फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Municipal corporation

कब्जा हटाने पर विधायक और नगर निगम टीम में नोकझोंक

Sun, 06 Oct 2019 02:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
Municipal corporation
सहायक नगर आयुक्त व एसडीएम से नगर विधायक संजीव राजा की होती नोंकझोंक। - फोटो : CITY OFFICE
थाना सासनी गेट क्षेत्र में शनिवार को एक जमीन पर अपना कब्जा होने का दावा करते हुए नगर निगम और प्रशासन की टीम उस पर हुए निर्माण को ध्वस्त करने पहुंच गई। दूसरी ओर जमीन पर काबिज होम्योपैथी के डॉक्टर बृजेश मोहन उस भूमि पर अपने स्वामित्व का दावा करते हुए कार्रवाई का विरोध करने लगे। मौके पर शहर विधायक संजीव राजा भी पहुंच गए और नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और हंगामा भी हुआ। मौके पर एक ओर शहर विधायक डॉक्टर के साथ डटे हुए हैं तो दूसरी ओर प्रशासनिक टीम भी मौके पर डटी हुई है। शाम को विधायक संजीव राजा ने फोन से नगर विकास राज्य मंत्री महेश राज गुप्ता को पूरा प्रकरण बताया। राज्यमंत्री ने अधिकारियों को ताकीद की। उन्होंने कहा कि विधायक से बात कर पूरा प्रकरण उनको बताया जाए। उनकी सहमति के बाद ही कोई कार्रवाई हो। राज्यमंत्री से बात होने के बाद नगर निगम के अधिकारी भी कुछ सुस्त पड़े तो धरना समाप्त हुआ।
विज्ञापन

आगरा रोड पर एडीए कॉलोनी के पास नगर निगम की एक जमीन पर शहर की पहली बहुमंजिला आवासीय योजना स्काई टावर का निर्माण हो रहा है। इसी टावर परिसर के एक हिस्से में बने एक मकान में डॉक्टर बृजेश मोहन का भी आवास है। डॉक्टर बृजेश मोहन का कहना है, इस जमीन की रजिस्ट्री उनके पास है। वह सभी कर भी अदा कर रहे हैं।
विज्ञापन

इस पर मालिकाना हक के सारे दस्तावेज उनके पास हैं। दूसरी ओर शनिवार को नगर निगम प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम परिसर में बने इस आवास को अवैध कब्जा बताते हुए जेसीबी और बुलडोजर सहित कब्जा मुक्त कराने के लिए पहुंच गई। सूचना पर शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक संजीव राजा भी पहुंच गए और कार्रवाई के विरोध में वहीं धरने पर बैठ गए। जब शहर विधायक ने नगर निगम अधिकारियों से जमीन के मालिकाना हक के कागज मांगे तो कोई कागज उपलब्ध नहीं हुए। मौके पर पहुंचने वालों में एसडीएम कोल रंजीत सिंह, सहायक नगर आयुक्त राज बहादुर सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय के साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी था। इस दौरान काफ ी देर तक हंगामा और नोकझोंक की स्थिति भी बनी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर विधायक ने पेशकश की 15 दिन का समय दिया जाए और दोनों पक्ष अपने कागज अधिकारियों के सम्मुख रखें। जिस का जमीन पर मालिकाना हक साबित हो, जमीन उसको दी जाए, लेकिन इसको प्रशासन और नगर निगम की टीम ने नकार दिया। नगर निगम की कार्रवाई पर बाद में डॉक्टर मोहन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने परिवार सहित आत्महत्या करने की भी चेतावनी दे डाली है। घटनास्थल पर दोनों ही पक्ष अपने अपने रुख पर अड़े हुए हैं। एहतियातन मौके पर फ ोर्स तैनात है।
शाम को विधायक संजीव राजा ने फोन से नगर विकास राज्य मंत्री महेश राज गुप्ता को पूरा प्रकरण बताया। राज्यमंत्री ने अधिकारियों को ताकीद की। उन्होंने कहा कि विधायक से बात कर पूरा प्रकरण उनको बताया जाए। उनकी सहमति के बाद ही कोई कार्रवाई हो। इस मौके पर भाजयुमो महानगर अध्यक्ष निखिल माहेश्वरी, सुबोधी स्वीटी, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ आदि धरने पर मौजूद थे। राज्यमंत्री से बात होने के बाद नगर निगम के अधिकारी भी कुछ सुस्त पड़े। विधायक की बात माने जाने के बाद ही धरना समाप्त हुआ।
....................
अधिकारियों के निर्देश पर स्काई टावर स्थित परिसर में बने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्देश मिला है, लेकिन दूसरा पक्ष उस जमीन पर अपना मालिकाना हक बताते हुए कार्रवाई का विरोध कर रहा है। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने अभद्रता और अपशब्दों का भी प्रयोग किया है। यह जांच का विषय है, पूरे मामले का परीक्षण कर जो भी तथ्य सामने आएंगे। उस के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रंजीत सिंह, एसडीएम कोल एवं उपनगर आयुक्त
.....................
दूसरा पक्ष अवैध कब्जे पर जो ग्रह कर लगाए जाने की दलील दे रहा है। उस गृह कर को निरस्त कर दिया गया है, यह जमीन सरकारी संपत्ति है। इसके सभी दस्तावेज नगर निगम के पास मौजूद हैं और यह काम शासन की मंशा के अनुरूप हो रहा है। स्मार्ट सिटी योजना के क्रम में ये काम हो रहा है, कार्रवाई का विरोध करना अनुचित है।

राजबहादुर सिंह, सहायक नगर आयुक्त
..................
यह पूरी तरह मनमानी और एकतरफ ा कार्रवाई है, पीड़ित परिवार को न कोई नोटिस दिया गया। न ही कोई चेतावनी दी गई। घर के आगे बुलडोजर और जेसीबी मशीन खड़ी कर दी गई। भयभीत किया गया डराया धमकाया गया। हमने नगर निगम से जब कागज मांगे तो कागज भी नहीं दिखाए गए, जबकि डॉक्टर ने अपने मालिकाना हक के एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। ऐसे में कैसे मान लिया जाए कि यह गैरकानूनी कब्जा है मैं इसका विरोध करता हूं।
संजीव राजा, शहर विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed