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न ऑक्सीजन, न बेड... मरीज को घर ले जाओ
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महानगर के अस्पतालों ऑक्सीजन और बेड की कमी से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कांग्रेसी तबियत बिगड़ने पर एडीए कॉलोनी, सासनी गेट के 70 वर्षीय विनोद कुमार को लेकर मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन व बेड की उपलब्धता न होने पर मरीज को घर ले जाने के लिए कह दिया। इसको लेकर स्टाफ व कांग्रेसियों में नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस नेताओं ने उपचार के नाम पर लूटमार किए जाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनसे कहा गया कि अस्पताल में बेड खाली नहीं, ऑक्सीजन की उपलब्धता नहीं, एंटीजन किट नहीं। यही सब अस्पताल के स्टाफ ने पर्चे पर भी लिख कर दे दिया। इसको लेकर स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। बाद में परिजन मरीज को घर ले आए। इससे पहले 108 एंबुलेंस की सेवा भी उपलब्ध नहीं हो सकी। अब नेबुलाइजर की मदद से उपचार किया जा रहा है। बताया कि 10 लीटर का ऑक्सीजन सिलिंडर 20000 रुपये में किसी तरह मिला।
इधर, कांग्रेस नेता इंजीनियर आगा यूनुस ने कहा कि इस समय स्वास्थ्य विभाग को खुद ऑक्सीजन की जरूरत है। विभाग के पास न ऑक्सीजन है, न दवा है। आईसीयू और वेंटिलेटर तक की व्यवस्था नहीं है। प्राइवेट हॉस्पिटलों में मरीजों के साथ लूटमार हो रही है। मेडिकल कॉलेज समेत दोनों सरकारी अस्पताल बेदम दिख रहे है।
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कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनसे कहा गया कि अस्पताल में बेड खाली नहीं, ऑक्सीजन की उपलब्धता नहीं, एंटीजन किट नहीं। यही सब अस्पताल के स्टाफ ने पर्चे पर भी लिख कर दे दिया। इसको लेकर स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। बाद में परिजन मरीज को घर ले आए। इससे पहले 108 एंबुलेंस की सेवा भी उपलब्ध नहीं हो सकी। अब नेबुलाइजर की मदद से उपचार किया जा रहा है। बताया कि 10 लीटर का ऑक्सीजन सिलिंडर 20000 रुपये में किसी तरह मिला।
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इधर, कांग्रेस नेता इंजीनियर आगा यूनुस ने कहा कि इस समय स्वास्थ्य विभाग को खुद ऑक्सीजन की जरूरत है। विभाग के पास न ऑक्सीजन है, न दवा है। आईसीयू और वेंटिलेटर तक की व्यवस्था नहीं है। प्राइवेट हॉस्पिटलों में मरीजों के साथ लूटमार हो रही है। मेडिकल कॉलेज समेत दोनों सरकारी अस्पताल बेदम दिख रहे है।
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