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जातीय भेदभाव मिटाकर समरस और समर्थ समाज का निर्माण जरूरी : देवजी रावत
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विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित गोष्ठी में मौजूद संगठन के पदाधिकारी व अतिथि स्रोत स्वयं
विश्व हिंदू परिषद की गोष्ठी में सामाजिक एकता के साथ आर्थिक स्वावलंबन पर जोर, युवाओं को हुनरमंद बनाने की बनेगी योजना
अलीगढ़। जातीय भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर समरस, संगठित और समर्थ समाज का निर्माण करना समय की आवश्यकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान सम्मान, अवसर और न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए सामाजिक समरसता को केवल विचार तक सीमित न रखकर व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। यह बात विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय समरसता प्रमुख देवजी रावत ने द्वारिकापुरी स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय में आयोजित समरसता गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि सामाजिक विषमता को दूर करने के लिए आपसी सद्भाव, संवाद और जनजागरण जरूरी है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही सामाजिक एकता मजबूत होगी। विश्व हिंदू परिषद पिछले करीब 60 वर्षों से छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयास कर रही है। उत्तर प्रदेश सहित देशभर में समरसता से जुड़े आयोजनों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना है।
गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा समरसता का संदेश
देवजी रावत ने बताया कि 20 फरवरी को माघ पूर्णिमा के अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती तहसील स्तर से लेकर गांव-गांव तक मनाने की योजना है। इसके साथ ही भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और महर्षि भगवान वाल्मीकि की जयंती के आयोजनों के माध्यम से समानता, बंधुत्व और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
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कम शिक्षित युवाओं को प्रशिक्षण देकर बनाएंगे आत्मनिर्भर
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के प्रयासों में आर्थिक स्वावलंबन भी महत्वपूर्ण है। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के युवाओं को कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाने पर जोर दिया जाएगा। कम शिक्षित और बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और उन्नति के समान अवसर उपलब्ध कराना ही समरस एवं समर्थ समाज की आधारशिला है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। कार्यक्रम के संयोजक हरिगढ़ महानगर समरसता प्रमुख प्रियव्रत मिश्र रहे। इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री मुकेश राजपूत, प्रांत समरसता प्रमुख आलोक याग्निक, प्रांत प्रचार-प्रसार सह प्रमुख प्रतीक रघुवंशी, विभाग संगठन मंत्री उमाकांत उपाध्याय, प्रतिमा वार्ष्णेय, गीता मित्तल, सुनील, नवीन और इंद्रपाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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अलीगढ़। जातीय भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर समरस, संगठित और समर्थ समाज का निर्माण करना समय की आवश्यकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान सम्मान, अवसर और न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए सामाजिक समरसता को केवल विचार तक सीमित न रखकर व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। यह बात विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय समरसता प्रमुख देवजी रावत ने द्वारिकापुरी स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय में आयोजित समरसता गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि सामाजिक विषमता को दूर करने के लिए आपसी सद्भाव, संवाद और जनजागरण जरूरी है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही सामाजिक एकता मजबूत होगी। विश्व हिंदू परिषद पिछले करीब 60 वर्षों से छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयास कर रही है। उत्तर प्रदेश सहित देशभर में समरसता से जुड़े आयोजनों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना है।
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गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा समरसता का संदेश
देवजी रावत ने बताया कि 20 फरवरी को माघ पूर्णिमा के अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती तहसील स्तर से लेकर गांव-गांव तक मनाने की योजना है। इसके साथ ही भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और महर्षि भगवान वाल्मीकि की जयंती के आयोजनों के माध्यम से समानता, बंधुत्व और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
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कम शिक्षित युवाओं को प्रशिक्षण देकर बनाएंगे आत्मनिर्भर
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के प्रयासों में आर्थिक स्वावलंबन भी महत्वपूर्ण है। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के युवाओं को कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाने पर जोर दिया जाएगा। कम शिक्षित और बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और उन्नति के समान अवसर उपलब्ध कराना ही समरस एवं समर्थ समाज की आधारशिला है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। कार्यक्रम के संयोजक हरिगढ़ महानगर समरसता प्रमुख प्रियव्रत मिश्र रहे। इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री मुकेश राजपूत, प्रांत समरसता प्रमुख आलोक याग्निक, प्रांत प्रचार-प्रसार सह प्रमुख प्रतीक रघुवंशी, विभाग संगठन मंत्री उमाकांत उपाध्याय, प्रतिमा वार्ष्णेय, गीता मित्तल, सुनील, नवीन और इंद्रपाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।