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सावधान: दुकान से खरीदा है मोबाइल, कहीं चोरी का तो नहीं, साइबर ठग दुकानों पर बेच रहे चोरी के नए मोबाइल

Thu, 10 Apr 2025 05:27 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 10 Apr 2025 05:27 PM IST
सार

अगर आप दुकान पर नया मोबाइल खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं, जो मोबाइल आप खरीद रहे हैं, वह चोरी का नया मोबाइल हो सकता है। ग्राहक के पास मोबाइल की रसीद व दुकान से मोबाइल खरीदने के साक्ष्य होने जरूरी हैं।

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mobile phone purchased from the shop stolen or not
मोबाइल - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

साइबर ठगों के नित नए कारनामे सामने आ रहे है। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपने नया मोबाइल दुकान से खरीदा, जिसकी आपके पास रसीद व गारंटी आदि भी है। कुछ दिन बाद आपको पता चले कि जो मोबाइल आप चला रहे हैं। वह या तो चोरी का है या साइबर ठगों द्वारा ठगी करके आप तक पहुंचाया गया है।

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जी हां, ऐसा हो रहा है। जिले की साइबर थाना टीम ऐसे ही प्रकरण में चंडीगढ़ एक ग्राहक के पास पहुंची। मगर ग्राहक के पास मोबाइल की रसीद व दुकान से मोबाइल खरीदने के साक्ष्य होने के चलते वह वापस चली आई।

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साइबर ठगों के जाल से बचने के लिए हमें हर स्तर पर सावधानी रखनी है। यही बात लगातार जागरूकता शिविरों में बताई जाती है। नित नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं। - संजीव सुमन, एसएसपी

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केस - 1

टप्पल क्षेत्र के व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से 2024 में 6 लाख रुपये पार किए गए। साइबर थाने में हुई जांच में उजागर हुआ कि इस रकम से अमेजॉन के वाउचर के जरिये दो मोबाइल व कुछ सोना खरीदा गया है। उनमें से एक मोबाइल चंडीगढ़ में चालू होने की डिटेल आई। पुलिस चंडीगढ़ पहुंची तो मोबाइल चला रहा व्यक्ति मिला। उसने नया मोबाइल चंडीगढ़ की दुकान से खरीदना स्वीकारते हुए रसीद व गारंटी कार्ड दिखाया। पुलिस उस दुकान तक पहुंची तो पता चला कि वह नए पुराने मोबाइल खरीद बिक्री का पंजीकृत दुकानदार है। उसे यह मोबाइल कोई बेच गया था। फिर पुलिस वहां के सीसीटीवी के जरिये उस मोबाइल बेचने वाले के पीछे लगी तो पंजाब का ही है, मगर वर्तमान में मध्य प्रदेश में कहीं बसा हुआ है। उसके आधार कार्ड फर्जी हैं।

केस - 2
मुजफ्फरनगर नगर पुलिस पिछले दिनों यहां एक युवक के पास आई। उस युवक से कहा गया कि आप जो मोबाइल चला रहे हो, वह ठगी की रकम से खरीदा गया है। युवक ने खुद अपने पास मोबाइल खरीदने का बिल, गारंटी कार्ड आदि दिखाया। दुकान का पता बताया। फिर पुलिस उस दुकान तक पहुंची। वहां से पता चला कि दुकानदार ने ये मोबाइल दिल्ली की किसी थोक की दुकान से खरीदा है। जांच में उजागर हुआ कि मुजफ्फरनगर के युवक के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने ठगी कर फर्जी पते पर चार मोबाइल खरीदे। बाद में उन्हें दिल्ली में बेच दिया। वहां से यह मोबाइल चलकर एक अलीगढ़ व एक बरेली में पहुंचा है।
 

बोले साइबर विशेषज्ञ

एसएचओ साइबर थाना सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि साइबर ठगों का गिरोह फर्जी आधार कार्ड से सिम लेता है। उस सिम के जरिये क्रेडिट कार्ड से ठगी करता है। टेलीग्राम के जरिये अमेजॉन से वाउचर लेकर सस्ते में मोबाइल मंगाता है। फिर उन्हें कुछ माह अपने पास रखकर दिल्ली के बाजार में बेचता है। वहां से मोबाइल बाजार में ग्राहकों तक पहुंचते हैं। इसमें दुकानदार जीएसटी चोरी का दोषी है। चूंकि वाउचर के जरिये मोबाइल खरीदने पर उसमें मोबाइल का आईएमईआई नंबर होता है। इसलिए हम ग्राहक तक पहुंच जाते हैं। इसलिए मोबाइल खरीदते समय जरूरत अधिकृत दुकान से खरीदने की है।

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