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अफसर रहे नदारद, स्मार्ट सिटी कार्यशाला बनी अखाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:29 AM IST
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जवाहर भवन में आयोजित तीन दिवसीय स्मार्ट सिटी कार्यशाला में हंगामा करते पार्षद।
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की तीन दिवसीय कार्यशाला में मंगलवार को दूसरे दिन अफ सरों के न होने पर पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में कार्यशाला का दोपहर बाद का दूसरा सत्र सम्पन्न हो गया। बुधवार को तीसरे दिन का समापन सत्र भी खासा हंगामेदार होने की उम्मीद है।
अधिकारियों के गंभीर नहीं होने पर भाजपा पार्षद दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट पीएम नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन में अधिकारियों के गंभीर नहीं होने पर आक्रोशित है तो वहीं दूसरा गुट स्मार्ट सिटी को लेकर आलोचना करने वालों की निंदा कर रहा है। बसपा और सपा पार्षद भी अधिकारियों के गंभीर नहीं होने पर भाजपा पार्षदों के आक्रोशित गुट के साथ हो गए हैं। कुछ देर भाजपा के दोनों पार्षद गुटों में बहसा बहसी भी हुई लेकिन बाद में बीचबचाव कर मामला शांत किया गया।
मंगलवार सुबह जवाहर भवन में स्मार्ट सिटी कान्क्लेव का दूसरा दिन था। सुबह के पहले सत्र में समाजसेवी संगठनों को बुला कर उनके प्रस्ताव मांगे गए। उनको स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव बताए गए। यहां स्मार्ट सिटी का काम करने वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशु पाठक सहित अन्य लोगों ने स्मार्ट सिटी की परिकल्पना से रूबरू कराया। पहले सत्र में स्मार्ट सिटी से जुड़ा कोई भी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद नहीं रहा। दोपहर तीन बजे के बाद दूसरा सत्र शुरू हुआ। इसमें पार्षदों को बुलाया गया था। इस सत्र में नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल और मेयर मो. फुरकान शामिल हुए। कुछ देर के संबोधन के बाद नगर आयुक्त ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वह ज्यादा देर तक नहीं बैठ पाएंगे। वह चले गए। नगर आयुक्त के जाने के बाद मंच पर मेयर मो. फुरकान रह गए। इस पर पार्षदों ने कहा कि ये ठीक नहीं है कि जब शहर के सबसे बड़े स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर चर्चा होनी है तो एक भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं है। मेयर ने भी इसका समर्थन किया। कुछ देर बाद मेयर भी चले गए।
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इसी बीच भाजपा पार्षद दो गुटों में बंट गए। एक गुट ने अधिकारियों के नहीं होने पर विरोध दर्ज कराया तो दूसरे गुट ने कहा हमें अपनी ही सरकार के किसी प्रोजेक्ट की आलोचना नहीं करनी चाहिए। नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति भाजपा नेता पुष्पेंद्र जादौन ने कहा कि स्मार्ट सिटी के दूसरे दिन की बैठक में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड चेयरमैन मंडलायुक्त अजय दीप सिंह, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर श्याम बहादुर सिंह सहित कोई बड़ा अधिकारी नहीं आया। यातायात पर चर्चा होनी थी लेकिन एसपी ट्रैफिक अजीजुल हक उपस्थिति नहीं थे। अतिक्रमण हटवाने के लिए बात होनी थी तो अपर जिलाधिकारी नगर एसबी सिंह भी नहीं थे। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल थोड़ी देर के लिए आए और स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर चले गए। जब कोई मौजूद ही नहीं है तो पार्षद बैठ कर क्या करेंगे..?
