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Aligarh News: अलीगढ़ आने की हसरत लिए चले गए नाना पाटेकर
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नाना पाटेकर।
- फोटो : Archive
फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से शहर के संगीत और कला जगत में भी शोक की लहर है। शहर के वरिष्ठ संगीतकार व गीतकार कुमार चंद्रहास ने बताया कि नाना पाटेकर की अलीगढ़ आने की ख्वाहिश थी, लेकिन यह अधूरी रह गई।
चंद्रहास ने उनके साथ हुई मुलाकातों को याद किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि बेहद सहज, विनम्र और जिंदादिल इंसान थे। कुमार चंद्रहास ने बताया कि उनके जीवन में नाना पाटेकर से दो बार मुंबई में मुलाकात हुई।
पहली मुलाकात वर्ष 1986-87 में मुंबई के फेमस स्टूडियो में हुई थी। बातचीत के दौरान नाना पाटेकर का सहज व्यवहार उन्हें काफी प्रभावित कर गया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अभिनेता होने के बावजूद उनके व्यवहार में किसी तरह का अहंकार नहीं था।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 1991-92 में पत्नी कल्पलता चंद्रहास और बच्चे के साथ उनकी नाना पाटेकर से बीआर साउंड में दोबारा मुलाकात हुई। यह मुलाकात उनके भांजे साउंड इंजीनियर बीके चतुर्वेदी ने कराई थी। उस दौरान नाना पाटेकर ने उनके बच्चे को गोद में लेकर खूब दुलार किया।
चंद्रहास ने बताया कि बातचीत के दौरान नाना पाटेकर ने कहा था कि जब भी उत्तर प्रदेश के किसी शहर में शूटिंग का मौका मिलेगा, वह अलीगढ़ जरूर आएंगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी उनके साथ ही चली गई। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से फिल्म और कला क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।
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चंद्रहास ने उनके साथ हुई मुलाकातों को याद किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि बेहद सहज, विनम्र और जिंदादिल इंसान थे। कुमार चंद्रहास ने बताया कि उनके जीवन में नाना पाटेकर से दो बार मुंबई में मुलाकात हुई।
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पहली मुलाकात वर्ष 1986-87 में मुंबई के फेमस स्टूडियो में हुई थी। बातचीत के दौरान नाना पाटेकर का सहज व्यवहार उन्हें काफी प्रभावित कर गया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अभिनेता होने के बावजूद उनके व्यवहार में किसी तरह का अहंकार नहीं था।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 1991-92 में पत्नी कल्पलता चंद्रहास और बच्चे के साथ उनकी नाना पाटेकर से बीआर साउंड में दोबारा मुलाकात हुई। यह मुलाकात उनके भांजे साउंड इंजीनियर बीके चतुर्वेदी ने कराई थी। उस दौरान नाना पाटेकर ने उनके बच्चे को गोद में लेकर खूब दुलार किया।
चंद्रहास ने बताया कि बातचीत के दौरान नाना पाटेकर ने कहा था कि जब भी उत्तर प्रदेश के किसी शहर में शूटिंग का मौका मिलेगा, वह अलीगढ़ जरूर आएंगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी उनके साथ ही चली गई। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से फिल्म और कला क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।