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Aligarh News: कटखने हो रहे बंदर, दो महिलाओं को काटा, हाथों में डंडे-पत्थर लेकर निकल रहे लोग

Tue, 06 Aug 2024 05:32 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Updated Tue, 06 Aug 2024 05:32 AM IST
सार

अनीता देवी अपने घर के दरवाजे पर खड़ी थीं। अचानक दो बंदर घुड़की देते हुए उनके पास पहुंचे और दातों से हाथ में काट लिया। इस पर वह खूब जोर लगाकर चीखीं तो लोग दौड़ पड़े। वहीं उनके चीखने पर कटखने बंदर भाग निकले।

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Monkeys attacked two women in their homes and enclosures and bit them
घायल घायल अनीता यादव - फोटो : संवाद

विस्तार

4 अगस्त की शाम मोहल्ला यादवान में एक घर और एक घेर में अकेली महिलाओं पर बंदरों ने हमला बोला। दोनों को काटकर घायल कर दिया। निजी डॉक्टरों के पास परिजनों ने उनका इलाज करवाया।

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मोहल्ला यादवान निवासी अनीता देवी पत्नी बिहारीलाल यादव अपने घर के दरवाजे पर खड़ी थीं। अचानक दो बंदर घुड़की देते हुए उनके पास पहुंचे और दातों से हाथ में काट लिया। इस पर वह खूब जोर लगाकर चीखीं तो लोग दौड़ पड़े। वहीं उनके चीखने पर कटखने बंदर भाग निकले। इसके कुछ देर बाद ही इसी मोहल्ले में कमलेश यादव पत्नी ओमवीर यादव पर एक बंदर ने हमला कर दिया।वह अपने घेर में बैठी थीं। अचानक एक बंदर ने पीछे से दबे पांव पहुंचा और उनके हाथ में काटकर भाग निकला। दोनों महिलाओं का उनके परिवार वालों ने निजी डॉक्टर के पास इलाज करवाया।
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कटखने हो रहे बंदर, लगातार कर रहे हमला
विजयगढ़ कस्बे और आसपास के गांवों में बंदर लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं। इनमें कुछ कटखने हो गए हैं जो अकेले ही नहीं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी हमला करने लगे हैं। अभी 30 जुलाई को मोहल्ला जाटवान निवासी रानी पर मुख्य बाजार में एक बंदर ने हमला कर दिया था। उनकी पीठ पर काटने के साथ ही पंजों से शरीर में कई जगह नोचा था। चार जून को गांव नगला सुक्खा निवासी उर्मिला देवी छत पर गीले कपड़े डालने गई थी तभी बंदरों ने उस पर हमला कर दिया था। बंदरों से बचने में भागी महिला छत से नीचे हैंडपंप के ऊपर गिर पड़ी थी। इससे वह घायल हो गई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
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हाथों में डंडे-पत्थर लेकर निकल रहे लोग
कस्बे के बाहर और मोहल्लों में खाली पड़े स्थानों की ओर जाते समय लोग हाथों में डंडे-पत्थर लेकर चल रहे हैं, ताकि बंदरों के अचानक हमले पर बच सकें। लोगों के अनुसार खाली स्थानों पर झुंड के झुंड बंदर मौजूद रहते हैं। यह बंदर सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों के टिफिन तक छीन लेते हैं।

मेरी मिठाई की दुकान है। लोहे की जाली लगा रखी है, फिर भी जरा सी नजर चूकने पर बंदर दुकान में घुसकर नुकसान कर जाते हैं। नगर पंचायत जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाए। -विवेक कुमार वार्ष्णेय उर्फ पिंकी।
बंदरों का खौफ हर गली-मोहल्ले में है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन बंदर किसी पर आक्रमण न करें। प्रतिदिन बंदर परेशान कर रहे हैं। इनसे जल्द निजात दिलाई जाए। -कान्हा चौबे।
दरवाजा थोड़ा भी खुला रह जाए तो घर में घुसकर बंदर सामान नष्ट करते हैं। सुबह बंदरों का झुंड गली-मोहल्ले में दिखाई देता है। बिना डंडे के कोई सुबह निकल नहीं सकता। -विमलेश देवी।


 बंदर कटखने हो रहे हैं। कोई सामान लेकर जा रहा हो तो उस पर हमला कर देते हैं। सुबह बच्चे स्कूल जाते हैं तो उन्हें गिराकर टिफिन छीन लेते हैं। पता नहीं कब इनसे पीछा छूटेगा। -मीरा देवी, अग्रवालान।

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