धीरे-धीरे पार्षद भी बैठक से अपने घरों की ओर चलने लगे। यहां पर पार्षद अनिल सेंगर, हरेंद्र गुप्ता, पुष्पेंद्र जादौन, कविता शर्मा, अलका गुप्ता, सुबोध कुमार, विजय तोमर, मधुरानी, मुकेश शर्मा, देश दीपक आदि मौजूद रहे। इन पार्षदों का कहना था कि पहले दिन की प्रेजेंटेशन ही दूसरे दिन भी दिखाई गई। जिसमें केवल कुछ फोटो और स्लोगन के अलावा कुछ नहीं था। कहीं भी ये नहीं बताया गया कि आखिर प्रस्तावित विकास कार्यों को अमलीजामा कैसे पहनाया जाएगा।
मंडलायुक्त की सिफारिश पर शामिल हुए पार्षद
स्मार्ट सिटी अलीगढ़ सिटी की तीन दिवसीय कार्यशाला में पहले किसी भी पार्षद को नहीं बुलाया गया था। लेकिन मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने पार्षदों के हस्तक्षेप सबको निर्देशित किया कि उनको भी शामिल किया जाए। इसके बाद स्मार्ट सिटी में पहले चरण में विकास के लिए चुने 17 वार्डों के पार्षदों को बुलाया गया। इसके बाद सभी पार्षदों को मंगलवार की दूसरे दिन की बैठक के दूसरे सत्र में बुलाया गया था।
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव
स्मार्ट सिटी की दूसरे दिन कार्यशाला का विषय सौर उर्जा और पर्यावरण बचाव पर चर्चा के साथ-साथ क्षेत्रीय पार्षदों के सुझावों के अनुसार स्मार्ट सिटी के प्रारम्भ होने वाले कार्यों को शुरू करना रहा। प्रथम चरण में प्रात: 10 से 3 बजे तक सौर उर्जा और पर्यावरण बचाव पर विस्तृत चर्चा के साथ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत अधिक से अधिक सौर उर्जा का उपयोग करने पर बल दिया गया। नेडा विभाग से फिरोज अहमद ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये बताया कि आधुनिकता के दौर में सौर उर्जा का महत्व बढ़ता जा रहा है और आने वाले भविष्य को उज्जवल व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिये अधिक से अधिक सौर उर्जा का उपयोग करना जरूरी है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता वीनेश कुमार ने शहर में इगलास रोड पर 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने का प्रस्ताव रखा। इससे सीवर के पानी को कार धुलाई सहित अन्य कामों के लिए फ्लिटर किया जा सकेगा। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय गुप्ता ने ट्रेनों में बायोटॉयलेट की तरह शहर में भी इसे स्थापित करने का सुझाव दिया।
अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए काम कर रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंस्लटेंट (पीएमसी) के हेड हिमांशु पाठक ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के तहत 17 वार्ड चयनित किए गए हैं, जिसमें स्मार्ट सिटी के निर्धारित 12 माड्यूल पर काम होगा। पार्षद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हैदाराबाद व छत्तीसगढ़ में रह कर वहां की योजनाओं को देखते हुए अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी नहीं बनाया जा सकता है। अलीगढ़ की गलियों में घूमे बिना ही यहां के लिए विकास योजनाओं को प्लान नहीं किया जा सकता है। इस दौरान पार्षद अनिल सेंगर ने भी स्मार्ट सिटी में पार्षदों और क्षेत्रीय जनता की समस्याओं और सुझावों को शामिल करने का सुझाव दिया। पार्षद हेमंत गुप्ता ने अलीगढ़ स्मार्ट सिटी को पूरे पार्षदो सहित अलीगढ़वासियों का सहयोग देने का आश्वसन दिया। सहायक नोडल राजेश गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड की कार्यशाला का जवाहर भवन में तीसरे दिन समापन होगा जिसमें आने वाले दिनों में धरातल पर स्मार्ट सिटी में होने वाले कार्यो पर चर्चा होगी। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि आने वाले दिनों में स्मार्ट सिटी के पहले चरण में घंटाघर पार्क में लाइटिंगए टैऊफिक मैनेजमेंट सिस्टमए स्मार्ट रोड के साथ.साथ लोगों की सोच को स्मार्ट बनाने पर बल दिया जायेगा। ब्यूरो
