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Aligarh: इस बार पुराने आलू का स्वाद नहीं बिगाड़ सकेगा नया आलू, लेट ही आएगा, कीमतें भी चढ़ेंगी

Thu, 26 Sep 2024 02:57 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 26 Sep 2024 02:57 PM IST
सार

आलू बेल्ट में शामिल अलीगढ़ और हाथरस में 165 कोल्ड स्टोर हैं। इन कोल्ड स्टोर में 11 लाख टन आलू का भंडारण है। किसान भी आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। जबकि कोल्ड स्टोर स्वामी आलू निकासी के लिए किसानों को मैसेज भेज रहे हैं।

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New potato will not spoil the taste of old potato
धनीपुर मंडी में लगा आलू का ढेर - फोटो : संवाद

विस्तार

इस बार पुराने आलू का स्वाद नया आलू उस तरह से नहीं बिगाड़ सकेगा। इसकी वजह नए आलू का लेट आना होगा। दरअसल नया आलू सबसे पहले हिमाचल और पंजाब से आता है। दिवाली तक आलू की किस्म मार्केट में छा जाती है। लेकिन इस बार बरसात के चलते फसल तो कम मानी ही जा रही है बीस से पच्चीस दिन लेट भी होगी। वहीं आलू बेल्ट अलीगढ़, आगरा और हाथरस में भी अगैती किस्म पिछड़ रही है। बरसात के चलते बुआई रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।

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कच्ची और पक्की खोद वाला है आलू
आलू बेल्ट में दो तरह से आलू की खेती होती है। एक तो कच्ची खोद (पकने से पहले आलू की खुदाई कर लेना)। यह नवंबर-दिसंबर में आ जाता है। दूसरा पक्की खोद (आलू पूरा साइज का हो जाता है और कोल्ड स्टोर में रखा जाता है) फरवरी में आता है। हरदुआगंज के गांव भवनगढ़ी निवासी राजेंद्र चौैधरी का कहना है कि खेत तैयार कर लिया गया है। अगर मौसम ने साथ दिया तो जल्द बुआई कर देंगे वरना लेट हो जाएगा। रजा ताऊ के गिरीश चौधरी भी 60 बीघा खेत में आलू की खेती करेंगे। गिरीश चौधरी का कहना है कि इस बार पुराना आलू खूब चलेगा। उसकी वजह बाजार में नए आलू का लेट आना रहेगा।
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आलू का रकबा

  • अलीगढ़ में आलू का रकबा- 30 हजार हेक्टेयर
  • हाथरस में आलू का रकबा- 50 हजार हेक्टेयर

अलीगढ़ और हाथरस के कोल्ड स्टोर में है 11 लाख टन आलू का भंडारण

आलू बेल्ट में शामिल अलीगढ़ और हाथरस में 165 कोल्ड स्टोर हैं। इन कोल्ड स्टोर में 11 लाख टन आलू का भंडारण है। किसान भी आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। जबकि कोल्ड स्टोर स्वामी आलू निकासी के लिए किसानों को मैसेज भेज रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि पुराने आलू का भी इस बार अच्छा भाव रहेगा। इगलास के कलवारी गांव निवासी आलू उत्पादक किसान चौधरी हरि सिंह का कहना है वह 50 बीघा में आलू की खेती करते हैं। आगरा और हाथरस की आलू बेल्ट में आलू की बुआई अक्तूबर के पहले सप्ताह से शुरू होती है। लेकिन इस बार तो बरसात के कारण खेत अभी तक तैयार ही नहीं हो पा रहे हैं। कुछ जिलों में जहां आलू की अगैती फसल होती है वहां 25 सितंबर से बुआई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार मौसम की मार के चलते कुछ किसान आलू की खेती करेंगे भी नहीं। इन हालातों में नए आलू की फसल कमजोर ही रहेगी।

हिमाचल और पंजाब में भी लेट होगी फसल
आमतौर पर नया आलू हिमाचल के ऊना और पंजाब से ही आता है। लेकिन इस बार वहां भी बरसात के कारण आलू की फसल प्रभावित हो रही है। अगैती आलू की फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। इसलिए नया आलू कम ही आएगा। हाथरस के आलू उत्पादक किसान हरचरन सिंह का कहना है कि इस बार पुराना आलू मार्केट में छाया रहेगा। हर बार जब नया आलू आता था तो पुराने के रेट तेजी के साथ गिर जाते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।

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