जांच में तीनों एमएलसी उम्मीदवारों के नामांकन सही
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अलीगढ़। एमएलसी (स्थानीय निकाय) के चुनाव के लिए मंगलवार को तीनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच हुई। तीनों नामांकन पत्र सही पाए गए। 18 फरवरी तक नाम वापसी हो सकेगी, जबकि तीन मार्च को मतदान होगा। इधर, जैसे-जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे वोटरों को अपने पाले में खींचने के लिए तरह-तरह के जतन दमदार प्रत्याशियों ने शुरू दिए हैं। इसके लिए हर फार्मूला अपनाया जा रहा है।
सोेमवार कोे नामांकन के बाद मंगलवार को एमएलसी के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच हुई। जांच में तीनों प्रत्याशियों सपा उम्मीदवार जसवंत सिंह, निर्दलीय सुनील सिंह व बीरी सिंह के पर्चे सही पाए गए। इस बाबत आरओ-जिलाधिकारी अलीगढ़ क ार्यालय के बाहर लिस्ट भी चस्पा कर दी गई। नाम वापसी की तिथि 18 फरवरी है। जबकि तीन मार्च को चुनाव होगा। अब चुनाव की तिथि नजदीक आते ही मुकाबले में शामिल प्रत्याशियों ने वोटरों को अपने-अपने पाले में खींचने का प्रयास शुरू कर दिया है। सपा ने जहां जसवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है, वहीं सुनील सिंह को भाजपा सहित कई दलों ने समर्थन दे दिया है। अंदरखाने बसपा भी सुनील सिंह के साथ आ गई है। ऐसे में इन प्रत्याशियों की कोशिश किसी भी सूरत में जीत हासिल करने की है। बाक्स............. इस बार बदल गई है राजनीतिक तस्वीर सियासी ऊंट किस करवट बैठ जाए, इसे लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता। इस चुनाव में जहां बसपा के नेता अंदरखाने निर्दलीय प्रत्याशी सुनील सिंह को समर्थन कर रहे हैं और उनके पक्ष में वोटों का इंतजाम कर रहे हैं। इसके विपरीत वर्ष 2010 में हुए इसी एमएलसी के चुनाव में बसपा का मुकाबला सुनील सिंह से ही था। उस चुनाव में बसपा समर्थित प्रत्याशी मुकुल उपाध्याय ने सुनील सिंह को काफी वोटों से हराया था। मुकुल उपाध्याय को 2289 तो सुनील सिंह कोे 980 वोट मिले थे। इस बार वही बसपा अंदरखाने सुनील सिंह की जीत के लिए सारे इंतजाम कर रही है। बसपा ने इसी वजह से इस सीट से कोई उम्मीदवार भी खड़ा नहीं किया है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सुनील सिंह ने जिला पंचायत चुनाव में यहां बसपा का साथ दिया और बसपा नेता इसी का उपहार उन्हें देना चाहते हैं।