प्रोजेक्ट में शहर के इन इलाकों के 17 वार्ड हैं शामिल
अलीगढ़। महावीरगंज, बारहद्वारी, गांधीपार्क, बस स्टैंड, अचलताल, रामलीला मैदान, दुबे का पड़ाव, कंपनी बाग, मीनाक्षी पुल, कठपुला, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, समद रोड, रेलवे स्टेशन, मथुरा रोड, घंटाघर, दीवानी कचहरी, लाल डिग्गी रोड के इलाके के 17 वार्ड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हैं। जहां पर अलग अलग विकास कार्य प्रस्तावित हैं। पीएमसी के हैड हिमांशु पाठक ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के अंतर्गत वार्ड 23, 43, 18, 48, 49, 8, 26, 54, 59, 60, 10, 33, 52, 49, 46, 36 एवं 17 नंबर वार्ड को चयनित किया गया है। इनमें 12 तरह के काम किए जाएंगे।
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अधिकारियों के गंभीर नहीं होने पर भाजपा पार्षद दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट पीएम नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन में अधिकारियों के गंभीर नहीं होने पर आक्रोशित है तो वहीं दूसरा गुट स्मार्ट सिटी को लेकर आलोचना करने वालों की निंदा कर रहा है। बसपा और सपा पार्षद भी अधिकारियों के गंभीर नहीं होने पर भाजपा पार्षदों के आक्रोशित गुट के साथ हो गए हैं। कुछ देर भाजपा के दोनों पार्षद गुटों में बहसा बहसी भी हुई लेकिन बाद में बीचबचाव कर मामला शांत किया गया।
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मंगलवार सुबह जवाहर भवन में स्मार्ट सिटी कान्क्लेव का दूसरा दिन था। सुबह के पहले सत्र में समाजसेवी संगठनों को बुला कर उनके प्रस्ताव मांगे गए। उनको स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव बताए गए। यहां स्मार्ट सिटी का काम करने वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशु पाठक सहित अन्य लोगों ने स्मार्ट सिटी की परिकल्पना से रूबरू कराया। पहले सत्र में स्मार्ट सिटी से जुड़ा कोई भी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद नहीं रहा। दोपहर तीन बजे के बाद दूसरा सत्र शुरू हुआ। इसमें पार्षदों को बुलाया गया था। इस सत्र में नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल और मेयर मो. फुरकान शामिल हुए। कुछ देर के संबोधन के बाद नगर आयुक्त ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वह ज्यादा देर तक नहीं बैठ पाएंगे। वह चले गए। नगर आयुक्त के जाने के बाद मंच पर मेयर मो. फुरकान रह गए। इस पर पार्षदों ने कहा कि ये ठीक नहीं है कि जब शहर के सबसे बड़े स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर चर्चा होनी है तो एक भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं है। मेयर ने भी इसका समर्थन किया। कुछ देर बाद मेयर भी चले गए।
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इसी बीच भाजपा पार्षद दो गुटों में बंट गए। एक गुट ने अधिकारियों के नहीं होने पर विरोध दर्ज कराया तो दूसरे गुट ने कहा हमें अपनी ही सरकार के किसी प्रोजेक्ट की आलोचना नहीं करनी चाहिए। नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति भाजपा नेता पुष्पेंद्र जादौन ने कहा कि स्मार्ट सिटी के दूसरे दिन की बैठक में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड चेयरमैन मंडलायुक्त अजय दीप सिंह, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर श्याम बहादुर सिंह सहित कोई बड़ा अधिकारी नहीं आया। यातायात पर चर्चा होनी थी लेकिन एसपी ट्रैफिक अजीजुल हक उपस्थिति नहीं थे। अतिक्रमण हटवाने के लिए बात होनी थी तो अपर जिलाधिकारी नगर एसबी सिंह भी नहीं थे। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल थोड़ी देर के लिए आए और स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर चले गए। जब कोई मौजूद ही नहीं है तो पार्षद बैठ कर क्या करेंगे..?
