एसएसपी एटा सुनील कुमार सिंह, एसपी हाथरस, एसपी कासगंज, एसपी देहात मणीलाल पाटीदार, एसपी सिटी अभिषेक, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, एसपी यातायात अजीजुल हक सहित जिले के सभी सीओ व एसओ/इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. गोपाल सिंह भी डीजीपी से मिले और कुछ मिनट अकेले में बात कर कुछ विषयों से अवगत कराया। इसके बाद वह मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए।
अलीगढ़ और कासगंज के प्रयोग प्रदेश भर में लागू होंगे
डीजीपी के सामने अलीगढ़ एसएसपी द्वारा जब लैपर्ड व्यवस्था के विषय में विस्तार से अपना प्लान रखा तो उसे सुन डीजीपी ने उन्हें शाबासी दी। इसी तरह कासगंज एसपी ने कहा कि बीट सिपाही को समय-समय पर अपने क्षेत्र में लोगों का हाल-चाल जानने के लिए उनके पास फुरसत में बैठने के लिए भी भेजा जाए। ताकि आड़े वक्त में वह लोग पुलिस के मददगार बनें। इस प्रयोग पर भी डीजीपी ने शाबासी देते हुए कह कि इन दोनों प्रयोगों को लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में लागू कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
जब पूर्व विधायक के बेटे ने कहा फर्जी मुकदमों पर खुली हिस्ट्रीशीट
डीजीपी से मिलने वालों में पूर्व विधयाक केके नवमान के बेटे नंद प्रकाश नवमान भी थे। उन्होंने एक शिकायती साैंपते हुए कहा कि फर्जी मुकदमों के आधार पर उनकी हिस्ट्रीशीट खुल गई है। अब पुलिस का कोई भी नया अधिकारी आता है तो उन्हें एचएस मानता है। इस पर जब उनके प्रपत्र देखे तो पाया कि वह मुकदमे कई दशक पुराने हैं। इस पर उन्होंने डीआईजी को मामला देखने के निर्देश दिए।
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उस समय कितना बुरा लगता है, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। इसलिए क्राइम होना या उसका खुलासा होने में देरी होना मुद्दा नहीं, बल्कि पब्लिक के बीच आपका व्यवहार बेहतर होना बहुत जरूरी है। आपके रिश्ते मजबूत होंगे तो जब भी आप किसी समस्या के दौर में जनता के बीच जाएंगे तो आपकी बात का सम्मान रहेगा। वहीं उन्होंने कार्य व्यवहार के मामले में आगरा जोन में अलीगढ़ व कासगंज पुलिस को अव्वल नंबर दिए।
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एएमयू के बाद डीजीपी ओपी सिंह पुलिस लाइन पहुंचे। जहां गारद की सलामी के बाद उन्होंने सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक को लेकर पुलिस पहले से आंकड़ों सहित तैयार थी। मगर इस बैठक में किसी आंकड़े पर चर्चा नहीं हुई। पूरे समय डीजीपी कार्य व्यवहार, आचरण, महिला अपराध के प्रति त्वरित कार्रवाई का संदेश देते रहे।
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उन्होंने कहा कि थाने में अगर थानेदार नहीं है तो कोई ऐसा सक्षम व्यक्ति मौजूद रहे कि फरियादी को थानेदार के आने का इंतजार न करना पड़े। उन्होंने सिद्धार्थनगर की घटना पर चर्चा की और साफ कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश में कतई सहन नहीं की जाएंगी। इस दौरान अलीगढ़ एसएसपी द्वारा लैपर्ड पुलिसिंग का प्रेजेंटेशन दिया, जिस पर डीजीपी ने प्रशंसा की और कहा कि कार्य व्यवहार को लेकर आगरा जोन में अलीगढ़ व कासगंज द्वारा नित नय प्रयोग किए जा रहे हैं। दोनों जिले इस दिशा में अव्वल हैं।
इस मौके पर एडीजी आगरा जोन अजय आनंद, डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी आकाश कुलहरि के अलावा एसएसपी एटा सुनील कुमार सिंह, एसपी हाथरस, एसपी कासगंज, एसपी देहात मणीलाल पाटीदार, एसपी सिटी अभिषेक, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, एसपी यातायात अजीजुल हक सहित जिले के सभी सीओ व एसओ/इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. गोपाल सिंह भी डीजीपी से मिले और कुछ मिनट अकेले में बात कर कुछ विषयों से अवगत कराया। इसके बाद वह मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए।
अलीगढ़ और कासगंज के प्रयोग प्रदेश भर में लागू होंगे
डीजीपी के सामने अलीगढ़ एसएसपी द्वारा जब लैपर्ड व्यवस्था के विषय में विस्तार से अपना प्लान रखा तो उसे सुन डीजीपी ने उन्हें शाबासी दी। इसी तरह कासगंज एसपी ने कहा कि बीट सिपाही को समय-समय पर अपने क्षेत्र में लोगों का हाल-चाल जानने के लिए उनके पास फुरसत में बैठने के लिए भी भेजा जाए। ताकि आड़े वक्त में वह लोग पुलिस के मददगार बनें। इस प्रयोग पर भी डीजीपी ने शाबासी देते हुए कह कि इन दोनों प्रयोगों को लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में लागू कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
जब पूर्व विधायक के बेटे ने कहा फर्जी मुकदमों पर खुली हिस्ट्रीशीट
डीजीपी से मिलने वालों में पूर्व विधयाक केके नवमान के बेटे नंद प्रकाश नवमान भी थे। उन्होंने एक शिकायती साैंपते हुए कहा कि फर्जी मुकदमों के आधार पर उनकी हिस्ट्रीशीट खुल गई है। अब पुलिस का कोई भी नया अधिकारी आता है तो उन्हें एचएस मानता है। इस पर जब उनके प्रपत्र देखे तो पाया कि वह मुकदमे कई दशक पुराने हैं। इस पर उन्होंने डीआईजी को मामला देखने के निर्देश दिए।