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अलीगढ़ : तापमान के साथ ही बढ़ने लगा मच्छरों का प्रकोप
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पिछले दो साल से लोग कोरोना महामारी से जूझकर निकले हैं। अब मच्छरों से अपनी रक्षा करने का वक्त आ गया है। तापमान बढ़ने के साथ ही महानगर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे बचाव जरूरी है अन्यथा महामारी के काल में ये मच्छर नई मुसीबत पैदा करेंगे।
बीते वर्ष में सरकारी रिकार्ड में डेंगू के 1407 एवं मलेरिया के 198 केस दर्ज किए गए हैं। जबकि वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक होने का अनुमान है। बुखार से लोगों की मौत भी हुई थी। पड़ोसी जनपद मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद आदि में काफी संख्या में बच्चों की मौत बुखार से हुई थी। मासूम बच्चों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था।
महानगर में मच्छरों के लिए परिस्थितियां अनुकूल
नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग लाख दावा कर लें लेकिन शहर में मच्छरों के पनपने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। शहर के एक बड़े क्षेत्र के लिए जलभराव स्थायी समस्या है। नालियों की नियमित एवं ठीक से सफाई नहीं होने के कारण गली-मोहल्लों एवं सड़कों पर जलभराव होता है। है। मलिन बस्तियों की स्थिति और खराब है। मच्छरों के पनपने का एक बड़ा कारण यह भी है।
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नगर निगम कर रहा इंतजाम
अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि मच्छरों से बचाव का अभियान जुलाई में शुरू होता है। इस बार अप्रैल में अभियान एवं जन जागरूकता अभियान शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को 250 सफाई कर्मचारी उपलब्ध करा दिए गए हैं। जल्द ही महानगर में नालों की सफाई का अभियान शुरू होने जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ का कहना है कि तापमान बढ़ने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस बार एक अप्रैल से ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू होने की सूचना मिल रही है। सभी पीएचसी एवं आशाओं को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि मच्छर को लेकर भी लोगों को जागरूक करें।
मच्छरों से होती हैं ये बीमारियां
मच्छर के काटने से मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि बीमारियां होती हैं। जनपद में मलेरिया एवं डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं।
ऐसे करें बचाव
- घर के आसपास मच्छरों को पनपने की संभावना को खत्म करें।
- पानी के बर्तनों को ढककर रखें, मच्छर पानी में अंडे देते हैं।
- बर्तनों, गमले आदि के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें।
- हैंडपंप के आसपास पानी निकालने के लिए नालियां बना दें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- पानी के नादों को नियमित रूप से खाली करें और मवेशियों के रहने के स्थान को साफ करें।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
- मच्छरों को मारने एवं बचाव से संबंधित चीजों का इस्तेमाल।
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बीते वर्ष में सरकारी रिकार्ड में डेंगू के 1407 एवं मलेरिया के 198 केस दर्ज किए गए हैं। जबकि वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक होने का अनुमान है। बुखार से लोगों की मौत भी हुई थी। पड़ोसी जनपद मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद आदि में काफी संख्या में बच्चों की मौत बुखार से हुई थी। मासूम बच्चों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था।
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महानगर में मच्छरों के लिए परिस्थितियां अनुकूल
नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग लाख दावा कर लें लेकिन शहर में मच्छरों के पनपने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। शहर के एक बड़े क्षेत्र के लिए जलभराव स्थायी समस्या है। नालियों की नियमित एवं ठीक से सफाई नहीं होने के कारण गली-मोहल्लों एवं सड़कों पर जलभराव होता है। है। मलिन बस्तियों की स्थिति और खराब है। मच्छरों के पनपने का एक बड़ा कारण यह भी है।
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नगर निगम कर रहा इंतजाम
अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि मच्छरों से बचाव का अभियान जुलाई में शुरू होता है। इस बार अप्रैल में अभियान एवं जन जागरूकता अभियान शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को 250 सफाई कर्मचारी उपलब्ध करा दिए गए हैं। जल्द ही महानगर में नालों की सफाई का अभियान शुरू होने जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ का कहना है कि तापमान बढ़ने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस बार एक अप्रैल से ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू होने की सूचना मिल रही है। सभी पीएचसी एवं आशाओं को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि मच्छर को लेकर भी लोगों को जागरूक करें।
मच्छरों से होती हैं ये बीमारियां
मच्छर के काटने से मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि बीमारियां होती हैं। जनपद में मलेरिया एवं डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं।
ऐसे करें बचाव
- घर के आसपास मच्छरों को पनपने की संभावना को खत्म करें।
- पानी के बर्तनों को ढककर रखें, मच्छर पानी में अंडे देते हैं।
- बर्तनों, गमले आदि के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें।
- हैंडपंप के आसपास पानी निकालने के लिए नालियां बना दें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- पानी के नादों को नियमित रूप से खाली करें और मवेशियों के रहने के स्थान को साफ करें।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
- मच्छरों को मारने एवं बचाव से संबंधित चीजों का इस्तेमाल।