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मिस्त्री ने बदल दी दिग्गज घराने की सियासी चाल

Tue, 13 Apr 2021 01:49 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Apr 2021 01:49 AM IST
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Mistry changed the political tricks
अतरौली तहसील रोड पर बाइक बनाते हुए केपी मिस्त्री। - फोटो : CITY OFFICE
आशीष निगम
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उत्तर प्रदेश में इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का घमासान जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह की पौत्री पूर्णिमा सिंह भी इस बार मैदान में उतरने वाली हैं। अतरौली के वार्ड नंबर छह से उनका जिला पंचायत चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है, लेकिन यहां के निवर्तमान जिपं सदस्य केपी मिस्त्री पूर्णिमा खेमे के लिए बड़ी उलझन बन गए हैं। ये वही मिस्त्री हैं, जिन्होंने पूर्व चुनाव में निर्दलीय होते हुए भी 14 हजार वोट लेकर प्रतिद्वंदी को 10845 वोटों से करारी शिकस्त दी थी।
मिस्त्री के इस प्रदर्शन के कारण ही पूर्णिमा खेमा थोड़ा असहज है। इस खेमे की चाल भी बार-बार बदल रही है। इसलिए भाजपा के तीन वार्ड के प्रत्याशी उलझ गए हैं। यही नहीं, पांच अप्रैल को आने वाली भाजपा प्रत्याशियों की अंतिम सूची भी 14 अप्रैल तक के लिए आगे बढ़ा दी गई है।
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सोमवार को अमर उजाला टीम अतरौली पहुंची और तहसील रोड स्थित किराए की दुकान पर बाइक बना रहे केपी मिस्त्री से बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनता का उनको भरपूर सहयोग मिल रहा है। सभी चाहते हैं कि वह चुनाव लड़ें। इसलिए अब वह पीछे नहीं हटेंगे। वार्ड छह ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण इस बार वह अपनी पत्नी रेनू वर्मा को चुनाव लड़वाएंगे। 17 अप्रैल को वह नामांकन कराएंगेे और इस बार भी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसके आगे के कुछ सवालों के जवाब प्रस्तुत हैं।
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राजनीति में सबकुछ हो सकता है : मिस्त्री
सवाल : क्या किसी तरह से कोई दबाव बनाया गया है? पूर्णिमा खेमे की चौपाल में आपको बुलाया गया था?
जवाब : ऐसा नहीं है, मुझ पर कोई दबाव नहीं है। बाकी किसी पर हो तो कह नहीं सकता। पूर्णिमा के समर्थन में हुई चौपाल में मैं नहीं गया था।
सवाल : आप पूर्व में जयवीर सिंह के खेमे से जिला पंचायत अध्यक्ष बने उपेंद्र सिंह (उस वक्त दोनों नेता बसपाई थे) को समर्थन दे चुके हैं। अब वह भी भाजपाई हैं, तो क्या इस बार पूर्णिमा के समर्थन में जयवीर सिंह या उपेंद्र सिंह का कोई फोन आया?
जवाब : नहीं कोई फोन नहीं आया। जयवीर सिंह ने हमेशा मुझे छोटे भाई की तरह से स्नेह दिया है।
सवाल : क्या आपको किसी झूठे केस में फंसाने का या किसी और राजनीतिक षडयंत्र का डर तो नहीं? आपकी दुकान पिछले कुछ दिनों से बंद क्यों रहती है?
जवाब : राजनीति में सब कुछ हो सकता है, इसलिए कुछ एहतियात भी बरत रहे हैं। कोरोना के कारण कभी कभी बंद कर देते हैं। बाकी मुझे डर नहीं लगता है।
सवाल : जिला पंचायत सदस्य बन कर आप कितने करोड़ के काम करा पाए, जिससे आपको दोबारा विजयी होने की संभावना दिख रही है?
जवाब : सरकारी नल, बिजली, रोड और दूसरे विकास कार्य हुए। लगभग दस करोड़ रुपये के काम हुए होंगे।
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