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Aligarh News: तिरंगा यात्रा को नहीं मिली अनुमति, पुरानी पेंशन को लेकर शिक्षकों ने नुमाइश मैदान में दिया धरना

Thu, 19 Jan 2023 09:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 19 Jan 2023 09:00 AM IST
सार

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पुरानी पेंशन की मांग और जबरन नई पेंशन स्कीम में कटौती के विरोध में तिरंगा यात्रा को अनुमति नहीं मिली। शिक्षकों ने नुमाईश मैदान में ही धरना दे दिया।

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Tiranga Yatr not allowed teachers protested regarding old pension
नुमाइश ग्राउंड में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले तिरंगा यात्रा को पुलिस ने अनुमति नहीं दी। जिलाध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि विधायक व सांसद अपना वेतन, भत्ता बढ़ाएं, लेकिन उन्हें शिक्षक व कर्मचारियों की चिंता नहीं है। सराय सुल्तानी में उपद्रव का हवाला देकर पुलिस ने शिक्षकों को आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान उनसे नोकझोंक भी हो गई। गुस्साए शिक्षकों ने नुमाइश मैदान में धरना दे दिया।

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उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर पुरानी पेंशन की मांग और जबरन नई पेंशन स्कीम में कटौती के विरोध में नुमाइश मैदान के गांधी चौक पर शिक्षक एकत्र हुए। तिरंगा यात्रा नुमाइश मैदान से सड़क पर आ गई, लेकिन उसे आगे नहीं जाने दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि धारा 144 लागू है। इससे माहौल गड़बड़ हो सकता है। उनके अनुरोध पर शिक्षकों ने धरना दे दिया।
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जिलाध्यक्ष व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बुढ़ापे की लाठी होती है। यदि शिक्षक और कर्मचारियों तो पुरानी पेंशन नहीं मिलेगी, तो वह कैसे अपना जीवनयापन करेंगे। सरकार निरंकुश हो गई है। विधायक और सांसद विधानसभा और संसद भवन में बैठकर अपना वेतन और भत्ते खुद पास करके चाहे, जब बढ़ा लेते हैं, लेकिन उनको शिक्षक और कर्मचारियों के भविष्य की चिंता नहीं है।
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वर्ष 2024 में शिक्षक व कर्मचारी उसी सरकार को चुनेंगे, जो पुरानी पेंशन देगी। यदि सरकार नहीं झुकी तो विधानसभाओं और संसद भवन को घेरा जाएगा और सभी कर्मचारी तथा शिक्षक सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। जिला महामंत्री इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जब अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था पुन: शुरू कर दी गई है, तो फिर उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं की जा रही है।


उत्तर प्रदेश सरकार को पुरानी पेंशन देनी ही होगी अन्यथा की स्थिति में कलम का सिपाही सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा। महेश चंद राजपूत ने कहा कि शिक्षकों के मूल वेतन और महंगाई भत्ता का 10 फीसदी प्रतिमाह काट लिया जाता है, लेकिन सरकार अपना धन समय पर जमा नहीं करती है। धरना स्थल पर पहुंचे बीएसए व एसीएम द्वितीय मोहम्मद अमान को ज्ञापन सौंपा गया। धरने में शिक्षक सईद त्यागी, राजेश शर्मा, विमल कुमार चौहान, एसएस यादव, अमित प्रताप सिंह, राजेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।

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