फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Massacre in district hospital on patient's death

मरीज की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा

Sun, 28 May 2017 01:26 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Sun, 28 May 2017 01:26 AM IST
विज्ञापन
Massacre in district hospital on patient's death
हंगामे के बाद वार्ता करते विधायक संजीव राजा,महापौर शकुंतला भारती व सिटी मजिस्ट्रेट। - फोटो : अमर उजाला
मलखान सिंह जिला अस्पताल में मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। उन्होंने डॉक्टरों पर मरीज की उपेक्षा और तीमारदारों से अभद्रता करने का आरोप लगाया। मौके पर महापौर शकुंतला भारती सहित भाजपा के नेता पहुंचे। करीब दो घंटे तक इमरजेंसी में हंगामा चलता रहा और इस दौरान चिकित्सा कार्य ठप रहा। बाद में पूरे मामले की शिकायत भाजपा नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से की, जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने पूरे प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


नौरंगाबाद के शास्त्री नगर निवासी 65 वर्षीय कांति प्रसाद की तबीयत शनिवार सुबह करीब नौ बजे खराब हुई थी। बेटा पवन कुमार शर्मा और उनकी बहन संतोष कुमार उनको लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। दी गई तहरीर में आरोप है कि इमरजेंसी में उस समय कोई भी डॉक्टर नहीं था। परिजनों के मुताबिक इमरजेंसी में उनसे कह दिया गया कि किसी प्राइवेट डाक्टर के यहां ले जाओ। इधर-उधर भाग दौड़ करने के बाद एक कंपाउंडर टाइप का आदमी आया और कांति प्रसाद को इंजेक्शन लगा दिया।
विज्ञापन


इंजेक्शन लगाने के करीब एक घंटे बाद कांति प्रसाद की मौत हो गई है। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों का इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा काटा। सूचना मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ , प्रदीप पेंटर, निखिल महेश्वरी आदि भाजपा नेता पहुंच गए। बाद में सूचना पर महापौर शकुंतला भारती भी पहुंच गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपाइयों ने पूरे मामले को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट से बात की और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। पवन कुमार  की तहरीर पर सिटी मजिस्ट्रेट ने थाना बन्नादेवी को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए। दूसरी और रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई को लेकर अस्पताल के डॉक्टरों में रोष है। उनका कहना है कि इस तरह मरीजों का इलाज करने में उन्हें बेहद असुविधा होगी।


‘जिस वक्त मरीज को अस्पताल लाया गया उसकी हालत बहुत गंभीर थी। डॉक्टर पुंडीर की ड्यूटी थी लेकिन उनके स्थान पर डॉक्टर राजेंद्र वार्ष्णेय मरीजों को देख रहे थे। परिजनों को बता दिया गया था कि हालत गंभीर है। इसके बाद इलाज भी किया गया लेकिन मरीज को बचाया नहीं जा सका। मरीज की मौत के बाद एक तीमारदार ने कहा कि विधायक जी से बात कर लीजिए। ड्यूटी पर मौजूद फार्मेसिस्ट उस समय एक मरीज का इलाज कर रहा था। उसने बात करने से इंकार कर दिया संभवता इससे ही विधायक जी बुरा मान गए और फिर मामला तूल पकड़ गया। इसके बाद ही सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्यवाही हुई है। जिस मरीज की मौत हुई है उसका पोस्टमार्टम भी कराया गया है। रिपोर्ट दर्ज होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
-डॉ. हीरा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मलखान सिंह जिला अस्पताल 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed