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दहेज हत्या में सास-ननद को दस-दस साल की कैद
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एडीजे-प्रथम शाहिद रजा की अदालत से दहेज हत्या के दोे दोषियों को दस-दस वर्ष कैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने यह फैसला सोमवार को मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार 3 जून 2017 को छर्रा में रेशमा पुत्री अनवर को ससुराल में मारपीट कर व जला दिया गया था। मामले में मृत महिला के चाचा छोटे की ओर से पति सहित छह ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें आरोप था कि एक वर्ष पूर्व रेशमा की शादी हुई और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी क्रम में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर उसे जला दिया गया। 90 फीसद जली अवस्था में रेशमा को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां मृत्यु से पहले उपचार के दौरान रेशमा ने जो बयान दिया, उसमें अपनी सास अजिया व ननद नगीना पर आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने विवेचना में पति सहित अन्य ससुरालियों के नाम निकाल दिए थे और अजिया व नगीना के खिलाफ चार्जशीट दायर की। मुकदमे में साक्ष्यों व गवाही के अलावा मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार 3 जून 2017 को छर्रा में रेशमा पुत्री अनवर को ससुराल में मारपीट कर व जला दिया गया था। मामले में मृत महिला के चाचा छोटे की ओर से पति सहित छह ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें आरोप था कि एक वर्ष पूर्व रेशमा की शादी हुई और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी क्रम में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर उसे जला दिया गया। 90 फीसद जली अवस्था में रेशमा को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां मृत्यु से पहले उपचार के दौरान रेशमा ने जो बयान दिया, उसमें अपनी सास अजिया व ननद नगीना पर आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने विवेचना में पति सहित अन्य ससुरालियों के नाम निकाल दिए थे और अजिया व नगीना के खिलाफ चार्जशीट दायर की। मुकदमे में साक्ष्यों व गवाही के अलावा मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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