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अलीगढ़ः नौ साल पहले अमर उजाला ने उठाया था विवि का मुद्दा

Fri, 17 Sep 2021 09:57 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:57 PM IST
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Nine years ago, Amar Ujala raised the issue of the university
राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का मॉडल । - फोटो : CITY OFFICE
31 अगस्त 2012 को अमर उजाला ने विश्वविद्यालय का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। यहां के सैकड़ों छात्रों ने अलीगढ़ में विश्वविद्यालय की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया। शिक्षक, बुद्धिजीवियों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का भी समर्थन छात्रों को मिला था। नौ साल बाद राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के रूप में यहां के निवासियों का सपना साकार होने जा रहा है।
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एसवी कॉलेज के इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. मांगेलाल ने सबसे पहले 1977 में अलीगढ़ में विश्वविद्यालय की मांग की थी। यह बात डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एसएस गुप्ता ने अमर उजाला को बताई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि अलीगढ़ में विश्वविद्यालय बनाने के लिए उन्होंने यहां के शिक्षाविद् एवं क्लबों से संपर्क साधा था। 1977 में वह प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई और तत्कालीन शिक्षामंत्री से मिले थे। उद्देश्य था कि कृषि प्रधान क्षेत्र अलीगढ़ में राज्य विवि स्थापित हो, जिससे शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के बच्चे भी तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के साथ बेहतर उच्च शिक्षा हासिल कर अपनी तकदीर संवार सकें। इसकी (विश्वविद्यालय) रोशनी से आसपास के जनपदों का अंधेरा दूर होगा। यहां के शिक्षाविद् व बुद्धिजीवियों की सलाह पर अमर उजाला द्वारा ‘आओ बेहतर बनाएं अपना अलीगढ़’ शीर्षक के अंतर्गत विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाया गया था।
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ये हैं आंकड़े
- 2012 में डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में 39 एडेड एवं 450 से अधिक सेल्फ फाइनेंस कॉलेज थे। वर्तमान में यह संख्या 750 से अधिक तक पहुंच गई है।
- अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, हाथरस, एटा एवं कासगंज के करीब 395 कॉलेज राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे।
क्यों पड़ी विश्वविद्यालय की जरूरत
डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में कॉलेजों की अधिकता के कारण हर तरफ अव्यवस्था फैली थी। छात्रों का समय पर दाखिला नहीं हो पाता था। परीक्षा और परिणाम भी समय पर घोषित नहीं हो पाते थे। परिणाम के इंतजार में छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब होता था। प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन के बावजूद परीक्षा परिणाम के अभाव में युवक नौकरी से वंचित रह जाते थे। अंक पत्र एवं अन्य जरूरी कागजातों में गलती की वजह से छात्रों को बार-बार आगरा भागना पड़ता था। वहां पर बिना पैसे खर्च किए काम नहीं होता था। जनपद में प्रत्येक वर्ष करीब 60 हजार से अधिक छात्र इंटर पास करते हैं। कॉलेज में दाखिला उनके लिए बड़ी समस्या होती है।
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ये बयान अवश्य लगा दें..इसमें आज कुछ गड़बड़ हो गई थी...
- पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने प्रदेश में नौ यूनिवर्सिटी बनाने के साथ विधानसभा मे प्रत्येक मंडल में राज्य विवि का प्रस्ताव पास कराया था,उसी का क्रियान्वयन है ये राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी।-अर्जुन सिंह भोलू छात्र नेता,

अर्जुन सिंह भोलू। छात्र नेता

अर्जुन सिंह भोलू। छात्र नेता- फोटो : CITY OFFICE

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