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Aligarh News: प्रारंभिक जांच में प्रधानाध्यापक की लापरवाही आई सामने
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गांव जलालपुर के प्राथमिक विद्यालय में स्कूल का गेट गिरने से हुई कक्षा दो के छात्र अनुज की मौत के मामले में तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने बुधवार को स्कूल पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आई है। समिति बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप देगी।
मंगलवार को शाम तीन बजे छुट्टी के दौरान स्कूल का गेट गिर गया था और इसके नीचे दबकर कक्षा दो के छात्र अनुज की मौत हो गई थी। इस मामले में बीएसए ने सतीश चंद्र शर्मा खंड शिक्षा अधिकारी शहर, रामशंकर कुरील लोधा और सुबोध कुमार चंडौस की संयुक्त समिति बनाई थी। टीम जिला समन्वयक ज्ञानेंद्र गौतम के साथ बुधवार सुबह नौ बजे विद्यालय में पहुंच गई। ढाई घंटे तक विद्यालय में रहकर जांच की। इस दौरान पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बात की व उनके बयान दर्ज किए।
गांव के प्रकाश चंद, रामस्वरूप, रवेंद्र, इंद्रपाल, सुरेश गौतम, तालेवर सिंह आदि ने बताया कि गेट के सामने नाली पर जाल नहीं है, यहां भी कोई घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिक्षकों की लापरवाही रही है। गेट को सही नहीं कराया गया, उसे रस्सी से बांधकर रोका गया था। अध्यापकों ने टीम को बताया कि गेट लगने के कुछ महीने बाद ही जोड़ की वेल्डिंग टूट गई थी, और उसे फिर से वेल्ड कराया गया था। वेल्डिंग करने वाले मिस्त्री ने इसे फिर से टूटने का भरोसा नहीं दिया था। जांच अधिकारियों ने नाली पर जाल लगवाने और गेट के लिए नया होलपास लगवाने के लिए कहा है। बीएसए डाक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट के परीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालय स्टाफ ने दी चार लाख की आर्थिक मदद
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही बच्चे का शव गांव पहुंचा परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सभी परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। गमगीन माहौल में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
घटना को देख बेहोश हो गई थी एक शिक्षिका
विद्यार्थियों ने बताया कि अचानक गेट गिरने के बाद जब अनुज गेट के नीचे दब गया, उसे देख विद्यालय की एक शिक्षिका बेहोश हो गई। दूसरी शिक्षिका प्रधानाध्यापक को बुलाकर लाई, इसके बाद गेट को हटाया गया।
एक साल से टूटा है गेट, दूसरा भी गिरासू
यहां भी है जमालपुर जैसे हादसे का डर
अकराबाद। जमालपुर जैसे हादसे की आशंका गांव भीमपुर के सरकारी विद्यालय में भी है। यहां स्कूल के गेट का एक दरवाजा एक साल पहले आंधी टूट गया था, दूसरा दरवाजा भी गिरासू हालत में है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले आंधी में स्कूल का गेट का एक दरवाजा टूट गया था। तब से वह
टूटा हुआ गेट विद्यालय परिसर में पड़ा हुआ है। दूसरा दरवाजा भी गिरासू हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां जमालपुर जैसा हादसा हो सकता है। स्कूल की चहारदीवारी भी टूटी हुई है। प्रधानाध्यापक अंजू देवी ने बताया कि वह गेट और चहारदिवारी ठीक कराने के लिए कई बार प्रधान से कह चुकी हैं। लेकिन इसे सही नहीं कराया गया है।
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मंगलवार को शाम तीन बजे छुट्टी के दौरान स्कूल का गेट गिर गया था और इसके नीचे दबकर कक्षा दो के छात्र अनुज की मौत हो गई थी। इस मामले में बीएसए ने सतीश चंद्र शर्मा खंड शिक्षा अधिकारी शहर, रामशंकर कुरील लोधा और सुबोध कुमार चंडौस की संयुक्त समिति बनाई थी। टीम जिला समन्वयक ज्ञानेंद्र गौतम के साथ बुधवार सुबह नौ बजे विद्यालय में पहुंच गई। ढाई घंटे तक विद्यालय में रहकर जांच की। इस दौरान पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बात की व उनके बयान दर्ज किए।
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गांव के प्रकाश चंद, रामस्वरूप, रवेंद्र, इंद्रपाल, सुरेश गौतम, तालेवर सिंह आदि ने बताया कि गेट के सामने नाली पर जाल नहीं है, यहां भी कोई घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिक्षकों की लापरवाही रही है। गेट को सही नहीं कराया गया, उसे रस्सी से बांधकर रोका गया था। अध्यापकों ने टीम को बताया कि गेट लगने के कुछ महीने बाद ही जोड़ की वेल्डिंग टूट गई थी, और उसे फिर से वेल्ड कराया गया था। वेल्डिंग करने वाले मिस्त्री ने इसे फिर से टूटने का भरोसा नहीं दिया था। जांच अधिकारियों ने नाली पर जाल लगवाने और गेट के लिए नया होलपास लगवाने के लिए कहा है। बीएसए डाक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट के परीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालय स्टाफ ने दी चार लाख की आर्थिक मदद
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही बच्चे का शव गांव पहुंचा परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सभी परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। गमगीन माहौल में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
घटना को देख बेहोश हो गई थी एक शिक्षिका
विद्यार्थियों ने बताया कि अचानक गेट गिरने के बाद जब अनुज गेट के नीचे दब गया, उसे देख विद्यालय की एक शिक्षिका बेहोश हो गई। दूसरी शिक्षिका प्रधानाध्यापक को बुलाकर लाई, इसके बाद गेट को हटाया गया।
एक साल से टूटा है गेट, दूसरा भी गिरासू
यहां भी है जमालपुर जैसे हादसे का डर
अकराबाद। जमालपुर जैसे हादसे की आशंका गांव भीमपुर के सरकारी विद्यालय में भी है। यहां स्कूल के गेट का एक दरवाजा एक साल पहले आंधी टूट गया था, दूसरा दरवाजा भी गिरासू हालत में है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले आंधी में स्कूल का गेट का एक दरवाजा टूट गया था। तब से वह
टूटा हुआ गेट विद्यालय परिसर में पड़ा हुआ है। दूसरा दरवाजा भी गिरासू हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां जमालपुर जैसा हादसा हो सकता है। स्कूल की चहारदीवारी भी टूटी हुई है। प्रधानाध्यापक अंजू देवी ने बताया कि वह गेट और चहारदिवारी ठीक कराने के लिए कई बार प्रधान से कह चुकी हैं। लेकिन इसे सही नहीं कराया गया है।