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Aligarh News: परमिट लेते नहीं, टैक्स देते नहीं, फिर भी माल ढोते धड़ाधड़, हादसों का सबब बन रहे ट्रैक्टर

Tue, 28 Feb 2023 05:18 AM IST
चमन शर्मा अभिषेक तायल
अभिषेक तायल Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 28 Feb 2023 05:18 AM IST
सार

सड़कों पर सैंकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट, सरिया आदि लेकर दौड़ते नजर आते हैं। इनमें से एक प्रतिशत के पास भी व्यवसायिक परमिट नहीं होता है।

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no take permit no pay tax still carrying goods tractors becoming the cause of accidents
ट्रैक्टर ट्रॉली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम योगी के आदेश के बाद भी जिले की सड़कों पर बिना व्यवसायिक परमिट के ट्रैक्टर फर्राटा भर रहे हैं। ये बिना रोकटोक के ईंट, सीमेंट, बालू, खाद आदि ढो रहे हैं। इससे परिवहन विभाग को प्रतिवर्ष करोड़ो रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। आए दिन इन ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से सड़क हादसे हो रहे हैं। इसके साथ ही ट्रक आपरेटरों और ट्रांसपोर्टरों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

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ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग किसान खेती के लिए करते हैं, लेकिन अब इनका बहुतायत प्रयोग व्यवसायिक गतिविधियों में हो रहा है। सड़कों पर सैंकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट, सरिया आदि लेकर दौड़ते नजर आते हैं। इनमें से एक प्रतिशत के पास भी व्यवसायिक परमिट नहीं होता है। आरटीओ कार्यालय में कुल 5445 ट्रैक्टर कृषि और 137 व्यावसायिक कार्य के लिए पंजीकृत हैं।
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रेलवे रैक से भी माल ढो रहे ट्रैक्टर ट्रॉली
अलीगढ़ के जीटी रोड स्थित रेलवे मालगोदाम से भी ट्रैक्टर ट्रॉलियां जमकर माल ढो रहीं हैं। बिना व्यावसायिक परमिट के वह रैक से माल उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं और सरकार को करोड़ो रुपये के टैक्स का चूना लगाते हैं। व्यापारी भी कम भाड़ा देने के लालच में इनसे माल का परिवहन कराते हैं। ट्रक आपरेटर यूनियन और ट्रक मालिकों ने आरटीओ प्रवर्तन व रेलवे प्रशासन से इसकी शिकायत भी की है। उनका कहना है कि बिना व्यावसायिक परमिट के ट्रैक्टर स्वामी कम किराए में माल का परिवहन नहीं कर सकते हैं। इससे ट्रक मालिकों का काफी नुकसान हो रहा है, राजस्व देने के बाद भी उनकी कमाई ट्रैक्टर वाले ले जाते हैं।
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सड़क हादसों को देते हैं न्योता
ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली चलाने वाले माल के साथ सवारियां भी ढो रहे हैं। आए दिन यह सड़क हादसों का कारण भी बन रहे हैं। एक आंकड़े के अनुसार एक साल में ट्रैक्टर ट्रॉली से करीब दो दर्जन से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इसमें अधिकांश हादसे जीटी रोड पर हुए हैं।
केस 1- नवंबर 2022 में ट्रैक्टर चालक रेलवे मालगोदाम से खाद लेकर जीटी रोड की तरफ आ रहा था। बरौला पुल के नजदीक पहुंचते ही अचानक ओवरलोड ट्रॉला ऊपर उठ गया और चालक पहिए की नीचे आ गया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
केस 2- पांच दिन पहले 22 फरवरी को सारसौल की नवनिर्मित पुलिया पर सीमेंट से लदा ट्रैक्टर जा रहा था। ओवरलोड होने की वजह से ट्रॉली के पहिए पुलिया पर ही धंस गए। जिससे पुलिया दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में राहगीर बाल-बाल बच गए। करीब सात घंटे तक जाम लगा रहा।

बोले अधिकारी

विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। ट्रैक्टर ट्रॉली के प्रयोग लिए मुख्यालय स्तर से एक कमेटी बनाई गई है, जो इसके दिशानिर्देश तैयार कर रही है। उसी के आधार पर इन वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। -फरीदुद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन।

जिले में ट्रैक्टर

  • 5445 ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए पंजीकृत
  • 137 ट्रैक्टर व्यवसायिक कार्य के लिए पंजीकृत


सड़क हादसे

  • 2023 में 101 हादसे  96 मृतक 157 घायल
  • 2022 में  367 हादसे  432 मृतक 675 घायल
  • 2021 में 352 हादसे   223 मृतक 563 घायल
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