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अलीगढ़ः परिवार को नहीं किसी पर शक, पर सीबीआई जांच की मांग
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टप्पल घटना स्थल का निरीक्षण करते एसएसपी कलानिधि नैथानी ।
- फोटो : CITY OFFICE
यमुना पट्टी के गांव में सोमवार को हुई सनसनीखेज वारदात के पीछे क्या, क्यों, किसने, कैसे, जैसे अभी अनगिनत सवाल अनसुलझे हैं। मगर घटनास्थल पर रोते बिलखते परिवार ने किसी पर शक नहीं जताया। हां, एक बात जरूर कही कि दरिंदे का मासूम ने क्या बिगाड़ा था। जिसने भी किया है, उसे फांसी पर लटकाया जाए और इस घटना के खुलासे के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। इस दौरान बिलखते हुए दादी ने बच्ची संग दुष्कर्म का भी अंदेशा जताया है। कई ग्रामीणों ने भी दादी की बात पर बल दिया है। यही वजह है कि पुलिस ने पैनल के जरिये पोस्टमार्टम कराना तय किया है।
मुंह में भरी थी मिट्टी, शर्ट पर लगा था खून
जिस वक्त परिवार की खोजबीन में पुलिस पहुंची तो बच्ची धान के खेत में औंधे मुंह ऐसे पड़ी थी, जैसे बिस्तर पर कोई उल्टा लेटता है। धान के खेत से बगल का खेत ऊंचा था। धान के खेत में उसमें से ही होकर उतरना होगा। जब बच्ची के शव को सीधा कर बाहर निकाला गया तो मुंह में मिट्टी भरी हुई थी और शरीर का आगे का पूरा हिस्सा मिट्टी से सना था। हां, शर्ट पर खून के धब्बे लगे हुए थे। जिन्हें देखकर पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से दादी, बुआ व मां आदि की मौजूदगी में बच्ची के शव की बारीकी से पड़ताल कराई। मगर जाहिरा चोट का कोई निशान नहीं दिखाई दिया। उसकी स्कूल ड्रेस की पैंट, शर्ट, बेल्ट ज्यों की त्यों बंधी थी। बस चप्पल व बैग जरूर अलग जामुन के पेड़ के नीचे थे। घटनास्थल से बच्ची का घर करीब 600 मीटर दूरी पर था। जिस चकरोड से बच्ची स्कूल आती जाती थी। वह बाईपास संपर्क मार्ग है, उस मार्ग पर दिन में आवाजाही समय बचाने के लिए रहती है। मार्ग से दो-तीन खेत हटकर बच्ची की लाश मिली थी।
पढ़ने में होशियार थी बच्ची, मां का हाल बेहाल
घटनास्थल पर मौजूद पिता, दादी, मां व बुआ को संभाल पाना मुश्किल हो रहा था। मां व बुआ तो बार-बार बेहोश होकर गिर जा रही थीं। इस दौरान मां ने बताया कि बच्ची पढ़ने में बेहद होशियार थी। कहा कि दरिंदों के कीड़े पड़ेंगे। साथ में कहा कि सीबीआई जांच कराकर मासूम बिटिया की हत्या करने वालों को फांसी पर चढ़ाया जाए। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तहरीर नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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घर से पंद्रह सौ मीटर दूर है स्कूल
बच्ची जिस स्कूल में पढ़ती थी, वह उसके घर से महज 1500 मीटर की दूरी पर है। वह रोजाना गांव के करीब 50 बच्चों के साथ पैदल ही स्कूल जाती थी। सोमवार को उसका बैग खेतों में जामुन के पेड़ के नीचे मिलने के बाद बाबा स्कूल पहुंचे, तब पता चला कि सोमवार को वह स्कूल नहीं पहुंची। इस पर वह रास्ते में लोगों से पूछते हुए घर लौटे तो बात पूरे गांव में फैल गई। गांव वाले भी बच्ची की तलाश में जुट गए। जहां पर बैग और चप्पल मिले थे उससे करीब 100 मीटर दूर धान के खेत में शव मिला।
दोषियों को मिले कड़ी सजा
पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि बच्ची पहली कक्षा की छात्रा थी। उनके तीन बच्चों में सबसे बड़ी थी। उन्होंने घटना की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। वहीं घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए कई थानों का फोर्स बुला लिया गया था। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए थे।
टप्पल में तीन साल बार दोहराई गई वारदात
यह पहला मौका नहीं, इससे पहले भी टप्पल में इस तरह की एक सनसनीखेज वारदात हो चुकी है। वर्ष 2019 में इसी तरह ढाई साल की बच्ची घर के बाहर खेलते समय गायब हुई थी। तीसरे दिन उसकी लाश पड़ोस की गली में गैर समुदाय के आरोपियों के घर के सामने कूड़े में मिली थी। देश भर में सुर्खियों में रहे इस घटनाक्रम के दौरान कई दिन तक टप्पल सुलगता रहा था। धरना प्रदर्शन के बीच आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को तमाम तरह की आर्थिक मदद के बाद मामला शांत हुआ था। न्यायालय में विचाराधीन उस प्रकरण में सोमवार को गवाही की तारीख नियत थी। त्वरित गति से चल रही सुनवाई के बाद मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद है। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेस वे आंदोलन, ज्ञानी हत्याकांड सहित अन्य कई घटनाओं के कारण टप्पल अक्सर सुर्खियों में रहता है।