धीरे-धीरे पार्षद भी बैठक से अपने घरों की ओर चलने लगे। यहां पर पार्षद अनिल सेंगर, हरेंद्र गुप्ता, पुष्पेंद्र जादौन, कविता शर्मा, अलका गुप्ता, सुबोध कुमार, विजय तोमर, मधुरानी, मुकेश शर्मा, देश दीपक आदि मौजूद रहे। इन पार्षदों का कहना था कि पहले दिन की प्रेजेंटेशन ही दूसरे दिन भी दिखाई गई। जिसमें केवल कुछ फोटो और स्लोगन के अलावा कुछ नहीं था। कहीं भी ये नहीं बताया गया कि आखिर प्रस्तावित विकास कार्यों को अमलीजामा कैसे पहनाया जाएगा।
मंडलायुक्त की सिफारिश पर शामिल हुए पार्षद
स्मार्ट सिटी अलीगढ़ सिटी की तीन दिवसीय कार्यशाला में पहले किसी भी पार्षद को नहीं बुलाया गया था। लेकिन मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने पार्षदों के हस्तक्षेप सबको निर्देशित किया कि उनको भी शामिल किया जाए। इसके बाद स्मार्ट सिटी में पहले चरण में विकास के लिए चुने 17 वार्डों के पार्षदों को बुलाया गया। इसके बाद सभी पार्षदों को मंगलवार की दूसरे दिन की बैठक के दूसरे सत्र में बुलाया गया था।
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव
स्मार्ट सिटी की दूसरे दिन कार्यशाला का विषय सौर उर्जा और पर्यावरण बचाव पर चर्चा के साथ-साथ क्षेत्रीय पार्षदों के सुझावों के अनुसार स्मार्ट सिटी के प्रारम्भ होने वाले कार्यों को शुरू करना रहा। प्रथम चरण में प्रात: 10 से 3 बजे तक सौर उर्जा और पर्यावरण बचाव पर विस्तृत चर्चा के साथ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत अधिक से अधिक सौर उर्जा का उपयोग करने पर बल दिया गया। नेडा विभाग से फिरोज अहमद ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये बताया कि आधुनिकता के दौर में सौर उर्जा का महत्व बढ़ता जा रहा है और आने वाले भविष्य को उज्जवल व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिये अधिक से अधिक सौर उर्जा का उपयोग करना जरूरी है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता वीनेश कुमार ने शहर में इगलास रोड पर 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने का प्रस्ताव रखा। इससे सीवर के पानी को कार धुलाई सहित अन्य कामों के लिए फ्लिटर किया जा सकेगा। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय गुप्ता ने ट्रेनों में बायोटॉयलेट की तरह शहर में भी इसे स्थापित करने का सुझाव दिया।
अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लिए काम कर रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंस्लटेंट (पीएमसी) के हेड हिमांशु पाठक ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के तहत 17 वार्ड चयनित किए गए हैं, जिसमें स्मार्ट सिटी के निर्धारित 12 माड्यूल पर काम होगा। पार्षद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हैदाराबाद व छत्तीसगढ़ में रह कर वहां की योजनाओं को देखते हुए अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी नहीं बनाया जा सकता है। अलीगढ़ की गलियों में घूमे बिना ही यहां के लिए विकास योजनाओं को प्लान नहीं किया जा सकता है। इस दौरान पार्षद अनिल सेंगर ने भी स्मार्ट सिटी में पार्षदों और क्षेत्रीय जनता की समस्याओं और सुझावों को शामिल करने का सुझाव दिया। पार्षद हेमंत गुप्ता ने अलीगढ़ स्मार्ट सिटी को पूरे पार्षदो सहित अलीगढ़वासियों का सहयोग देने का आश्वसन दिया। सहायक नोडल राजेश गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड की कार्यशाला का जवाहर भवन में तीसरे दिन समापन होगा जिसमें आने वाले दिनों में धरातल पर स्मार्ट सिटी में होने वाले कार्यो पर चर्चा होगी। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि आने वाले दिनों में स्मार्ट सिटी के पहले चरण में घंटाघर पार्क में लाइटिंगए टैऊफिक मैनेजमेंट सिस्टमए स्मार्ट रोड के साथ.साथ लोगों की सोच को स्मार्ट बनाने पर बल दिया जायेगा। ब्यूरो
प्रोजेक्ट में शहर के इन इलाकों के 17 वार्ड हैं शामिल
अलीगढ़। महावीरगंज, बारहद्वारी, गांधीपार्क, बस स्टैंड, अचलताल, रामलीला मैदान, दुबे का पड़ाव, कंपनी बाग, मीनाक्षी पुल, कठपुला, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, समद रोड, रेलवे स्टेशन, मथुरा रोड, घंटाघर, दीवानी कचहरी, लाल डिग्गी रोड के इलाके के 17 वार्ड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हैं। जहां पर अलग अलग विकास कार्य प्रस्तावित हैं। पीएमसी के हैड हिमांशु पाठक ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रस्ताव के अंतर्गत वार्ड 23, 43, 18, 48, 49, 8, 26, 54, 59, 60, 10, 33, 52, 49, 46, 36 एवं 17 नंबर वार्ड को चयनित किया गया है। इनमें 12 तरह के काम किए जाएंगे।