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Aligarh News: जुलाई में मिलेगा नया अत्याधुनिक पार्षद सदन
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निर्माणाधीन पार्षद सदन।
- फोटो : samvad
नगर निगम परिसर स्थित जवाहर भवन के पास बन रहा अत्याधुनिक नगर निगम पार्षद सदन (सभागार) जुलाई 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा। इस सदन का करीब 95 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके निर्माण पर कुल 14 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि अलीगढ़ के सीमा विस्तार के बाद नगर निगम में पार्षदों की संख्या 70 से बढ़कर 90 हो गई थी। पुराने जवाहर भवन की क्षमता कम होने के कारण पार्षदों और अधिकारियों के बैठने में काफी असुविधा हो रही थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए इस नए सदन की रूपरेखा तैयार की गई थी।
कुल 1.01 एकड़ क्षेत्रफल में आकार ले रही इस दो मंजिला (भूतल सहित) इमारत को बेहद आधुनिक लुक दिया जा रहा है। सभागार को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के लिए इसमें बेहतरीन सिटिंग चेयर्स, हाईटेक लाइटिंग, ग्लास वर्क और शानदार साज-सज्जा की जा रही है। इमारत की पहली मंजिल पर मुख्य सदन (सभागार) बनाया गया है, जबकि दूसरी मंजिल पर पार्षदों के लिए विशेष कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है।
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पूरे भवन में निर्बाध जलापूर्ति के लिए एक अंडरग्राउंड वाटर टैंक बनाया जा रहा है, जिसके ऊपरी हिस्से को एक खूबसूरत पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
पूरे परिसर को सेंट्रलाइज्ड वातानुकूलन (एसी) प्रणाली से लैस किया जा रहा है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए आधुनिक लिफ्ट भी लगाई जा रही है। निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। जुलाई में यह तैयार हो जाएगा।
जवाहर भवन का स्थान लेगा नया हॉल :
निर्माणाधीन नया सदन पुराने जवाहर भवन की जगह लेगा। जवाहर भवन ब्रिटिश काल (1894-1898) की इमारत है, जिसे क्रॉस्थवेट हॉल के नाम से भी जाना जाता है। उस समय के तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारी उत्तर-पश्चिमी प्रांत के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर चार्ल्स क्रॉस्थवेट के कार्यकाल के दौरान बनवाया गया था। भारत की आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री के सम्मान में इसका नाम बदलकर जवाहर भवन कर दिया गया। उस दौर में यह आलीशान भवन लगभग 25,200 रुपये की लागत में बनकर तैयार हुआ था। इसे गोथिक आर्किटेक्चर यानी यूरोपीय शैली में लाल ईंटों से तैयार किया गया।
नए पार्षद सदन का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा। यह सदन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गाया है। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
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गौरतलब है कि अलीगढ़ के सीमा विस्तार के बाद नगर निगम में पार्षदों की संख्या 70 से बढ़कर 90 हो गई थी। पुराने जवाहर भवन की क्षमता कम होने के कारण पार्षदों और अधिकारियों के बैठने में काफी असुविधा हो रही थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए इस नए सदन की रूपरेखा तैयार की गई थी।
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कुल 1.01 एकड़ क्षेत्रफल में आकार ले रही इस दो मंजिला (भूतल सहित) इमारत को बेहद आधुनिक लुक दिया जा रहा है। सभागार को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के लिए इसमें बेहतरीन सिटिंग चेयर्स, हाईटेक लाइटिंग, ग्लास वर्क और शानदार साज-सज्जा की जा रही है। इमारत की पहली मंजिल पर मुख्य सदन (सभागार) बनाया गया है, जबकि दूसरी मंजिल पर पार्षदों के लिए विशेष कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है।
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पूरे भवन में निर्बाध जलापूर्ति के लिए एक अंडरग्राउंड वाटर टैंक बनाया जा रहा है, जिसके ऊपरी हिस्से को एक खूबसूरत पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
पूरे परिसर को सेंट्रलाइज्ड वातानुकूलन (एसी) प्रणाली से लैस किया जा रहा है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए आधुनिक लिफ्ट भी लगाई जा रही है। निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। जुलाई में यह तैयार हो जाएगा।
जवाहर भवन का स्थान लेगा नया हॉल :
निर्माणाधीन नया सदन पुराने जवाहर भवन की जगह लेगा। जवाहर भवन ब्रिटिश काल (1894-1898) की इमारत है, जिसे क्रॉस्थवेट हॉल के नाम से भी जाना जाता है। उस समय के तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारी उत्तर-पश्चिमी प्रांत के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर चार्ल्स क्रॉस्थवेट के कार्यकाल के दौरान बनवाया गया था। भारत की आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री के सम्मान में इसका नाम बदलकर जवाहर भवन कर दिया गया। उस दौर में यह आलीशान भवन लगभग 25,200 रुपये की लागत में बनकर तैयार हुआ था। इसे गोथिक आर्किटेक्चर यानी यूरोपीय शैली में लाल ईंटों से तैयार किया गया।
नए पार्षद सदन का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा। यह सदन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गाया है। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त