पुलिस भर्ती: री-मेडिकल में मांगे जा रहे दो लाख रुपये, भर्ती प्रक्रिया के बीच ऑडियो वायरल, जांच शुरू
न तो अधिकारी न ही अमर उजाला ऑडियो के आरोपों की पुष्टि करता है, लेकिन स्वास्थ्य अपर निदेशक ने वायरल ऑडियो की जांच शुरू करा दी है।
विस्तार
यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती के मेडिकल फिटनेस सत्यापन में फेल हुए अभ्यर्थियों से री-मेडिकल के नाम पर दो लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। यह तथ्य एक वायरल ऑडियो में सामने आया है। हालांकि न तो अधिकारी न ही अमर उजाला ऑडियो के आरोपों की पुष्टि करता है, लेकिन स्वास्थ्य अपर निदेशक ने वायरल ऑडियो की जांच शुरू करा दी है।
एक ऑडियो सोमवार को वायरल हुआ है। जिसमें बताया जा रहा है कि मेडिकल फिटनेस सत्यापन में फेल हुए अभ्यर्थी का रिश्तेदार मंडल स्तर पर री-मेडिकल यानी हेडी हेल्थ के यहां गठित बोर्ड में अपील में गया है। ऑडियो के अनुसार उसमें एक एडी हेल्थ कार्यालय का कर्मचारी उस अभ्यर्थी के रिश्तेदार से बात कर रहा है। बातचीत में वह सीधे सीधे कह रहा है कि दो लाख रुपये खर्च होंगे। आपका काम हो जाएगा।
अभ्यर्थी का रिश्तेदार कह रहा है कि मामूली से प्वाइंट पर उसे जिला स्तर के बोर्ड ने फेल किया है। इसके इतने रुपये नहीं कुछ कम करा दो। इस पर कर्मचारी बताया जा रहा व्यक्ति कह रहा है कि तीन-चार दिन पहले भी काम कराया है। इसके बाद रिश्तेदार यह कहकर चला जाता है कि ठीक है रुपयों का इंतजाम करता हूं। काम तो हो जाएगा। कर्मचारी हामी भरता है।
ऑडियो सत्य नहीं लग रहा। आवाज स्पष्ट नहीं है, न हमारे कर्मचारी की लग रही है। कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस व एलआईयू का भी सहयोग रहता है। फिर भी वायरल हुए ऑडियो की जांच कराई जा रही है। अगर कोई इसमें संलिप्त पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजेश कटियार, अपर निदेशक स्वास्थ्य
अब तक ये प्रक्रिया
-1800 अभ्यर्थी जिले के इस प्रक्रिया से गुजर रहे
-22 तारीख से चल रही मेडिकल सत्यापन प्रक्रिया
-60-70 अभ्यर्थी प्रतिदिन सत्यापन कराने बुलाए जाते
-6-7 अभ्यर्थी प्रतिदिन इस सत्यापन में फेल होते है
-80 अभ्यर्थियों ने फेल होने पर अब तक अपील की है
ये है मेडिकल प्रक्रिया
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती चयन प्रक्रिया अंतिम चरण (मेडिकल फिटनेस सत्यापन) में चल रही है। इसके लिए सीएमओ ने जिला स्तर पर चार चिकित्सकों की टीम बनाई है। यह टीम पुलिस लाइन में सत्यापन करती है। उसमें फेल होने वाले अभ्यर्थी मंडल स्तर पर एडी हेल्थ के दीनदयाल अस्पताल कार्यालय में मंडलीय कार्यालय में अपील करते हैं। वहां मंडल की टीम री-मेडिकल में उन्हें पास या फेल करती है। वह निर्णय मान्य होता है।