मां को जिंदा देख रह गए दंग: शव पहचाना, कराया पोस्टमार्टम, लाश लेकर घर पहुंचे तो दरवाजे पर उनको जिंदा पाया
मालगाड़ी की चपेट में आकर मरी महिला को मां के रूप में पहचाना। पोस्टमार्टम कराकर शव लेकर घर पहुंचे तो देखकर दंग रह गए। घर पर मां जिंदा मिली। शव को वापस किया गया।
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अलीगढ़ के रोरावर क्षेत्र में ट्रेन से कटकर मरी महिला के शव की पहचान एक परिवार ने अपनी मां के रूप में कर ली। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मगर जब शव लेकर अपने घर पहुंचे तो दरवाजे पर अपनी जिंदा मां को देखकर उनके होश उड़ गए। उन्हें अहसास हुआ कि उन्होंने जिस शव को मां का माना था वह किसी और का है। बाद में पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देकर शव वापस किया गया।
दरअसल 7 अगस्त दोपहर करीब 12 बजे रोरावर क्षेत्र में अलदुआ मीट फैक्टरी के पास रेलवे लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आकर एक महिला की मृत्यु हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पाया कि करीब 60 वर्षीय महिला का चेहरा माथे के पास से खराब हुआ व एक आंख भी क्षतिग्रस्त हो गई। मगर उसके होंठ, नाक, और नीचे का हिस्सा सही था। अभी पुलिस पहचान के प्रयास कर रही थी।
तभी मूल रूप से शाहपुर मडराक हाल नगला अनार भुजपुरा की जमीला व उसके भाई बबलू ने आकर शव को अपनी मां मीना का बताया। इस परिवार ने बताया कि उनकी मां भी सुबह घर से निकल गई। वह कई बार इसी तरह निकल जाती रही है। इस पर परिवार के सहयोग में आए गांव व मोहल्ले के पंचों की मदद से पंचायतनामा की प्रक्रिया कराई गई। साथ में गांव शाहपुर में दफन के लिए कब्र भी खुदवा दी गई। मगर शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव पहले जब नगला अनार पहुंचे तो वहां घर में बबलू व जमीला की मां मीना मिल गई।
वह रोते बिलखते अपने परिवार वालों से पूछने लगी कि क्या हुआ है। मां को जिंदा देख परिजन दंग रह गए। अन्य लोग भी भौंचक्के थे।। आनन- फानन ग्राम प्रधान की मदद से रोरावर पुलिस को पूरा वाकया बताया। इस जानकारी पर पुलिस के भी होश उड़ गए। वापस पुलिस ने महिला के शव को फिर कब्जे में लिया। यह शव किसका है। यह महिला कहां की रहने वाली है इन सवालों का जवाब तलाशा जा रहा है।
प्रकरण में परिवार के पहचाने जाने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। अब जो भी नियमानुसार तय होगा, वही निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल शव वापस करा दिया गया है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
विलाप करते हुए पहचाना था मां को
एसएचओ रोरावर विजय सिंह के अनुसार पुलिस जब जांच व पहचान के प्रयास कर रही थी। तभी जमीला वहां अपने भाई संग आई थी। कद काठी को देखकर शव को पहचानते हुए विलाप शुरू कर दिया था। हालांकि चेहरा खराब हो गया था। मगर परिवार के कहने पर पुलिस को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करनी पड़ी।