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मुंह में भरी थी मिट्टी, शर्ट पर लगा था खून
जिस वक्त परिवार की खोजबीन में पुलिस पहुंची तो बच्ची धान के खेत में औंधे मुंह ऐसे पड़ी थी, जैसे बिस्तर पर कोई उल्टा लेटता है। धान के खेत से बगल का खेत ऊंचा था। धान के खेत में उसमें से ही होकर उतरना होगा। जब बच्ची के शव को सीधा कर बाहर निकाला गया तो मुंह में मिट्टी भरी हुई थी और शरीर का आगे का पूरा हिस्सा मिट्टी से सना था। हां, शर्ट पर खून के धब्बे लगे हुए थे। जिन्हें देखकर पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से दादी, बुआ व मां आदि की मौजूदगी में बच्ची के शव की बारीकी से पड़ताल कराई। मगर जाहिरा चोट का कोई निशान नहीं दिखाई दिया। उसकी स्कूल ड्रेस की पैंट, शर्ट, बेल्ट ज्यों की त्यों बंधी थी। बस चप्पल व बैग जरूर अलग जामुन के पेड़ के नीचे थे। घटनास्थल से बच्ची का घर करीब 600 मीटर दूरी पर था। जिस चकरोड से बच्ची स्कूल आती जाती थी। वह बाईपास संपर्क मार्ग है, उस मार्ग पर दिन में आवाजाही समय बचाने के लिए रहती है। मार्ग से दो-तीन खेत हटकर बच्ची की लाश मिली थी।
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पढ़ने में होशियार थी बच्ची, मां का हाल बेहाल
घटनास्थल पर मौजूद पिता, दादी, मां व बुआ को संभाल पाना मुश्किल हो रहा था। मां व बुआ तो बार-बार बेहोश होकर गिर जा रही थीं। इस दौरान मां ने बताया कि बच्ची पढ़ने में बेहद होशियार थी। कहा कि दरिंदों के कीड़े पड़ेंगे। साथ में कहा कि सीबीआई जांच कराकर मासूम बिटिया की हत्या करने वालों को फांसी पर चढ़ाया जाए। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तहरीर नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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घर से पंद्रह सौ मीटर दूर है स्कूल
बच्ची जिस स्कूल में पढ़ती थी, वह उसके घर से महज 1500 मीटर की दूरी पर है। वह रोजाना गांव के करीब 50 बच्चों के साथ पैदल ही स्कूल जाती थी। सोमवार को उसका बैग खेतों में जामुन के पेड़ के नीचे मिलने के बाद बाबा स्कूल पहुंचे, तब पता चला कि सोमवार को वह स्कूल नहीं पहुंची। इस पर वह रास्ते में लोगों से पूछते हुए घर लौटे तो बात पूरे गांव में फैल गई। गांव वाले भी बच्ची की तलाश में जुट गए। जहां पर बैग और चप्पल मिले थे उससे करीब 100 मीटर दूर धान के खेत में शव मिला।
दोषियों को मिले कड़ी सजा
पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि बच्ची पहली कक्षा की छात्रा थी। उनके तीन बच्चों में सबसे बड़ी थी। उन्होंने घटना की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। वहीं घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए कई थानों का फोर्स बुला लिया गया था। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए थे।
टप्पल में तीन साल बार दोहराई गई वारदात
यह पहला मौका नहीं, इससे पहले भी टप्पल में इस तरह की एक सनसनीखेज वारदात हो चुकी है। वर्ष 2019 में इसी तरह ढाई साल की बच्ची घर के बाहर खेलते समय गायब हुई थी। तीसरे दिन उसकी लाश पड़ोस की गली में गैर समुदाय के आरोपियों के घर के सामने कूड़े में मिली थी। देश भर में सुर्खियों में रहे इस घटनाक्रम के दौरान कई दिन तक टप्पल सुलगता रहा था। धरना प्रदर्शन के बीच आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को तमाम तरह की आर्थिक मदद के बाद मामला शांत हुआ था। न्यायालय में विचाराधीन उस प्रकरण में सोमवार को गवाही की तारीख नियत थी। त्वरित गति से चल रही सुनवाई के बाद मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद है। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेस वे आंदोलन, ज्ञानी हत्याकांड सहित अन्य कई घटनाओं के कारण टप्पल अक्सर सुर्खियों में रहता है।