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एंबुलेंस से चिता तक ले गए मां का शव, फिर दी मुखाग्नि

Mon, 11 May 2020 01:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 01:30 AM IST
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Mother's body taken from ambulance to funeral pyre, then burnt
कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत के बाद नुमाइश श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोग। - फोटो : CITY OFFICE
कोरोना वायरस के संक्रमण से मरी महिला के शव को बेटों ने एंबुलेंस से निकालकर चिता तक पहुंचाया। आंधी और तूफान के बीच मुखाग्नि देकर अपनी मां की शव का अंतिम संस्कार किया।
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मदर्स डे के दिन एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे देखने वाले लोग अंदर तक हिल गए। कैलाश गली देहली गेट क्षेत्र की महिला की शनिवार को सुबह जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थी। बहुत सारी प्रक्रिया के बाद करीब 14 घंटे बाद शव को नुमाइश मैदान स्थित मुक्तिधाम भेजा गया। उस समय तेज आंधी चल रही थी। गरीब महिला के बेटों के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे तक नहीं थे।
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मानव उपकार संस्था द्वारा अंतिम संस्कार के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए। मृतक के दो बेटों ने पीपीई किट पहनकर मां के शव को एंबुलेंस से चिता तक ले गए और मुखाग्नि देकर शव का अंतिम संस्कार किया। इस कार्य में मानव उपकार संस्था के अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी एवं उनके टीम के सदस्यों के अतिरिक्त थाना देहली गेट के एसएसआई मोहम्मद अकरम, आईटीआई के चौकी प्रभारी अमित राना का उल्लेखनीय योगदान रहा। मोहम्मद अकरम तो रोजा रखने के बावजूद वहां मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा ने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को बॉडी दी जा सकती है। मॉस्क, दस्ताने व पीपीई किट आदि पहनने होते हैं।
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अंतिम संस्कार के पहले एवं बाद में किया गया मुक्तिधाम को सैनिटाइज
नुमाइश मैदान स्थित मुक्तिधाम को महिला के अंतिम संस्कार के पहले और बाद में सैनिटाइज किया गया। दरअसल मृतक के दोनो बेटे मुक्तिधाम पहुंच गए थे। जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लोग उन्हें बुला रहे थे। उनके पास गाड़ी नहीं थी। मुक्ति धाम से जेएन मेडिकल कॉलेज तक जाने के लिए बाइक या कोई अन्य साधन नहीं था। लोग अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले जाने पर संक्रमण का खतरा महसूस कर रहे थे। इसकी वजह से शव आने में काफी विलंब भी हुआ। इस दौरान मुक्तिधाम में आने वाले शवों को बाहर ही रोक दिया गया। जब काफी विलंब हुआ तो कुछ शवों का अंतिम संस्कार किया गया। महिला का शव पहुंचने के समय आंधी-तूफान के कारण भी परेशानी हुई।
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