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Aligarh News: एक ही वार्ड में होगा नवजात व मां का इलाज
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मोहनलाल गौतम महिला जिला अस्पताल
- फोटो : samvad
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मोहनलाल गौतम महिला जिला अस्पताल में अब एक ही वार्ड में बीमार नवजात बच्चे व उसकी मां के उपचार की सुविधा शुरू हो गई है। छह माह पहले प्रस्तावित हुआ 18 बेड का एमएनसीयू वार्ड शुरू कर दिया गया है, जिसमें प्रसव के बाद बीमार बच्चे को मां के साथ बराबर में ही एसएनसीयू बेड पर रखा जा रहा है।
मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल में लंबे समय से एसएनसीयू वार्ड संचालित था, जिसमें प्रसव के बाद पैदा होने वाले बीमार बच्चों, कमजोर बच्चों या अन्य किसी बीमारी से ग्रसित बच्चों को आईसीयू या वेंटिलेटर बेड पर रखा जाता था। इस दौरान उन्हें जन्म देने वाली मां को अलग वार्ड में रखा जाता था। कई बार बच्चों को फीडिंग आदि में समस्या होती थी।
छह माह पहले शासन स्तर से इस में मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट शुरू करने के निर्देश मिले। इस क्रम में यहां व्यवस्थाए जुटाई गईं। कुछ समय पहले ऑक्सीजन आदि की सुविधा भी शुरू हो गई। इसके बाद एक पखवाड़ा पहले एमएनसीयू वार्ड शुरू कर दिया गया है, जिसमें 18 बेड हैं। सीएमएस डाॅ. एम तैयब खान ने बताया कि कुछ तकनीकी वजहों से इस वार्ड को शुरू करने में देरी हुई है। अब हमारा एसएनसीयू अपडेट कर एमएनसीयू में बदल गया है, जिसमें नवजात बीमार बच्चे को मां के साथ ही भर्ती रखा जा रहा है।
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मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल में लंबे समय से एसएनसीयू वार्ड संचालित था, जिसमें प्रसव के बाद पैदा होने वाले बीमार बच्चों, कमजोर बच्चों या अन्य किसी बीमारी से ग्रसित बच्चों को आईसीयू या वेंटिलेटर बेड पर रखा जाता था। इस दौरान उन्हें जन्म देने वाली मां को अलग वार्ड में रखा जाता था। कई बार बच्चों को फीडिंग आदि में समस्या होती थी।
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छह माह पहले शासन स्तर से इस में मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट शुरू करने के निर्देश मिले। इस क्रम में यहां व्यवस्थाए जुटाई गईं। कुछ समय पहले ऑक्सीजन आदि की सुविधा भी शुरू हो गई। इसके बाद एक पखवाड़ा पहले एमएनसीयू वार्ड शुरू कर दिया गया है, जिसमें 18 बेड हैं। सीएमएस डाॅ. एम तैयब खान ने बताया कि कुछ तकनीकी वजहों से इस वार्ड को शुरू करने में देरी हुई है। अब हमारा एसएनसीयू अपडेट कर एमएनसीयू में बदल गया है, जिसमें नवजात बीमार बच्चे को मां के साथ ही भर्ती रखा जा रहा है।
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